रविवार, 9 मई 2021

Manushi chhillar speech on mother in miss world 2017

Manushi chhillar speech on mother in miss world 2017

मेरे नसीब में कोई भी दुःख ना होता,
अगर नसीब लिखने का हक़ मेरी माँ के पास होता। 

आख़री बार भारत की मानुषी चिल्लर ने 2017 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीता था और जब उन्हें फाइनल में एक सवाल पूछा गया और आज mother's day के अवसर पर मुझे वही जवाब याद आ रहा है, सवाल ये था कि दुनिया का कौनसा प्रोफेशनल सबसे ज्यादा पैसा डिज़र्व करता है तब उन्होंने कहा था कि दुनिया मे सबसे ज्यादा पैसा माँ डिज़र्व करती है और पैसा तो बहुत छोटी चीज़ है, 

Manushi chhillar speech on mother in miss world 2017

हमारे देश में पूरा दिन घर का काम करने वाली एक हाउसवाइफ के काम की कोई चर्चा ही नही करता है, इतना ही नही उनके काम को कोई काम ही नही कहता, जब हम पर सारा काम आता है तब हमें अहेसास होता है और हर बार की तरह तब देर हो जाती है,

हमारे अडोस पड़ोस में एक ऐसी मा होगी जो अपने बच्चे को पूरा दिन संभालती है अगर हम कुछ दिन उस मा को ऑब्जर्व करने जाए तो हमे पता चलेगा कि उस मा को इस बात की सैलरी मिलनी चाहिए, 

आपको पता है दुनिया में सबसे ज्यादा दर्द किसकी वजह से होता है, तलवार की घाव से, रेल के पटरियों के निचे आने से, फाँसी खाते वक़्त, बिच्छु काटने पर, कुत्ते के काटने पर...

ऐसी चीज़े जिसमें इंसान को सबसे ज्यादा दर्द होता है उसमे पहले नंबर पर आता है आग में जलने ने और दूसरे नंबर पर आता है उस माँ का नाम जो अपने बच्चे को जनम दे रही होती है, 

शायद इसलिए शैलेश लोढ़ा कहते है की मैंने कभी माँ के ऊपर कविता लिखी ही नहीं क्योंकि दुनिया की किसी भी कलम में इतनी ताकत ही नहीं है की वह माँ पर कुछ लिख सके, 

बस यही है मेरी जिंदगी की आज की सीख...

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