How to get rid of Emontional pain in Hindi

मुझे खुद नही पता कि जब इंसान का बुरा वक्त चल रहा होता है तो कैसे बहार निकले, इधर उधर से दो चार बाते सुनी वह भी ऐसा लगता है कि कहना आसान है सहना मुश्किल, लेकिन एक बात जो सबने महसूस की होगी कि दर्द भी उन चीजों में से है जो कुछ वक्त के लिए आता है और वक़्त के साथ चला जाता है,

अफ़सोस इस बात का है कि जितना भी वक़्त दर्द रहता है वो वक़्त गुजारना बहुत मुश्किल होता है, उस वक़्त इंसान को अपने आप से डर लगने लगता है क्योंकि समय का एक एक पल उनको ऐसे चुभता है जैसे उसकी जिंदगी चली गई हो अब कुछ ना बचा हो, दिमाग इतना भारी हो जाता है कि काटने को दौड़ता है, 

अब समस्या ये है कि उस पल को कैसे पार करें, सारी समस्या का हल होता है इसका भी है और वह से सिर्फ सब्र क्योंकि इसके अलावा मेरे पास तो कोई उपाय नही है, धीरे धीरे वक़्त बदलता है, और वक़्त के साथ हमारे घाव भर जाते है,


How to get rid of Emontional pain in Hindi

अब कुछ घाव ऐसे होते है जो भर जाते है और वापस सामने आ जाते है, अब ऐसे घाव जिंदगी भर हमें दुःख देते रहते है और ऐसे घाव को ज्यादातर लोग सहन नही कर पाते और जिंदगी से हार मान जाते है और इस जहा को अलविदा कर देते है, 

आतिफ असलम कहते है कभी कभी ऐसा होता है ना कि कुछ आपको पसंद हो लेकिन किसी वजह से वह आपको नही मिलता फिर आप खुदा के पास अपनी अर्जी लेकर चले जाते है, कुछ वक्त बाद आपको खुदा मिलते है मतलब की सवाल का जवाब मिलता है, उसके बाद आपको किसी चीज़ की चाह नही रहती बल्कि जिस चीज़ को मांगने के लिए आप भगवान के पास जाते है वो चीज़ आपको मिल भी जाए तो आपको कोई फर्क नही पड़ता, 

कोई तो रास्ता होगा जिससे हमें दर्द से गुजरना ना पड़े लेकिन जवाब है बिल्कुल नही क्योंकि जिंदगी का दूसरा नाम दर्द है, हर मोड़ पर आने वाले छोटे मोटे दर्द जो जिंदगी को हिलाकर रख देते है उसका सामना करना हमारी फ़र्ज़ है और उसकी आदत डाल लेना हमारी आदत है, लेकिन फिर भी कभी कभी सोचता हूं कि आज नही तो कल मुझे मेरे सवालो के जवाब मिलेंगे और इस दर्द से छुड़ाकर भी मिलेगा लेकिन वह कल कब आएगा किसी को पता नही, 

बस यही ये मेरी जिंदगी की आज की सीख...