मंगलवार, 15 जून 2021

Story of virat kohli father | विराट कोहली की कहानी

Story of virat kohli father | विराट कोहली की कहानी

महेंद्र सिंग धोनी की ऊपर जो मूवी बनी वो तो सबने देख ली होगी और सबको पता चल गया होगा की कितनी महेनत के बाद इंसान धोनी बनता है क्योंकि धोनी भारत का अब तक का सबसे सफल कैप्टन है क्योंकि उन्होंने icc की तीनों ट्रॉफी जीती और ऐसा करने वाला अब तक तो एक ही कप्तान है लेकिन अगर विराट के ऊपर अगर कोई मूवी बनी तो उसमे एक बात का जिक्र सबसे पहले होगा, विराट कोहली और उनके पापा की कहानी,

सच कहू तो मुझे विराट कोहली बेस्टमेन के रूप में सबसे खतरनाक लगते है लेकिन उनकी कैप्टेंसी मुझे अच्छी नहीं लगती इसके पीछे का बस एक ही कारन है वर्ल्ड कप 2019 का सेमि फाइनल जिसमे उन्होंने 4 विकेट गिरने के बाद भी धोनी जैसे अनुभवी बल्लेबाज को क्रीज़ पर नहीं भेजा और जब भेजा तब बहुत देर हो चुकी थी उसके बाद धोनी का रन आउट होना धोनी के आँसू सबने देखें और विराट के इसी डिसिशन का उस वक़्त बहुत तिरस्कार हुआ था, 

बहुत से लोग कहते है की गलती तो सबसे होती है लेकिन एक्सपर्ट कहते है की गलतियां करने के लिए 4 साल होते है वर्ल्ड कप में गलतियां करने की कोई गुंजाइश नहीं होती, ये सब देख कर करोडो हिंदुस्तानी को दुःख हुआ जिसमे मैं भी था लेकिन विराट की इस कहानी ने वापस दिल जित लिया अब तो बस यही आशा है की एक वर्ल्ड कप विराट के नाम पर भी हो,

Story of virat kohli father | विराट कोहली की कहानी


Story of virat kohli father | विराट कोहली की कहानी

दिल्ली कलकत्ता का टेस्ट मैच था, टेस्ट मैच पाच दिन का होता है वह तो सबको पता ही होगा ऐसा जरुरी है है क्योंकि मेरा एक दोस्त ड्रीम11 पर टीम बनाता है उसने एक बार टेस्ट मैच में टीम बनाई लेकिन रात तक जब मैच का रिजल्ट नहीं आया तो मुझसे आकर पूछने लगा की ये मैच तो ख़तम ही नहीं हो रहा, 

मैंने उससे कहा की ये मैच पांच दिन तक चलेगा, मतलब कहने का इतना है की कुछ ऐसे लोग भी होते है जिसको पता नहीं होता की टेस्ट मैच क्या होता है और उसमें उनकी भी गलती नहीं है क्योंकि जमाना T20 का है, 

Story of virat kohli father | विराट कोहली की कहानी

तो दिल्ली और कलकता का टेस्ट मैच था पहले दिन विराट कोहली खेलने उतरे 46 नॉट आउट होकर वापस लौटे अगले दिन उसे वहा से वापस खेलना था लेकिन रात को तक़रीबन 3 बजे विराट कोहली के पापा का अवसान हो गया, विराट कोहली को कुछ नहीं समझ आ रहा था और नाही आँखों से आँसू निकल रहे थे वह बेबाक हो चुके थे जिसका जिक्र उन्होंने अपने इंटरव्यू में किया है, 

सुबह पांच बजे उसने अपने कोच को फ़ोन किया और कहा की ऐसा सब कुछ हुआ है क्या करू, तब कोच ने कहा की जो होना था वह तो हो गया है लेकिन अब जो करना है वह तुम्हारे हाथ में है लेकिन कुछ भी सोंचने से पहले ये याद रखना की टीम को तुम्हारी जरुरत है, 

विराट कोहली अपना किट लेकर मैच के ग्राउंड में गए और अपने साथी को अपने पापा की कहानी बताई लेकिन सब उनका मजाक उड़ाने लगे सबको लगा की विराट झूठ बोल रहा है लेकिन विराट क्रीज पर गए और 96 बनाकर वापस लौटे, 

जब वापस लौटे तब तक सबको पता चल गया था की विराट के साथ क्या हुआ, विराट ड्रेसिंग रूम में जाकर बहुत रोए और उसके बाद घर जाकर अपने पापा का अंतिम संस्कार किया, शायद ही कोई सोच सकता ही विराट के मन में तब क्या चल रहा होगा जब वह क्रीज पर गए थे, शायद यही होता है अपने पैशन के प्रति सही लगाव जो सबको होना चाहिए और शायद यही कारन है विराट के विराट होने का, 

ऐसी ही कहानी क्रिकेट के पिता सचिन तेंदुलकर की है लेकिन मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है, विराट का तो इंटरव्यू मिल गया था इसलिए यह बात जानने मिली, सचिन के इंटरव्यू भी देख रहा हु अगर उनके मुँह से कहानी सुनने मिली तो अच्छा रहेगा। 



बस यही है मेरी जिंदगी की आज की सीख...


0 comments:

Share your experience with me