Search here

सोमवार, 18 नवंबर 2019

The biggest mistake of my life मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती


The biggest mistake of my life 


मेरे पड़ोस में एक लड़की रहती थी जो बचपन से ही मुझे बिलकुल नापसंद थी क्योंकि हमेशा मेरे साथ कॉम्पिटिशन करना चाहती थी, वो मेरे साथ कंपटीशन किस लिए करती थी क्योंकि मेरे और उसके अलावा हमारे पूरे गांव में  कोई भी 10th क्लास तक क्लास पास नहीं हुआ था, 

वह हमेशा मुझे पूछा करती थी कि तुम्हें 10th में कितने मार्क्स आए 12th में कितने मार्क्स आए और मैं भी उस वक्त कितना पागल था की उस लड़की की इन छोटी-छोटी बातों पर भी गुस्सा हुआ करता था,

तब मुझमे इतनी समझ नही थी कि इन छोटी छोटी बातों को दिल से लगाना नही चाहिए, कुछ सालों बाद उसने अपना ग्रेजुएशन भी कंप्लीट कर लिया लेकिन मैं नही कर पाया लेकिन मुझे इस बात का दुःख नही था,

अपना ग्रेजुएशन कंप्लीट करने के बाद जब उस लड़की के पापा ने उसकी शादी के बारेमे सोचा, सब लोग हम दोनों को इस तरह से देखते थे जैसे हम दोनों एक दूसरे के लिए बने हो लेकिन हमने कभी एक दूसरे को दोस्त भी नही समझा और शादी तो उनसे मैं कभी करना ही नही चाहता था लेकिन वह मुझसे शादी करना चाहती थी इसलिए नहीं क्योंकि वह मुझे पसंद करती थी इसीलिए क्योंकि उसे अपने घर से दूर ना जाना पड़े, 

हमारी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती यह होती है कि हम उन लोगों को ज्यादा महत्व नहीं देते तो जो हमारे पास होते है, लेकिन मेरी सबसे बड़ी परिसानी यह थी कि वह जॉब करना चाहती थी और मुझे ये बात पसंद नहीं थी क्योंकि जब में स्कूल में था तब किसी ने मेरे दिमाग में ये बात डाल दी थी कि हमे ऐसी लड़की से शादी नही करनी चाहिए जो आपसे ज्यादा समझदार और पैसेवाले घर से हो,

एक वक्त ऐसा आया जब सब कुछ बदल गया मेरी सारी गलत मान्यता बदल गई वक़्त के साथ मैं बदल गया, मैं उस लड़की से प्यार करने लगा…मैं जानता था कि आज कल के रिश्ते कहा इतने सच्चे है लेकिन मेरा और उस लड़की का रिश्ता सच्चा था,

सुना था जिंदगी सबको दुबारा मौका देती हैं लेकिन मुझे नही दिया, जब तक मैं अपनी होस्टल से घर जाकर उसे कहता कि मैं तुमसे प्यार करता हु उससे पहले ही उसकी शादी कही और तय हो गई,

The biggest mistake of my life मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती


मैं चाहता तो उसकी शादी रोक कर मै उससे शादी कर सकता था क्योंकि मैं जानता था कि वह लड़की अपने घर के पास ही रहना चाहती थी लेकिन मैं चुप रहा और मेरा यही मौन मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती साबित हुआ जिसे मैं शायद ही कभी भूल पाऊँगा,

आज भी जब मैं अपने घर का दरवाजा को खोलकर उसके घर देखकर की तरफ देखता हूं तो मुझे वह आवाज सुनाई देती है जो वह मुझे अक्सर पूछा करती थी कि तुम्हारे 10th क्लास के एग्जाम का क्या हुआ तुम्हें 12th क्लास में कितने मार्क्स आए आगे तुम क्या करने वाले हो लेकिन अब इन सबका कोई फायदा नहीं,

आज भी मैं अपनी जिंदगी से निराश नहीं हूं क्योंकि आज भी मुझे इंतजार है उस दूसरे मौके का जो आज नहीं तो कल जिंदगी मुझे जरूर देगी,

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Share your experience with me