शनिवार, 6 अक्तूबर 2018

Island की सफ़र पार्ट 15 रॉबिन्स और मूरत का मिलन

Island की सफ़र  पार्ट 15 रॉबिन्स और मूरत का मिलन



जोसेफ : अच्छा बताओ रोबिन हमें कहां पर जाना है अभी घूमने ,

रॉबिन्स : तुम बताओ मैं तो यहां पर नया हूं मुझे तो कुछ पता नहीं होगा कहां पर क्या घूमने लायक है , 

जोसेफ : अगर सच कहूं ना तो यहां पर घूमने लायक कोई चीज नहीं है , 

रॉबिन्स : ऐसा थोड़ी ना होता है कुछ ना कुछ तो जरूर होगा , सोच के देखो 

जोसेफ : सोच रहा हूं मगर कुछ याद नहीं आ रहा है ,

रॉबिन्स : अच्छा एक बात बताओ तुम्हें अपने गांव में सबसे ज्यादा कौन सी जगह पर पसंद है , 

जोसेफ : यहां पर एक मंदिर है जहां पर जाकर मुझे बहुत अच्छा लगता है ,

रॉबिन्स : मंदिर में जाकर तो सबको अच्छा लगता है क्योंकि वहां का माहौल ही ऐसा होता  मगर हमें कहीं और जाना चाहिए मंदिर फिर कभी चलेंगे , 

जोसेफ : तुम ही सोच कर बताओ ना हमें कहां जाना चाहिए ।

रॉबिन्स : ह्म्म्म्म , एक काम करते हैं हम दोनों वहां जाते हैं जहां पर मैं पहले काम करता था , 

जोसेफ : यह बहुत अच्छा सोचा तुमने वैसे भी कितने दिनों से तुम अपने दोस्त से भी नहीं मिले हो , और समंदर किनारे घूमना भी हो जायेगा क्यों ,

रॉबिन्स : जले पर नमक मत सिडको ,

जोसेफ : क्या ? मतलब 

रॉबिन्स : हमारे इंडिया में कहावत है इसका मतलब है की किसीकी दुखती नस पर वार नहीं करना चाहिए , 

जोसेफ : मैंने ऐसा क्या बोल दिया ,

रॉबिन्स : समुद्र किनारा बोल कर मुझे डरा रहे हो ना , क्यों की तुम्हे लगता है की में समंदर का नाम सुन कर डर जावुगा , 

जोसेफ : क्या तुम भी , मेरे दिमाग में वेसा कुछ नहीं था , चलो अब चलते है समंदर 😊 किनारे 

रॉबिन्स : फिर से 😢

जोसफ : ठीक माफ़ करदो  , चले अब

रॉबिन्स : ठीक है चलो ,

जोसेफ : माँ ...........

माँ : हां बोलो बेटा ,

जोसेफ : हम बहार घूमकर आते है शाम तक लौट आयेगे ,

माँ : ठीक है जाव जल्दी आ जाना ,

जोसेफ : हां , 

रॉबिन्स : चले अब 

जोसेफ : चलो ,

शुक्रवार, 14 सितंबर 2018

Island का सफ़र part 14 Robins and Joseph

Island का सफ़र part 14 Robins and Joseph


Island की सफ़र
Island का सफर  एक बहादुर बच्चे की कहानी 

वह दोनों गांव की ओर निकले और सोचा कि शायद कुछ बातें पता चले उस रात के बारे में जो रात उसने अपने खेत में गुजारी थी जब वह गांव के अंदर पहुंचे तो उन्होंने कुछ लोगों की बातें सुनी कि कल रात गांव में एक शेर आया था उन दोनों को सब कुछ पता चल गया कि आखिर कल रात ऐसा क्या हुआ था जो कुत्ते भौंक रहे थे दोनों कुछ देर के लिए उन लोगों के बातें सुनी और फिर वहां से निकल गए ,

