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मंगलवार, 18 जून 2019

पाप से नफरत करो..पापी से नही beautiful thought by Mahatma Gandhi

पाप से नफरत करो..पापी से नही beautiful thought by Mahatma Gandhi

पाप से नफरत करो..पापी से नही beautiful thought by Mahatma Gandhi
पाप से नफरत करो..पापी से नही beautiful thought by Mahatma Gandhi

आज में महात्मा गांधी के thoughts पढ़ रहा था उसमें से मुझे सबसे ज्यादा attractive thoughts अगर कोई लगा तो वह यह था, यह thought मेरी और आप सबकी सोच से मिलता जुलता था और इसके ऊपर मुझे कुछ बातें थी जो share करनी थी but मेरे पास कोई भी title नहीं था लेकिन आज मुझे title आज मिल गया,

बहुत दिन पहले मैंने कहा था कि इंसान जब कोई mistake करता है तो उसमें उसकी सिर्फ कुछ हद तक mistake होती है बाकी सारी mistake उसके आसपास से मिले हुए उनके परवरिश का नतीजा होती है because इंसान वही बनता है जो वह देख देख कर और सुन सुन कर बड़ा होता है,

1 साल पहले 8 साल की बच्ची का rape हुआ था और उनका नतीजा अभी कुछ दिन पहले आया था, जब भी मैं news देखता था तब उसमें मुझे सिर्फ  एक ही नारा सुनाई दे रहा था  की मुजरिम को सजा दो मुजरिम को फांसी दो और जब भी कोई हादसा होता है तब हम मुजरिम को सजा देने में अपना ज्यादा वक्त बर्बाद करती हैं लेकिन आज भी कुछ लोग ऐसे हैं जो जुर्म क्या हुआ है उसकी ज्यादा बातें करते हैं और उसको खत्म करने के बातें करते हैं सिवाय इसके के जुल्म किसने किया है, criminal को सजा तो अदालत देती ही है, 

जैसा कर्म करोगे वैसा ही फल पाओगे यह बात आप लोगों ने बहुत बार सुनी होगी लेकिन सोचिए उस 8 साल की बच्ची ने कौन सा बुरा कर्म किया होगा जिनकी उसको सजा मिली, बस इसी सवाल का जवाब मेरे पास कल तक नही था, आज पता चला कि गलती हमारी थी कि हम criminal को सजा देते रहे लेकिन Crime को भूल ही गये, 

पांच हजार वर्ष पहले जब एक स्त्री का अपहरण हुआ था तब एक इंसान ने लंका को आग लगा दी थी और जब एक स्त्री की इज्जत पर हाथ डाला गया था तब महाभारत की रचना हो गई थी और हम आज मोमबत्ती हाथ मे लेकर कुछ देर खड़े रहते है और फिर अपने अपने घर जाकर आराम की नीद सोते है और फिर भी कुछ लोग कहते है कि हमारा भारत आगे बढ़ रहा है,

काश आज हर इंसान उस पाप की जड़ को खोजने में अपना वक़्त आबाद करे जिससे आगे कभी वह पाप न हो और कुछ रोग की तरह वह भी लुप्त हो जायेगे because जो चीज़े लुप्त होती है वही वापस नही आती, हमें पाप को लुप्त करना है पापी को नहीं because पापी हम और आप में से एक है जो पाप के लुप्त होने के बाद हमसे जुड़ जाएगा, 

कुछ लोग हैं जो बाद में मुझे comment करेंगे कि criminal को तो सजा मिलनी चाहिए but उन लोगों से मेरा एक सवाल है कि मुझे बस इतना बता दो कि criminal कौन नहीं है ? 

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