रविवार, 16 मई 2021

Inspiring short stories with Moral in hindi

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Inspiring short stories with Moral in Hindi

एक बार एक बहुत बड़ा नेता एक साधू के छोटे से आश्रम में गया, बात बहुत पुरानी है क्योंकि आज कल अच्छे साधू होते तो है लेकिन मिलते नहीं है, साधू बहुत तेजस्वी था वह लोगों के सारे सवालो के जवाब देता था, लोग अपने जीवन की कठनाईया लेकर उस साधू के पास जाते थे,

जब नेता साधू के आश्रम के अंदर गया तो उसने देखा की साधू किसी इंसान के साथ बात कर रहे थे, नेता ने अंदर जाते ही कहा की मुझे आपसे बात करती है, साधू ने सहजता से कहा की थोड़ी देर रुकिए पहले में इनके सवालों के जवाब दे दूँ, 

नेता को बहुत गुस्सा आया और उसने कहा की आप जानते नहीं में कौन हु, साधू ने कहा की मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता आप कौन है लेकिन अगर आप चाहते है की मैं आपके सवालो के जवाब दू तो आपको थोड़ी देर इंतजार करना पड़ेगा,

अब साधू के इस जवाब से नेता को बहुत गुस्सा आया और उसने साधू को चिल्लाकर कहा की अब मैं तुझे नहीं छोडूंगा मुझे पता है तू एक पांखडी है और लोगो को लूटता है तुम ये सब ढोंग सिर्फ पैसा कमाने के लिए करते हो, इतना सब कुछ सुनने के बाद भी साधू के चहेरे पर मुस्कुराहट थी क्योंकि साधू का मतलब ही यही है की हर परिस्थितियों में समान रहे, 

The most interesting positive thinking story in hindi


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थोड़ी देर मौन रहने के बाद साधू ने नेता से हाथ जोड़कर कहा की मुझे आपसे कोई परिसानी नहीं है जो भी आपने कहा वो आपकी अपनी सोच थी और मेरी नज़र में आप एक बहुत भले इंसान है, अब इतना सुनने के बाद नेता खुश हो गया क्योंकि उसे जो सुनना था वह उसे मिल गया, नेता उछलते उछलते घर गया और अपने पिता को यह पूरी घटना बताई, 

पिता ने मुस्कुराते हुए कहा की साधू ने तुम्हारी तारीफ़ नहीं की क्योंकि उन्होंने वो नहीं कहा जो तुम हो उन्होंने वो कहा जो वो खुद है और तुमने भी साधू को वो नहीं कहा जो वो है तुमने भी वही कहा जो तुम खुद हो क्योंकि दुनिया हमें वैसी नहीं दिखती जैसी वो है दुनिया हमें वैसी दिखती है जैसे हम है,  

बस यही है मेरी जिंदगी की आज की सीख...

बुधवार, 10 फ़रवरी 2021

शांति का असली मतलब क्या है | short motivational stories in hindi with moral

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शांति का असली मतलब क्या है | short motivational stories in hindi with moral


एक बार एक बहुत बड़ी आर्ट गैलरी ने एक कांटेक्ट डिक्लेअर किया जिसमें उन्होंने कहा कि जो भी पेंटर शांति को दर्शाने वाली कोई अच्छी सी पेंटिंग बनाएगा उसे 72,80,71,000.00 इतने पैसे मिलेगे अब इस इतने पैसे को देखने के बाद सबने इस कॉन्टेस में भाग लिया। 

दुनिया के कोने कोने में से हजारों पेंटिंग कांटेक्ट में आए और वहां के जज ने उन हजारों पेंटिंग में से 100 पेंटिंग को पसंद किया और उसको अपनी आर्ट गैलरी में लगाया। 

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सब लोगों की तलास उस एक पेंटिंग पर थी जिसे आज प्राइज मिलने वाला था। प्राइज इतना बढ़ा था की वहा पर मीडिया वाले और बहुत सारे और लोग भी आए हुए थे। सबकी रूचि ये जानने में थी की वह पेंटर कौन होगा और पेंटिंग कौनसी होगी, वहा पर लगी सारी पेंटिंग देखने लायक थी।

जब जज ने विनिंग पेंटिंग को घोषित किया तब सब लोग चकित हो गए और बौखलाने लगे क्योंकि वो तस्वीर ये थी। 

शांति का असली मतलब क्या है | short motivational stories in hindi with moral

इस पेंटिग को देखकर सबको लगा की शायद इस आर्ट गैलरी से कोई गलती हो गई है क्योंकि यह पेंटिंग किसी भी एंगल से शांति को नहीं दर्शाती है। जब सब लोगो ने मिलकर जज से इस बारेमे सवाल पीछे तब जज ने कहा की...