रास्ते में उसे बहुत सारे लोग मिले बारी बारी सब से अपनी बातें शेयर करी और कल रात के बारे में कुछ जानकारियां प्राप्त करी , बहुत घूमने के बाद दोनों अपने घर की ओर बढ़े घर जाकर सोचने लगे कि क्या करें आज रात जाए या ना जाए क्योंकि अब दोनों को बहुत डर लग रहा था कि अगर आज भी कोई शेर या फिर कोई जंगली जानवर आ गया तो लेकिन वहां जाना भी बहुत जरूरी था अगर वह वहां पर नहीं जाते तो उनकी मेहनत से बनाई हुई खेती में से अच्छे उत्पादन नहीं हो सकता था वह दोनों आपस में कुछ बातें करने लगे

जोसफ : क्या आज रात में फिर से खेत में सोने जाना चाहिए

रॉबिन्स : बिल्कुल जाना चाहिए हम किसी शेर के डर से खेत में सोना नहीं बंद कर सकते क्योंकि ऐसे तो बहुत सारे लोग होंगे जो खेत में सोते होगे

जोसफ : लेकिन तुम्हें डर नहीं लगता

रॉबिन्स : डर तो बहुत लगता है लेकिन हम अगर छोटी-छोटी बातों पर डर कर अपनी खेती को नष्ट कर देंगे तो फिर उसमें से कुछ भी निकल कर नहीं आएगा

जोसफ : सच बताऊं तो मुझे बहुत डर लगता है लेकिन अपने लिए नहीं मुझे मेरी मां के लिए बहुत डर लगता है क्योंकि मेरी मां के पास मेरे अलावा और कोई भी नहीं है

रॉबिन्स: एक काम करते हैं आज से तुम वहां पर मत सोने आना आज से सिर्फ और सिर्फ मैं वहां पर सोने जवुगा , 

जोसफ : यह कैसी बातें कर रहे हो तुम तुम्हें क्या लगता है कि मैं तुम्हें अकेले जाने दूंगा

रॉबिन्स : देखो जोसेफ तुम्हारे पास तुम्हारी मां है मेरे पास ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे मुझे नुकसान हो ,

जोसफ : अच्छा इसका मतलब तुमने अभी तक हमें अपना नहीं समझा है

रॉबिन्स : नहीं दोस्त तुम गलत समझ रहे हो मेरा कहने का मतलब  कि मेरा घर जाना शायद ना हो फिर भी मुझे अफसोस नहीं रहेगा क्योंकि यहां पर बीते हुए हर पल अब मुझे अपनापन देते हैं

जोसफ : आज के बाद कभी ऐसा मत कहना कि तुम्हारे पीछे कोई नहीं है और रात को सोने हम दोनों जायेगे 

रॉबिन्स : अगर सच कहूं तो हमें डरने की कोई जरूरत ही नहीं है क्योंकि जैसे कि मैंने तुम्हें कल बताया था कि जंगली जानवर हमें तब तक नुकसान नहीं करते जब तक हम उसे कुछ नहीं करते जै तो हमें डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है हम हमने कल जैसे रात गुजारी थी वैसे ही हर रात गुजर जाएगी बस हमें थोड़ी सी सावधानी रखनी पड़ेगी , 

जोसफ : सही कहा तुमने 

रॉबिन्स : वैसे आज का क्या प्रोग्राम है  तुम्हारा

जोसफ : कुछ खास नहीं दोपहर तक सोना है उसके बाद कहीं घूमने चलते है , 

रॉबिन्स : अच्छी बात है वैसे भी मैंने कल रात ठीक से नींद नहीं करी है

जोसफ : अच्छा चलो अब हम खाना खा लेते उसके बाद आराम से सो जाएंगे , लेकिन पता नहीं मां सुबह से कहां चली गई है

            (  कुछ देर बाद मां अंदर आती है ) 

जोसफ : मां तुम कहां गई थी कुछ बता कर भी नहीं गए 

माँ : बेटा कुछ सामान लेने के लिए नगर में गई थी लेकिन वहां पर मैंने सुना कि कल रात गांव में शेर आया था

रॉबिन्स : नहीं नहीं मैं गांव वाले तो यूं ही बात करते हैं कल रात हम पूरी रात खेत खेत में थे हमने तो कुछ भी नहीं देखा

माँ : अच्छा , फिर ठीक है तुम दोनों को भूख लगी होगी चलो मैं खाना लगा देती हूं खाना खाकर कुछ देर के लिए आराम ही कर लेना कोई काम करने की अभी जरूरत नहीं है , 

