सोमवार, 25 जनवरी 2021

Simple living and high thinking | Apj abdul kalam story

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Simple living and high thinking | Apj abdul kalam story


वैसे simple living and high thinking ये बात एपीजे अब्दुल कलाम ने अपने मुँह से नहीं कही थी ये बात तो उनके चरित्र और जीवनी में साफ साफ दिखाई देती थी। दो तिन किस्से है इस विषय पर जिसपे मेरा ध्यान गया जो वाकई अदभुत है। 

उस वक्त की बात है जब एपीजे अब्दुल कलाम को नासा 6 महीने की ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था उस दौरान नासा के अमेरिका वालों ने एपीजे अब्दुल कलाम को एक बहुत बड़ा ऑफर दिया था। जिसका उल्लेख एपीजे अब्दुल कलाम ने अपने बायोग्राफी में भी किया है। 

एपीजे अब्दुल कलाम को कहा गया था कि आप बहुत ज्यादा काबिल इंसान है इसलिए आप यहीं पर रुक जाइए अमीरा अमेरिका के नागरिकता हम आपको दिलाएंगे 5 गुना सैलरी भी आपको देंगे। 

थोड़े वक्त के लिए तो एपीजे अब्दुल कलाम का भी मन विचलित हो गया ऐसा उन्होंने अपनी बायोग्राफी में लिखा है लेकिन फिर उसके दिमाग में simple living and high thinking आ गया और उन्होंने ऑफर ठुकरा दिया।

what is the meaning of simple living and high thinking


Simple living and high thinking | Apj abdul kalam story


जब SLV-3 सफल हुआ था  तब उस वक्त की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने  एपीजे अब्दुल कलाम को अपने आवास स्थान पर आमंत्रण दिया लेकिन एपीजे अब्दुल कलाम सोच में डूब गए उसने प्रोफेसर सतीश ने कहा कि मेरा पास प्रधानमंत्री के मिलने के लायक कपडे नहीं है तब सतीश धवन ने कहा की तुमने पहले से ही सफलता का शूट पहना है। 

एपीजे अब्दुल कलाम देश के सर्वोच्च पद पर बैठे यानी कि राष्ट्रपति बने थे एक दिन उन्होंने अपने पूरे परिवार को राष्ट्रपति भवन में आमंत्रण किया उनके परिवार में तकरीबन 52 लोग थे जो 8 दिन तक राष्ट्रपति भवन में रहे थे। 

जब एपीजे अब्दुल कलाम को लगाकर बहुत ज्यादा खर्चा हो रहा है तो उसने हर एक चीज का हिसाब रखना शुरू कर दिया और तक़रीबन 3 लाख 52 हजार का खर्चा अपनी सैलरी से निकाल कर दिया। 

एक बार IIT BHU  के अंदर एपीजे अब्दुल कलाम को चीफ गेस्ट के लिए बुलाया गया जब एपीजे अब्दुल कलाम वहां पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि स्टेज के ऊपर एक कुर्सी सबसे ऊपर रखी हुई थी और बाकी सारी कुर्सीया उसके मुकाबले नीचे रखी हुई थी। 

जब वहां के स्टाफ ने एपीजे अब्दुल कलाम को उस चेयर पर बैठने को कहा तक एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा कि कुर्सी को हटाओ और बराबर की कुर्सी लगाओ। 

इस महान इंसान के किस्से बहुत सारे है कभी खत्म नहीं होने वाले क्योंकि जब तक जिए तब तक simple living and high thinking के साथ जिए। 


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