शांति का असली मतलब क्या है | short motivational stories in hindi with moral


इस पेंटिंग में हर जगह तूफान है लेकिन उस खिड़की के पास खड़े उस बच्चे के मन में फिर भी शांति है क्योंकि शांति का सही मतलब किसी भी परिस्थिति में अंदर से शांत रहना है। 

मंगलवार, 15 दिसंबर 2020

motivational story in hindi | motivational kahani

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एक कसाई का घर था जिसमें एक चूहा, कबूतर, मुर्गा और एक बकरा रहता था। चूहा कसाई को बहुत परेशान करता था इसलिए एक बार कसाई ने सोचा कि मैं चूहादानी लेकर इस चूहे को मार डालूंगा। 

जब चूहे को यह बात पता चली तो चुहा सबसे पहले कबूतर के पास गया और कहने लगा की “कसाई मेरे लिए चूहेदानी लेने गया है और वह मुझे मार देगा", कबूतर ने बोला “यह तेरी प्रॉब्लम है यह तुम मुझे क्यों बता रहा है मुझे इससे कोई लेना देना नहीं है"

ये सुनने के बाद परेशान चूहा मुर्गे के पास गया और मुर्गे को जाकर बोलने लगा कि “आज कसाई मेरे लिए चूहादानी लेने गया है और वह मुझे मार डालेगा", मुर्गे ने भी बोला कि “इससे मेरा कोई लेना देना नहीं है इसलिए मुझे इस से दूर रखो"

आखिर परेशान होकर चूहा बकरे के पास गया और उसे गिड़गिड़ाते बोला “प्लीज मेरी मदद करो आज कसाई चूहादानी लेने गया है मुझे मारने के लिए", बकरे ने हंसते हुए बोला कि “इसमें मैं तेरी क्या मदद करू तू अपनी खुद देख ले"


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कुछ वक्त बाद कसाई चूहेदानी लेकर आया और उसने अपने घर में चूहे दाने रख दी। 

रात को अचानक खट से आवाज आए, कसाई की बीवी को लगा कि चूहा चूहादानी में फस गया है वह चूहा दानी के पास जाने वाली थी अचानक उसे सांप ने काट लिया, जब कसाई अपनी बीवी को पास के वैध (Doctor) के पास लेकर गया तो उसने उससे कहा कि अगर तुम इसे कबूतर का सूप पिलाओगे तो वापस ठीक हो जाएगी, कसाई ने अपने कबूतर का सूप बनाकर अपनी बीवी को पिला दिया। 

थोड़ी देर बाद उसकी बीवी ठीक हो गई। कसाई ने अपनी बीवी के ठीक होने की खुशी में मुर्गा काटा और खा गए। जब पड़ोसी को पता चला कि उसकी पत्नी ठीक हो गई है तो सब पार्टी मांगने घर आये और कसाई ने पार्टी में बकरा बनाया। 

कबूतर, मुर्ग़ा और बकरा तीनो चले गए, यही तीनो लोग जब चूहे को समस्या आई थी तब चूहे का साथ नही दे रहे थे। 

जब भी लोग हमारे पास आकर अपनी समस्या बताई तो उसे नज़रअंदाज़ नही करना चाहिए क्योंकि वही समस्या कल हमें भी आ सकती है। मदद ना कर पाए तो कोई बात नही लेकिन हँसना नही चाहिए क्योंकि समय का चक्र जब घूमता है तो सारे काटे हम पर ही आकर रुकते है। 

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बस यही है मेरी जिंदगी की आज की सीख...