जोसफ : जी हां हम भी यही सोच रहे थे जल्दी से खाना दे दो ,

माँ : अच्छा चलो ,

दोनों ने खाना खाने में बहुत देर लगाई क्योंकि कहते हैं ना कि जब इंसान भूखा होता है मेरा मतलब कि जब इंसान डरा हुआ होता है तब उसे भूख बहुत ज्यादा लगती मे इसलिए उन दोनों ने खाना बहुत ज्यादा खा लिया और यह भी आपने सुना होगा कि ज्यादा खाना खाने के बाद नींद भी बहुत अच्छी आती है इसी कारण वह दोनों इतनी गहरी नींद में सो गए कि उसकी नींद शाम को 4:00 बजे उठी ,

जब दोनों उठे तब वह एकदम कमजोर महसूस कर रहे थे क्योंकि रात को जब वह खेत में सो रहे थे तब उनके शरीर के बोर्ड इधर इधर उधर हो गया है इसलिए पूरा शरीर दुख रहा था आपने कभी महसूस किया होगा कि जब आप वेट को छोड़  धरती पर सोते हैं तो सुबह उठते ही आपका शरीर एकदम से पड़ जाता है इसी प्रकार उन दोनों का भी यही हाल हुआ था कुछ देर बाद हाथ मुंह धो कर वह दोनों नाश्ता करने ना बैठे बैठे और फिर कहां घूमने जाना है वह सोचने लगे , 


शुक्रवार, 24 अगस्त 2018

Island का सफर part 13 The lion came in the field

Island का सफर part 13 The lion came in the field 


Island का सफर part 13 मोटीवेशनल स्टोरी
Island का सफर  एक बहादुर बच्चे की कहानी 

     
हेलो दोस्तों हम बात कर रहे थे island के सफर की जिसमें नेक्स्ट टाइम हमने कुछ सस्पेंस रखा था , एक्सुल्ल में रॉबिंस और जोसेफ ने शेर की दहाड़ सुन लि थी , जैसे ही दोनों ने यह आवाज सुनी दोनों फटाक से ऊपर चढ़ गए , कुछ देर तक दोनों एकदम मोन रहे थोड़ी  देर बाद दोनो की जुबान सुरु ,

रॉबिंस : अ...........ब।

जोसेफ : अब देखते है इसके अलावा कोई दूसरा नहीं है ,

रॉबिंस : ठीक है

जोसेफ : क्या तूम्हारे पास कोई उपाय है ,

रॉबिंस : हमें किसी उपाय की जरूरत नहीं है क्योंकि जब तक हम कुछ करेगे नहीं तब तक शेर हमें कुछ नहीं करेगा ,

जोसेफ : ऐसा कहा सुना ,

रॉबिंस : मेरे गांव में , वहां पर लोग हमेशा कहते थे कि जब तक हम किशी को हैरान नहीं करते तब तक कोई भी जंगली जानवर हमें हैरान नहीं करते है ,

जोसेफ : फिर तो पूरी रात यूहीं गुजर जाएगी एक काम करो बती को ऑफ करदो ताकी वह हमारे पास ना आए ,

रॉबिंस : नहीं एशा करने की कोई जरूरत नहीं है ,

जोसेफ : क्यों ,

रॉबिंस : क्योंकि जहां उजाला होता है वहां पर अक्सर शेर नहीं आते है ,

जोसेफ : अच्छा हुआ तुम्हारे पास कितनी अच्छी जानकारियां हैं वरना पता नहीं आज क्या होता अब सुबह तक हम इसी तरह यहां पर बैठे रहेंगे ,

रॉबिंस : जी बिल्कुल लेकिन  मैंने कहीं यह भी सुना था कि जहां पर आवाज होती है वहां पर भी जंगली जानवर नहीं आते हैं इसलिए क्यों ना हम बातें करें ,

जोसेफ : यह भी ठीक है तुम बताव क्या बात करे ,

रॉबिंस :  क्यों ना हम अंताक्षरी खेले बहुत मजा आएगा ,

जोसेफ : क्या बकवास आईडिया निकाला है तुमने ,

रॉबिंस : क्यों ?

