बुधवार, 1 अप्रैल 2020

great speech by Steve Jobs in Hindi | Connect the dots

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great speech by Steve Jobs in Hindi | Connect the dots

सबसे पहले तो आज मैं यहां पर Steve Jobs के बारे में बातें करने नहीं आया हु क्योंकि सबको पता है कि Steve Jobs एप्पल कंपनी के फाउंडर है। आज मैं बात करने आया हूं स्टीव जॉब्स की एक ऐसी सोच के बारे में जो उन्हें दूसरों से अलग बनाती है और महान बनाती हैं। 

शुरुआत करने से पहले मैं आप लोगों से गुजारिश करना चाहता हूं कि अगर आप में से किसी को अंग्रेजी समझना आता है तो वह सीधे जाकर स्टीव जॉब की स्पीच सुने। हमेशा की तरह लास्ट में वीडियो है। जो मेरी तरह नही जानता वो मेरी तरह ध्यान से पढ़े शायद कुछ काम का मिल जाए।

2005 स्टीव जॉब्स ने Stanford university में एक स्पीच दी थी जिसने उन्होंने बहुत सारी जिंदगी से जुड़ी बातें की थी। उन सारी बातों में से एक बात थी जो सबसे अलग थी जो मुझे समझ में आई। जो सबके लिए जरूरी थी उस बात की हम बात करेंगे। 

Connecting the dots by Steve jobs 


great speech by Steve Jobs in Hindi | Connect the dots


सबसे पहले तो मैं यह बता देना चाहता हूं कि dots का मतलब क्या है dots का मतलब हमारी लाइफ के बाद छोटे-छोटे एक्सपीरियंस जो हर रोज हमारे साथ होते है। वह सारे डिसीजन जो हम अपनी जिंदगी में लेते हैं। 

स्टीव जॉब्स ने अपने स्पीच में कहा था कि जब हम अपनी जिंदगी के छोटे-छोटे एक्सपीरियंस, अपनी जिंदगी के सारे डिसीजन को आगे जाकर कनेक्ट करते हैं तो हमें ऐसा लगता है कि जो कुछ भी हमारे साथ हुआ वह सब कुछ अच्छा हुआ। इन सब मे से कुछ भी चीज इधर-उधर हुई होती तो शायद आज हम यहां पर ना होते।

मुझे आज भी वह कहानी याद है जो कुछ भी होता है अच्छे के लिए होता है। आज हमारी जिंदगी में ऐसे बहुत सारे डिसीजन होगे जो हमें लगता है कि हमने गलत लिए लेकिन जिंदगी में आगे बढ़ कर जब आप पीछे मुड़कर इन सारे डिसीजन को कनेक्ट करोगे तो आपको लगेगा कि आपके सारे डिसीजन सही थे। 

steve jobs speech stanford university 2005 in Hindi


जिंदगी की सारी परेशानियों को झेलते हुए जब हम आगे बढ़ जाते हैं उसके बाद जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो हमें लगता है कि हमारे सारे डिसीजन सही थे। हमारा कोई भी डिसीजन बेकार नहीं होता इस वक्त हमें समझ में नहीं आता आगे जाकर हम समझ जाते हैं।

हम अपने फ्यूचर के सारे dots को कनेक्ट नहीं कर सकते हैं लेकिन इस वक्त भी हम अपने बीते हुए कल के डॉट्स को कनेक्ट कर कर देखें तो हमें ऐसा लगेगा कि हमारा आज भी उन्ही dots की इमारत है। 

अगर आप प्रेजेंट में एक अच्छा इंसान है तो उसकी नीव आपका बीता हुआ कल था और अगर आप आगे जाकर एक अच्छे इंसान रहेंगे तो उसकी नींव भी आपका बीता हुआ कल ही होगा। 

अगर आप फिलहाल कुछ अच्छा नहीं कर पाए तो इसका वास्ता भी आपके बीते हुए कल से है और आगे जाकर भी अगर आप अपनी जिंदगी में कुछ अच्छा नहीं बन पाए तो उसका वास्ता भी आपके बीते हुए कल से ही होगा। इसलिए गीता में लिखा है जैसे कर्म करोगे वैसा फल मिलेगा। 

Connecting the dots theory by Steve jobs


अगर आप अपने आज को बिना किसी संघर्ष के साथ जीना चाहते हैं तो आगे जाकर जब आप संघर्स करेंगे। तब आपको वह dots याद आएंगे जिसमें आपने संघर्ष को नहीं चुना था। हमारे हर dots हमारे आईने है उसे सोच समझकर इस्तेमाल करना हमारा फर्ज है। 

हमारे डॉट्स को संभालते हुए अगर हमने गलती से भी कोई गलती की तो वह गलती आगे जाकर हमारी कामयाबी का एक हिस्सा बन जाएगी लेकिन अगर हमने जानबूझकर कोई गलती की तो वह हमारी नाकामयाबी का सबसे बड़ा हिस्सा बन जाएगी। 

हमने बहुत बार सुना है कि वक्त बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है पैसा बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है लेकिन आज हम इस लिस्ट में dots को भी जगह देगे और हमेशा याद रखेंगे की dots भी बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है। 


steve jobs speech with subtitles 


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