 

शनिवार, 18 अप्रैल 2020

Motivational story for our society in Hindi

Motivational story for our society in Hindi

Motivational story for our society in Hindi

हमारे समाज में इतने रीति रिवाज है जिसकी कोई कल्पना तक नहीं कर सकता और वह सब बहुत ही अच्छे हैं लेकिन वक्त के साथ-साथ कुछ रीति रिवाज ऐसे होते हैं जो बदलना जरूरी होता है। क्योंकि इंसान वही है जो वक्त के साथ बदलता है।  

रीति रिवाज को इंसान ने बनाया था इसलिए उस पर बदलाव करने का हक भी इंसान को है। लेकिन न जाने क्यों बहुत सारे लोग आज भी कुछ ऐसे रिती रिवाज है। जिसे निभाते जा रहे हैं। आज इसी पर एक कहानी याद आई जो लिखना चाहता हु।

एक बार सर्दी के मौसम में कुछ बंदरों को एक पिंजरे में बंद कर दिया गया। उस पिंजरे के एक कोने में बहुत सारे केले थे। जब वह सारे बंदर उस पिंजरे के अंदर गए तब उनमें से किसी एक बंदर को वह केले दिखाई दिए। जैसे ही वह बंदर उस केले खाने के लिए आगे बढ़ा उसके ऊपर ठंडा पानी गिराया गया और उसके साथ साथ वहां पर जितने भी बंदर से उसके ऊपर भी वही ठंडा पानी गिराया गया। 

कुछ देर बाद एक बंदर फिर से उस केले को खाने के लिए आगे बढ़ा। जैसे ही वह बंदर आगे बढ़ा वापस उस बंदर पर और बाकी के सारे बंदरों पर पानी गिराया गया ऐसा बहुत बार चलता ही रहा। 

अब यह बात सारे बंदरो को पता चल गई थी कि अगर उनमें से किसी ने भी उस केले के पास जाने की कोशिश की तो उसके ऊपर और बाकी के सारे बंदर के ऊपर पानी गिराया जाएगा। लेकिन फिर भी एक बंदर उस केले के पास जाने की कोशिश करने लगा। उसे देखते ही बाकी के बंदर उसे पीटने लगे। 

कुछ देर बाद उसमें से एक बंदर को पिंजरे से बाहर निकाला गया और उसके बदले में दूसरा नया बंदर पिंजरे में डाला गया। जैसे ही वह नया बंदर उस पिंजरे के अंदर गया। उसकी नजर उस केले के ऊपर गई वह उस केले को खाने के लिए आगे बढ़ा। उसे आगे बढ़ता देखकर बाकी के बंदर उसे पीटने लगे। 

उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। कुछ देर बाद उनमें से वापस एक बंदर को बाहर निकाला गया और एक नए बंदर को अंदर डाला गया।  जब भी किसी नए बंदर को उस पिंजरे में डाला जाता था तब वह नया बंदर सबसे पहले उस केले के पास जाने की कोशिश करता है और उसे केले के पास जाता देखकर बाकी के सारे बंदर उसे पीटने लगते।  

जप बंदर पहले से उस पिंजरे में थे उसे पता था की बंदर को क्यों पीट रहे हैं? लेकिन जो बंदर बाद में डाले गए थे उसे कुछ भी पता नहीं था फिर भी वह उनके साथ मिलकर बंदर को पीटने लगते थे। 

एक वक्त ऐसा आया जब पिंजरे के सारे बंदर बदल दिए गए उसमें सब के सब नए बंदर थे और पुराने सारे बंदर बाहर निकल गए थे। लेकिन चौंकाने वाली बात यह थी उसमें से किसी को भी ये पता नहीं था कि अगर हम उस केले के पास जायेंगे तो हम पर ठंडा पानी गिराया जाएगा लेकिन फिर भी उनमें से कोई भी उस केले के पास नहीं जाता था और अगर कोई गलती से भी वहां पर जाने की कोशिश करता था तो बाकी के सारे बंदर उसे पीटने लगते थे।

इसे कहते हैं अंधेरे में तीर मारना। जिसके बारे में हमें कुछ पता नहीं है फिर भी हम कर रहे हैं क्योंकि पुराने लोगों ने ऐसा किया था। जैसा पुराने बंदर कर रहे थे वैसा सारे बंदर करने लगे। 

आज हमारे समाज में ऐसे बहुत सारे रिती रिवाज है जिसके बारे में हमें कुछ पता नहीं है फिर भी हम उसे निभाते जा रहे हैं। क्योंकि हमारे पूर्वजों ने उसे निभाया था। कुछ अच्छे रीति रिवाज होते हैं जिसके पीछे कोई लॉजिक होता है और उसे निभाना हमारा फर्ज है और हमारे लिए बहुत ही ज्यादा अच्छी बात है। 

लेकिन वह रीति रिवाज जो समाज में कोई मायने नहीं रखते वह हम क्यों निभाते है। आज मैं यही कहना चाहता हूं कि अगर आपके आस-पास में कोई ऐसा रीति रिवाज है जिसके पीछे कोई लॉजिक नहीं है। उसे आप निभाना कोई प्रोब्लेम नही है लेकिन अपने बच्चों को उससे दूर रखना। 

 बस यही है मेरी जिंदगी आज की सीख....