जोसेफ : क्योंकि मुझे जो गाने आते होंगे वह और तुम्हारे देश के गाने अलग हो गए इसलिए मजा नहीं आएगा ,

रोंबिस : नहीं नहीं बहुत मजा आएगा ,

जोसेफ : फिर ठीक है चलो खेलते हैं ,

गुरुवार, 9 अगस्त 2018

Island का सफर part 12 Terrible night of the farm

Island का सफर part 12 Terrible night of the farm


Island का सफर part 12 मोटिवेशनल स्टोरी
Island का सफर  एक बहादुर बच्चे की कहानी 


फाइनली आज हम  उस रात के बारे में बात करेंगे जो रात  जोसेफ और रॉबिंस ने अपने खेत में गुजारी , आखिर उस रात क्या हुआ था और वह रात कितनी भयानक थी सब कुछ आज मैं आपके लिए लेकर आया हूं तो चलिए शुरू करते हैं , 
  
सब लोगों ने भूत प्रेत के बारे में तो सुना ही होगा लेकिन उन पर विश्वास करने वाले आज के जमाने में बहुत सारे लोग है , कुछ लोग ऐसे हैं जिसने कभी देखा नहीं है फिर भी मानते हैं और कुछ लोग ऐसे हैं जो देख कर मानते हैं , लेकिन मैं यहां पर भूत और प्रेत की बात नहीं करने वाला हूं , क्योंकि मैं भी भूत और प्रेत मैं नहीं मानता हूं ,

क्योंकि मेरा मानना है कि जिसे कभी हमने देखा ही नहीं उस पर विश्वास करना गलत है , इसलिए हम अब चलते अपनी कहानी पर वैसे तो सबसे भयानक रात होती है वर्षा की रात जब बारिश आती है तुब उसकी रात इतनी काली होती है कि उन्हें डूब जाने को दिल करता है लेकिन डर भी लगता है ,

बरसात की रात का आनंद लेने में मजा तभी है जब हम घर पर हो लेकिन अगर उस वक्त अगर हम कहीं बाहर हो फिर तो डर डर के पता नहीं हमारा क्या हाल होगा , क्योंकि वर्षा की रात होती इतनी काली है इतनी घनघोर होती है कि उन से सब को डर लगता है , उस वक्त बादल गरज रहे होते हैं बिजली कड़क रही होती हैं बारिश की बूंदे बरस रही होती है ,

इन सब का मजा तभी आता है जब हम घर पर हो लेकिन उस वक्त अगर हम कहीं बाहर हो और घर बहुत दूर हो तब क्या होगा , जोसेफ और रॉबिंस के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ , बात कुछ ऐसी ही थी  कि जोसेफ ओर रॉबिंस भी घर से बहुत दूर थे और मौसम भी बारिश का था ,  

सुबह मौसम बहुत अच्छा था इसलिए दोनों को लगा कि शायद आज रात को बारिश नहीं होगी , यही सोचकर जब वह दोनों रात को खाना खाकर खेत के और पहुंचे तो उसने वहां पर सबसे पहला जो अनुभव किया वह था  वह था उस घनी रात का अनुभव की रात इतनी घनघोर थी कि जोसफ का तो पता नहीं लेकिन रॉबिंस थोड़ा डरने लगा था , लेकिन रॉबिंस यह बात अपने दिल में दबाकर आगे बढ़ा दोनों जाकर उस माचडे के ऊपर जा कर बैठे , बहुत देर तक दोनों ने बातें करी कुछ देर बातें करने के बाद दोनों सोने लगे , अभी रात के 11: 00 बज गए थे ,

आधी रात का वक़्त 


जब रात के 12: 00 बजे तक अचानक कुत्ते जोर जोर से भोंक ने लगे , कुछ देर बाद दोनों की नींद उड़ गई , रॉबिंसने फटाफट बत्ती निकाली और चारों और घुमाने लगा , तभी अचानक जोसेफ भी उठ गया , 

जोसेफ : क्या हुआ रोबिंस , 

रॉबिंस : पता नहीं है कुत्ते बहुत जोर जोर से भोंक रहे है , 

जोसेफ : कुछ नहीं छोड़ो यह तो रोज ऐसे ही भोंकते रहते है , 

रॉबिंस : नहीं ऐसा नहीं हो सकता मेरी मां कहती थी कि जब कुत्ते भोंकते हैं तब कुछ ना कुछ तो बात होती ही है , 