बुधवार, 15 जनवरी 2020

Motivational story for student in Hindi

Motivational story for student in Hindi 

एक लड़का था जो हर बार अपनी क्लास में top करता था, पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक उसने हमेशा अपने क्लास में top किया, उसके family वालों को लगने लगा था कि यह लड़का हमारी जिंदगी बदल देगा और पूरा गांव भी उस लड़के को देखकर सोचता था कि यह लड़का एक दिन बहुत बड़ा आदमी बनेगा, 

वह लड़का पहली कक्षा से ही बाहर hostel में रहकर पढ़ता था, इसलिए अलग-अलग बच्चों से daily कुछ नया नया सीखता था और इसी वजह से वह हमेशा जिंदगी में बहुत कुछ सीख रहा था but एक वक्त आया जब उसका समय बदल गया और ऐसा इसलिए हुआ, जिसमें उसकी बिल्कुल गलती नहीं थी because वक्त के साथ-साथ लोगों के अंदर ऐसे बदलाव होते हैं जिसकी वजह से वह अपने आप को भूल जाते हैं और कुछ ऐसा कर बैठते हैं जिसकी वजह से उसकी जिंदगी बदल जाती है,  

ऐसा सब के साथ होता है I know... यह सब आपके साथ भी हुआ होगा और मेरे साथ भी हुआ था, उस लड़के का वक्त तब बदला जब उसने कॉलेज जाना शुरु किया अब यह बात मुझे भी पता है और आप सब को भी कि कॉलेज में 90% students पढ़ने के लिए नही आते  सिर्फ और सिर्फ enjoy के लिए आते हैं और इसमें उस बच्चों की भी ज्यादातर कोई गलती नहीं है हमारे कॉलेज ही इस तरह के है,  

सब लोग पढ़ाई से ज्यादा enjoyment को महत्व देने लग जाते हैं और इसी वजह से उस बच्चे का मन पढ़ाई से निकलकर enjoyment में लग गया, धीरे-धीरे उसकी सारी knowledge जाने लगी जो उसने पिछले 12 सालों में इकट्ठा की थी, वक्त के साथ-साथ वह अपना सारा ज्ञान भूलने लगा और अपने दोस्तों के साथ मजे करने लगा, 


Motivational story for student in Hindi 




Motivational story for student in Hindi


एक दिन यह सारी बात उसके parent's को पता चल गई उसके parent's ने उसको समझाने की कोशिश की but वह वक्त ऐसा था कि उस लड़के को सिर्फ अपनी बातें सच्ची लगने लगे थी because टीनएजर में अक्सर ऐसा ही होता है हमें अपने अलावा कोई सच्चा नहीं लगता इसलिए उसने अपने parent's की बात को अनदेखा किया और अपने मजे को यूं ही बरकरार रखा, 

आखिरकार एक ऐसा वक्त भी आया जब उसे पता चला कि उसकी जिंदगी गुजर चुकी है और वह भी बर्बाद हो गई है यह सोचकर वह depression में चला गया वह अपने आप को लोगों से दूर करने लगा वह किसी से भी बात नहीं करता था और एक कमरे में बंद कर कर अपने आपको हमेशा रखने लगा था, 


Motivational story for student in Hindi 


यही बात उसके एक friend को पता चली जो उसके साथ ही पढ़ता था but क्लास में हमेशा पीछे रहता था मतलब की एवरेज था but आज एक बहुत अच्छी पोस्ट पर काम कर रहा था, जब वह दोस्त उस लड़के को मिलने गया तो उसने देखा कि वह अपने आप से हार चुका है उसे लगने लगा है कि वह अपनी life में कुछ नहीं कर सकता, उस दोस्त ने उस लड़के को ऐसी बात कही जो आज मैंने सीखे है और अभी आप लोग भी सीखेगे,