जोसेफ : तुम्हें क्या लगता है क्या हो सकता है , 

रॉबिंस : पता नहीं , मैं भी यही सोच रहा हूं कि आखिर यह कुत्ते क्यों भौंक रहे हैं , 

जोसेफ : ज्यादा सोचो मत और सो जाओ , और सोने से पहले एक बार खेत की ओर नजर जरूर डालना , 

रॉबिंस : थिंक है फिर , 

बहुत देर हो गए लेकिन कुत्ते भौंकते ही जा रहे थे , रॉबिंस को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि अब क्या करें उसे नींद भी नहीं आ रही थी , वह बार बार खेत की ओर बत्ती घुमा रहा था शायद कुछ नजर आ जाए , रात के तकरीबन 2: 00 बज चुके थे , अब कुत्ते की भौंकने की आवाज कुछ ज्यादा ही हो गई थी इतना शोर सुनकर जोसेफ भी जाग गया , 

रॉबिंस : क्या हुआ नींद नहीं आ रही है , 

जोसेफ : नींद तो आ रही है लेकिन इस कुत्तों की वजह से सो नहीं पा रहा हूं , पता नहीं आज क्या हो गया इनको , 

रॉबिंस : मैं भी कब से यही सोच रहा हूं कि आखिर कार ऐसा क्या हुआ है जो कुत्ते इतनी जोर जोर से भोंक रहे है ,

जोसेफ : मुझे बत्ती देना जरा ,

रॉबिंस : ये लो ,

जोसेफ : ( कुछ देर खेत में बत्ती घुमाकर ) मुझे तो कुछ दिख नहीं रहा है , ओर यह रात में इतनी डरावनी है , 

रॉबिंस : लगता है कुछ देर बाद बारिश होगी , 

जोसेफ : इन बादलों को देखकर तो यही लगता है , लेकिन बारिश हो तो कोई बात नहीं है इस कुत्ते को कैसे चुप करे , वैसे तुम्हें क्या लगता है यह कुत्ते क्यों भौंक रहे होंगे , 

रॉबिंस : मुझे ज्यादा तो पता नहीं है लेकिन किसी जंगली जानवर को देख कर कुत्ते हमेशा भोंकते हैं , 

जोसेफ : अरे यार इतना डरा क्यों रहे हो , 

रॉबिंस : मैं डरा नहीं रहा हूं जो सही है वही कह रहा हूं , 

जोसेफ : मुझे भी ऐसा लगता है शायद तुम ठीक कह रहे हो , 

रॉबिंस : अगर ऐसा सच में हुआ तो क्या करेगे , 

जोसेफ : अगर ऐसा सच में हुआ ना तो हम कुछ नहीं कर सकते क्यों की गांव  यहां से बहुत दूर है , 

Terrible night of the farm


जैसे-जैसे रात हो रही थी वैसे-वैसे कुत्ते की भौंकने की आवाज बढ़ रही थी , और कुछ देर बाद आसमान भी बिल्कुल काला हो गया और बारिश की छोटी-छोटी बूंदें गिरने लगी , दोनों एक दूसरे के सामने देखने लगे और सोचने लगे कि अब क्या करें , कुछ देर बाद कुतो को पूरा झुंड उसके खेत में घुस गया , वह उन की फसल को बिगाड़ रहा , जोसेफ ओर रॉबिंस यह सब कुछ देख रहे थे फिर भी उनके पैर नीचे नहीं आ रहा थे क्योंकि हालात कुछ ऐसे थे जो उन्हें रोक कर रख रहे थे , 

जोसेफ : क्या करें अगर हम नहीं गए तो यह हमारी आधी से ज्यादा फसल बिगाड़ देगे , 

रॉबिंस : हां बिल्कुल क्योंकि कुत्ते भी बहुत ज्यादा है , एक काम करते हैं दोनों एक साथ चलते हैं , 

जोसेफ : ठीक है फिर चलो , ध्यान से उतरना , 

रॉबिंस : बिल्कुल 

दोनों नीचे तो उतर रहे थे लेकिन उनके पांव कहां पर रहते हैं पता नही अब क्या होगा , और साथ में बारिश भी थोड़ा तेज हो रही थी , बारिश के साथ-साथ बिजली के कड़ाके भी शुरू हो गए , और जाहिर सी बात है अगर बिजली के कड़ाके शुरू हो गए तो बादल भी गरज रहे होगे , इन सब को अनदेखा कर कर दोनों आगे बढ़ रहे थे , जब वह आगे बढ़े तब उसने कुछ ऐसी आवाज सुनी जिसे सुनकर सायद ही कोई नहीं डरता हो , दोस्तों वह आवाज आखिर किसकी थी आप सब समझ ही गए होगे लेकिन जो लोग नहीं समझे उसके लिए सस्पेंस ही रखते है , 

आज के लिए बस इतना ही रखते है बाकी कहानी लेकर आवुगा पार्ट १३ मै , तब तक के लिए  गुड बाय एंड टेक केयर ,   i hope की आपको यह कहानी अच्छी लगी होगी लेकिन मेरी हर पार्ट मै एक शिख होती है उस जरूर नोटिस कीजिएगा ओर हा जिसे समजमे नहीं आए वह कॉमेंट बॉक्स पर जरूर बताएं , ओर जो बीस में से इस सफर का मजा ले रहा है वह पहले के पार्ट जरूर पढ़े और सबसे खास बात यह कि मैंने जो लाइफस्टाइल के रिलेटिव जो आर्टिकल उसे जरूर पढ़िएगा क्यों की यही मेरे इस वेबसाइट का उद्देश्य है , 


शनिवार, 28 जुलाई 2018

Island का सफर part 11 Robin thought about farming

Island1 Robin thought about farming का सफर  part 11

Island का सफर , मोटिवेशनल स्टोरी
Island का सफर  एक बहादुर बच्चे की कहानी 


सब से मिलने के बाद रॉबिंस सीधा अपने घर पर गया और घर पर जाकर वह जोसेफ के साथ बातें करने लगा कि अब आगे हम क्या करें तब जोसेफ ने कहा कि सुबह उठकर हम सब से बात करने गांव में जाएंगे और गांव में जाकर सब से राय लेकर और फिर अपना आगे का काम शुरु करेंगे मा ने भी वही कहा और फिर दोनों खाना खाकर सो गए , सुबह हो गई ,

जोसेफ : रॉबिंस चलो जल्दी हमें बहुत काम है ,

रॉबिंस : लेकिन सबसे पहले हम कहां जाएंगे तुम किस को जानते हो जो मेरी मदद करेगा ,

जोसेफ : हां बहुत सारे लोग हैं जो मेरी मदद करेंगे ,

रॉबिंस : ठीक है फिर चलते है , मै त्यार हो जाता हूं ,

जोसेफ : जल्दी करो , वरना सब लोग काम पर चले जाएंगे ,

मा : दोनों सबसे पहले नाश्ता करलो ,

जोसेफ : मा नाश्ता हम वापस आकर करेंगे ,

रॉबिंस : हा मा , वैसे भी हम अभी आ जाएंगे ,

मा : ठीक है फिर ,

Robin thought about farming


वह दोनों खेत की ओर निकल पड़े रास्ते में गांव वालों से बातें करने रुक गए और कुछ राय गांव वालों से लेने लगे चोला गांव में खेती करते थेबा उनके पास जाकर बहुत कुछ जाना और फिर अपना खेत ठीक करवाने के लिए मशीन को आमंत्रण किया और फिर मशीन के साथ दोनों खेत की ओर चले खेत में जाकर मशीन अपना काम करने लगा और वह दोनों देख रहे थे पूरे दिन हो गया लेकिन अभी तक खेत बिल्कुल ठीक नहीं हुआ था क्योंकि खेत में बहुत खर्चा था ,

वह दोनों काम करते रहे करते रहे हो और साथ में मशीन में काम कर रहा बहुत रात हो गई दोनों अपने घर की ओर निकल पड़े सोचा कि बाकी का काम कल करेंगे और फिर को घर गए घर जाकर बहुत थक गए थे इसलिए सीधा सो गए और फिर सुबह उठकर फिर खेत की ओर चल पड़े फिर काम शुरु हो गया आज दोपहर हुआ तो काम पूरा का पूरा खत्म हो गया और खेत बहुत अच्छा हो गया। ,