उस दोस्त ने जलती हुई आग में से एक कोयला बाहर निकाल कर मिट्टी में फेंक दिया, यह देखकर उस लड़के ने पूछा कि तुमने जलते हुए कोयले को बाहर क्यों निकाला,  तब उस दोस्त ने मिट्टी में पड़े हुए कोयले को वापस उठाया और आग में डाल दिया और डालते हुए उस हताश और निराश लड़के से कहने लगा कि इसी कोयले की तरह तुम भी वापस जल सकते हो बस यही बताना चाहता था तुम्हे,


One important thing for students


बचपन से लेकर तरुण अवस्था तक एक विद्यार्थी को यही सिखाया जाता है कि अभी पढ़ लो इसके बाद जिंदगी आसान है जब बच्चा दसवीं में आता है तब उसे कहा जाता है कि दसवीं पास कर लो इसके बाद जिंदगी आसान है।

जब वह दसवीं पास कर के 11th 12th में आता है। तब उसे कहा जाता है कि 12वीं पास कर लो इसके बाद तुम कॉलेज में चले जाओगे और कॉलेज में जिंदगी आसान है और इसलिए एक बच्चा बारवी के बाद अपना पूरा समय एन्जॉयमेंट में गुजारता है जब बच्चा कॉलेज में जाता है तब उसे कहा जाता है कि 3 साल मेहनत कर लो इसके बाद जिंदगी आसान है।

जब बच्चा 3 साल मेहनत करके। एक जॉब की तलाश में निकलता है तब उसे बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है क्योंकि सच्चाई यह थी कि बारवी तक हर इंसान की जिंदगी आसान और गोल्डन होती है और असली महेनत तो हमे उसके बाद करनी पड़ती है,

करोड़ो में से हजारों लोग ऐसे होते है जो अपनी जिंदगी में कुछ कर पाते है और आपको जानकर हैरानी होगी कि वह लोग जो जिंदगी में कुछ बन जाते है वह तब सीखना सुरु करते है जब लाखो लोग एन्जॉय करना सुरु करते है, करोड़ों में से कुछ ऐसे लोग होते हैं जो तरुण अवस्था के बाद आसपास के डिस्ट्रेक्शन को इग्नोर करके तब तक मेहनत करते हैं जब तक उसे उसकी मंजिल नहीं मिलती।


इसलिए एक विद्यार्थी को इस बात को हमेशा याद रखना चाहिए कि तरुणावस्था तक जिंदगी आसान है, और उसके बाद महेनत करनी है और वो कंसिस्टेंसी के साथ, 

बस यही थी मेरी जिंदगी  में आज की सिख....

सोमवार, 8 जुलाई 2019

motivational story in Hindi डर एक प्रेणादायक कहानी

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motivational story in Hindi डर
motivational story in Hindi डर

बहुत दिनों से मेरे पास Mobile नहीं था इसलिए एक भी story नहीं लिख पाया और ना ही अपनी बातें शेयर कर पाया लेकिन finally आज मैं एक motivational story को लेकर आपके साथ आया हु,

कहानी डर की है उस डर की.. जो डर लोगों ने हमारे mind में डाल दिया है जिसको निकालना impossible तो नहीं लेकिन कुछ हद तक मुश्किल हो चुका है उसी डर को निकालने के लिए एक छोटी सी story आपके लिए लेकर आया हूं जिसे सुनने के बाद maybe आप कुछ हद तक अपने अंदर के डर को निकाल पाओगे, 

motivational story in Hindi डर एक प्रेणादायक कहानी


एक गांव था जिसमें एक गुफा(cave) थी, जब भी उस गांव का कोई इंसान उस गुफा में जाता था तो वह वापस लौटकर नहीं आता था, यह देख कर सारे गांव वालों ने उस गुफा की और जाना छोड़ दिया और कोई भी गांव वाला उस cave के आसपास भी नहीं जाता था but फिर भी कुछ ऐसे इंसान थे जो उस गुफा के पास जाते थे और वापस लौट कर नहीं आते थे,

इन्हें में से एक दिन एक लड़का जो नोजवान(youth) था जो इन सब बातों से अनजान था, बहुत सालों पहले वह शहर में study करने चला गया था but जब अपनी पढ़ाई को खत्म करके वह गांव में रहने के लिए आया तो उसे इन सब बातों का पता चला और उसने यह बात ठान लिया कि वह उस गुफा में जरूर जाएगा, 

जब वह यह बात सारे गांव वालों को बताने के लिए गया तो सब गांव वालों ने उसे कहा कि उस cave में मत जाना वहां पर बहुत खतरा है but फिर भी उसने लोगों की बात को अनदेखा करके उस गुफा में जाने का फैसला कर लिया, 