अब सवाल था कि खेत में क्या बोल क्योंकि सोशल को भी कोई आईडिया नहीं था कि इस वक्त खेत में क्या हो ना जाए इसलिए वह दोनों अपने आसपास के विस्तार के फार्मर के पास गए और उनसे कुछ राय ली और फिर जो उन्होंने कहा वह लेकर उसने अपने खेत में बो दिया , बहुत दिनों बाद फसल बढ़ने लगी अब फसल बहुत अच्छी हो रही थी ,

बुधवार, 18 जुलाई 2018

Island का सफर part 11 - Robin thought about farming

Island का सफर  part 11 - Robin thought about farming

Island का सफर , मोटिवेशनल स्टोरी
Island का सफर  एक बहादुर बच्चे की कहानी 


रोबिन को काम किया बहुत दिन हो गए थे वह रोज अपने काम पर जाता था और अपना काम करता था वह उनकी आदत बन चुके थी , क्योंकि उनके पास अभी बहुत अच्छा दोस्त था इसलिए अब उसको कुछ भी अकेलापन नहीं होता था वहां पर जाकर वह दोनों रोज एक साथ बातें करते थे और पूरा दिन हंसी मजाक के साथ गुजार लेते थे , 

अब बहुत दिन गुजर गए हैं रोमन के काम के हुए और उनके बहुत सारे पैसे भी जमा कर लिए थे उन्होंने लेकिन वह सारे पैसे बहुत कम थे अपने वतन पर जाने के लिए इसलिए उन्हें और भी बहुत सारा काम करना था और बहुत सारे पैसे कमाने थे तभी जाकर वह अपने वतन के लिए जा सकता था , 

रात को वह जोसेफ  के  साथ बातें करता उनके मां के साथ बातें करता , उन्हें सबसे ज्यादा अगर कोई काम आया है तो वह था जोसेफ ओर उनकी मा , रोज रात को जब छोटा था बस उनके बारे में सोचता था कि कैसे उनका यह उपकार वह अदा करेगा क्योंकि उन्होंने जो रॉबिंस  के लिए किया है वह शायद ही कोई करता है ,


1 साल हो गया था रॉबिंस ने अपने पूरे साल के पैसे को जब मिलाया तो वह कुछ भी नहीं था और वह पैसे जो थे उनसे वह अपने घर पर नहीं जा सकता था और अगर उन्हें घर पर जाना हो तो अगर वह वहां पर काम करता तो शायद मैं 5 या 7 साल लग जाते क्योंकि वह जो पैसे थे वह बहुत कम थे ,

रॉबिंस : अगर एक सालमें मैंने इतने पैसे ही कमाए है तो मुझे बहुत साल लग जाएंगे ओर मै अपने घर पर कभी नहीं जा पावुगा ,

जोसेफ : क्या कर सकते है ,

रॉबिंस : मुझे अब रात को भी काम करना पड़ेगा तभी सायाद मै घर जा सकता हूं ,

जोसेफ : क्या कर सकते हो तुम मुझे नहीं लगता कि अब शायद तुम्हें कोई और काम मिलेगा और अगर अभी तो क्या तुम कर पाओगे वहां का वैसे भी तुम जब रात को आते हो तब बिल्कुल थके हुए होते हो ,

रोबिन : लेकिन और कोई रास्ता भी तो नहीं है ना अगर मैं यूं ही काम करता रहा तो बहुत साल लग जाएगा यहां से जाने के लिए और मैं तुम लोगों पर ओर ज्यादा बोझ बनकर नहीं रहना चाहता ,

जोसेफ : क्या बात करते हो यार तुम यहां हो इसलिए हमारे घर में रौनक है और तुम कहते हो बोज , जानते हो तुम तुम यहां पर हो इसलिए हमारे चेहरे पर मुस्कान है वरना हम ना कोई पूछने भी नहीं आता और तुम्हारे कारण मुझे मेरा भाई मिल गया ,

रोबिन : यह कह कर तुमने मेरी बहुत बड़ी परेशानी हल कर दिए मेरे भाई , लेकिन मुझे भी मेरा परिवार बहुत याद आ रहा है और मुझे बहुत जल्द वहां पर जाना है इसलिए मुझे काम तो करना ही पड़ेगा ,