Motivational story in Hindi for youth 


एक दिन वह उस गुफा(cave) की और बढ़ा, जैसे ही गुफा उसके सामने आए तो उसे डर लगने लगा because वह भी इंसान था और बहुत ही छोटा था दूसरों के मुकाबले, फिर भी वह आगे बढ़ने लगा, जैसे ही वह गुफा के अंदर enter हुआ और कुछ फासला तय किया तो उसके चारों और अंधेरा छा गया और उसे कुछ भी दिखाई नहीं देने लगा but फिर भी वह आगे बढ़ा, 

बहुत आगे जाने के बाद किसी ने उसे पीछे से लकड़ी से वार किया जिसकी वजह से वह जमीन पर गिर गया और जब उसकी आंख खुली तो उसने देखा कि उनके चारों ओर पैसा ही पैसा है और जहां पर वो था वह एक बहुत ही अद्भुत नगरी थी, बचपन मे cartoon में जैसे दिखाते थे वैसी ही, 

उसके आसपास कुछ लोग थे जो वह लोग थे जो उस गांव से इस गुफा की ओर आए थे जब उस boy ने सब से पूछा कि यह सब क्या है तब सब लोगों ने कहा कि जब हम लोग इस गुफा में आए  तब हम लोगों ने यह सब देखा और हमने सोच लिया कि हम वापस कभी उस गांव में नहीं जाएंगे और ना ही वहां से आने वाले किसी भी इंसान को वापस वहा जाने देगे ताकि किसी को इस जगह का पता न चले, 

ऐसी बहुत सारी घटनाएं है जिनके पीछे डर होता है कोई भी लॉजिक नहीं होता buत जब हम उस लॉजिक को ढूंढने की कोशिश करते हैं तो हम चकित हो जाते हैं, बहुत सारे ऐसे डर है जो लोग हमारे mind में डाल देते हैं जो exull में आपका डर नहीं है लेकिन लोगों का डर है जो हमें आगे बढ़ने नहीं देना चाहता,

अगर आपको ऐसे डर को खोजना है तो आप उन लोगों के पास जा कर बैठिए, जो आपका बुरा चाहते हैं जो बाहर से आपको अपना दोस्त बनाते हैं और अंदर से चाहते हैं कि आप कुछ ना बन पाए, अगर आप उनकी बातों को गहराई से समझने की कोशिश करेगे तो आपको यह पता चलेगा कि आप किस डर के साथ जी रहे थे 

इस तरह से आपके दुश्मन भी आपको काम आ जायेंगे और आपको इस डर को अंदर से निकाल देना चाहिए इस डर की बहुत सारी कहानिया आपके साथ लाता रहुगा क्योंकि डर एक नहीं है डर अनगिनत है और उन अनगिनत डरो को कहानियों के साथ हम आगे भी समझते रहेंगे, जब तक सांसे है तब तक बाते भी है,

बस यही थी मेरी जिंदगी में आज की सिख....

शुक्रवार, 26 अप्रैल 2019

निर्णय लेने से पहले अपने मन को शांत करें motivational story in hindi

निर्णय लेने से पहले अपने मन को शांत करें motivational story in hindi

motivational story in hindi
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एक रोज गौतम बुध अपने शिष्यों के साथ जा रहे थे और बीच में गौतम बुध को प्यास लगी उसने अपने एक शिष्य को कहा कि जाओ जाकर पानी लेकर आओ तब तक मैं और बाकी सारे शिष्य यहीं पर विश्राम करते हैं,

जब शिष्य पानी की तलाश करने के लिए एक गांव के पास पहुंचा तब उसने एक तालाब को देखा और उस तालाब की ओर आगे बढ़ा, जैसे ही वो तालाब के नजदीक पहुंचा तब उन्होंने देखा कि उस तालाब के आस पास बहुत सारे लोग अपने बेल को धो रहे थे कुछ स्त्रियां अपने कपड़े धो रही थी, 



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उसने सोचा कि इतना गंदा पानी में अपने गुरु जी को कैसे पिला सकता हूं इसलिए वह वापस अपने गुरु जी के पास आया और कहा कि गुरु जी वहां पर पानी बहुत गंदा था इसलिए मैं आपके लिए पानी नहीं ला सका, 

गौतम बुद्ध ने कहा कि कोई बात नहीं थोड़ी देर यहां विश्राम करते हैं उसके बाद आगे चलते हैं कुछ देर विश्राम करने के बाद गौतम बुद्ध ने उस शिष्य को पूछा कि तुमने वह गंदा तालाब कहां पर देखा था तब वह शिष्य गुरुजी और बाकी शिष्य को उस तालाब के पास जाता है

तालाब को देखकर सारे शिष्य बोलते हैं कि यह तालाब तो एकदम स्वस्थ है तब वो शिष्य कहता है कि गुरु जी जब मैं यहां पर आया था तब इस तालाब का पानी बिल्कुल गंदा था लेकिन पता नहीं अभी पानी इतना स्वच्छ कैसे हो गया, 

तब गौतम बुद्ध ने उसे कहा कि हमारा मन और यह पानी एक समान है जब पानी मे हलचल होती है तब हम पानी को नही पी सकते लेकिन जब वह पानी शांत हो जाता है तब उस पानी की सारी अशुद्धि नीचे बैठ जाती है ओर हम उस पानी को पी पाते है वैसे ही जब हमारा मन विचलित परिस्थिति में हो तब हम निर्णय तो ले पाते है लेकिन सही निर्णय लेने के लिए उसे इस पानी की भांति शांत करना पड़ता है, 

बस यही थी मेरी जिंदगी में आज की सिख....

सोमवार, 22 अप्रैल 2019

जीवन की कठिनाइयों से प्यार करना सीखें motivational story in hindi

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जीवन की कठिनाइयों से प्यार करना सीखें motivational story in hindi
जीवन की कठिनाइयों से प्यार करना सीखें 

किसी ने बहुत ही कमाल की बात की है ..............!!!!!!!

 “कामयाबी के सफ़र में मुश्किलें बहुत काम आए अगर मुसीबते ना होती तो हम कब के सो चुके होते"

एक छोटा सा बच्चा जो अपने नाना के घर कुछ दिन छुट्टियों में रुकने गया था एक दिन बच्चा नाना से सवाल पूछता है कि नाना हमें school में जो पढ़ाया जाता है कि महान लोग थे उस महान लोगों ने ऐसा क्या किया जो वह महान बन गए,

नाना ने कहा कि बेटा आज हम दोनों market जाएगे और दो छोटे-छोटे पौधे लेकर आएंगे, वह दोनों शाम को market गए और 2 पौधे लेकर आए उन पौधे में से नाना ने एक पौधा गमले में लगाया और उसे घर में रख दिया और दूसरा पौधे को बाहर धूप में लगा दिया, इसके बाद नाना जी ने पूछा उस छोटे से बच्चे से “बताओ इन दोनों में से कौन सा पौधा महान बनेगा"

उस छोटे से बच्चे ने कहा कि नाना जो पौधा हमने घर के अंदर बोया है वह पौधा महान बनेगा और बड़ा बनेगा because उस पौधे को कभी धूप नहीं लगेगी उसको कभी बारिश का सामना नहीं करना पड़ेगा उसको कभी आंधी या तूफान का सामना नहीं करना पड़ेगा,

कुछ दिन बाद बच्चा वापस अपने मम्मी पापा के घर चला गया और 1 साल के बाद वापस अपने नाना के घर आया और आते ही उसने अपने नाना से पूछा की “नाना कुछ लोग महान कैसे कहलाते हैं" नाना ने उससे कहा कि जाओ जाकर उस दो पौधे को देखकर आओ जो पौधे हमने 1 साल पहले लगाए थे,

वह बच्चा अपने घर के अंदर लगाए हुए पौधे को देखता है जो पौधा बहुत अच्छा था और वापस आकर अपने नाना से कहता है कि नाना मैंने आपसे कहा था कि यही पौधा सबसे ज्यादा महान बनेगा तब नाना ने उससे कहा कि जाओ पहले बाहर वाले पौधे को देखकर आओ वह छोटा सा बच्चा बाहर जा कर देखता है तो उसे वहां पर कोई पौधा नहीं दिखाई देता है और suddenly उसकी नजर एक बड़े से पेड़ पर जाती है,

वह बच्चा आचार्य के साथ अपने नाना के पास जाता है और अपने नाना से कहता है कि नाना ऐसा कैसे हुआ, नाना जी ने उनसे कहा कि बेटा घर के अंदर जो पौधा रहा उसकी जिंदगी में कोई परेशानी नहीं आए और जो पौधा बाहर था उसके ऊपर धूप भी आई आंधी और बारिश भी आए लेकिन वह फिर भी खड़ा रहा और महान बन गया,

मैं और आप भी हमेशा सोचते रहते हैं कि जिंदगी में कोई परेशानीया नहीं आनी चाहिए, जिंदगी में कभी कोई मुश्किल नहीं आनी चाहिए but एक बार पूरा दिन किसी सुनसान जगह पर जाकर बैठ कर इस विषय पर सोचे कि अगर आपकी जिंदगी में कोई मुसीबत नही आती है तो आप की जिंदगी कैसी होगी,

उस 1 दिन के पूरे विश्लेषण को जिंदगी भर याद रखें, तब शायद आपको अपनी जिंदगी की मुसीबतों से भी प्यार होने लग जाएगा,

बस यही थी मेरी जिंदगी में आज की सिख....

शनिवार, 20 अप्रैल 2019

अपने सामर्थ्य का दिखावा मत कीजिए motivational story

अपने सामर्थ्य का दिखावा मत कीजिए motivational story

अपने सामर्थ्य का दिखावा मत कीजिए motivational story
अपने सामर्थ्य का दिखावा मत कीजिए motivational story


एक राज्य में एक बहुत ही विद्वान पंडित रहता था एक दिन उस राज्य के राजा ने उस विद्वान पंडित को अपने यहां खाने पर invitation दिया, पंडित राजा के महल में खाना खाने के लिए गए,

खाना खाने के बाद पूरा दरबार लगा हुआ था उसमें राजा ने पंडित से एक question पूछा कि “पंडित जी आप मुझे यह बताइए कि आप इतने विद्वान है बुद्धिमान है आपके बारे में बातें करते करते लोग थकते नहीं हैं फिर आपका बेटा मूर्ख क्यों है" पूरा राजदरबार इस बात को सुनकर उस पंडित की हंसी उड़ाने लगे,

पंडित ने राजा से question किया “क्यों महाराज आप ऐसा क्यों कह रहे हैं मेरे बेटे से क्या कोई गलती हो गई" तब राजा ने कहा कि रोज में नगर की सैर करने निकलता हु तब आपका बेटा मुझे मिलता है तब मैं उनको यह question पूछता हूं की “यह बताओ कि gold ज्यादा क़ीमती है या silver और daily आपका बेटा यही जवाब देता है कि silver ज्यादा कीमती है,

इतना सब कुछ सुनने के बाद पंडित गुस्से से वहां से निकल जाता है और अपने घर जाता है घर पर जब पंडित पहुंचता है तब उनका बेटा उन्हें एक गिलास पानी देता है तो पंडित अपने बेटे से पूछता है कि “बेटे यह बताओ कि gold ज्यादा कीमती है या silver" तब उसका बेटा उत्तर देता है कि “पापा gold ज्यादा कीमती है" 

यह सुनने के बाद पंडित अपने बेटे से सवाल करता है तो फिर तुम रोज राजा को चांदी क्यों बताते हो, तब बेटे ने कहा कि “पापा जब मैं रोज school के लिए निकलता हूं तब महाराजा अपने दरबार के कुछ लोगों के साथ मिलकर वहां खुले में सभा लगाते हैं और मुझे भी वहां पर बुलाते हैं और पूछते हैं कि मेरे हाथ में एक silver का एक gold का सिक्का है इसमें से तुम्हें जो मूल्यवान लगे उसे उठाकर ले जाओ, मैं रोज एक silver का सिक्का वहां से ले लेता हूं" 

पंडित ने पूछा कि “तुम ऐसा क्यों करते हो" तब बेटे ने कहा कि “आइए पापा मैं आपको दिखाता हूं" उसके बाद बेटा उस पंडित को एक बक्सा दिखाता है जिसमें बहुत सारे silver के सिक्के भरे होते हैं बेटा उस बक्से को दिखाते हुए कहता है कि “अगर मैं राजा को सोना कीमती है ऐसा बोलता और सोना उठाकर ले आता तो आज मेरे पास इतने सारे चांदी के सिक्के नहीं होते,  

अपना जो सामर्थ्य है उस का दिखावा कभी ना करें because वक्त आएगा तब अपने आप सबके सामने आपकी ताकात और आपका सामर्थ्य आ जाएगा,

बस यही थी मेरी जिंदगी में आज की सिख....