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गुरुवार, 2 मई 2019

Modi's interview with Akshay Kumar सीखने जैसे दो अनमोल बाते

Modi's interview with Akshay Kumar सीखने जैसे दो अनमोल बाते

Modi's interview with Akshay Kumar
Modi's interview with Akshay Kumar 

कुछ दिन पहले अक्षय कुमार ने नरेंद्र मोदी का Interview लिया था शायद आप में से बहुत सारे लोगों ने वह इंटरव्यू देखा होगा, उस Interview में मैंने दो बात सिखी जो मैं आज यहां पर share करने के लिए आया हूं, 

मैं उस दिन भी जो मैंने सीखा है उसे share कर सकता था but मैं ज्यादा sure नहीं था इसलिए मैंने इन दो बातों को ठीक से समझा उसके बाद आज यहां पर Impliment कर रहा हूं, 

अपने गुस्से को किस तरह से बहार निकाले and second things अपने शरीर को किस तरह से suitable रखे, उसका एक बहुत ही अच्छा और जाना पहचाना एक नुस्खा मैंने अक्षय कुमार और नरेंद्र मोदी की उस conversation से सीखा, 

Modi's interview with Akshay Kumar 


जब अक्षय कुमार ने नरेंद्र मोदी जी से सवाल किया कि “जब आपको गुस्सा आता है तब आप क्या करते है" तब नरेंद्र मोदी जी ने कहा “जब मुझे गुस्सा आता है तब मैं कुछ नहीं करता हूं सिर्फ उस situation को observed करता हु,

तब अक्षय कुमार ने मोदी जी की बात को गलत ठहराते हुए कहा कि “छोटा मुंह बड़ी बात मोदी जी लेकिन अपने गुस्से को अंदर नहीं रखना चाहिए उसे बाहर निकालना एक अच्छी habit है, जब मुझे गुस्सा आता है तब मैं एक बंद कमरे में boxing करता हूं और अपना सारा गुस्सा निकाल लेता हु,   

यह सुनकर मोदीजी ने कहा कि “ऐसा नहीं है कि मैं अपना गुस्सा बाहर नहीं निकलता जब भी मुझे time मिलता है तब जिस वजह से मुझे गुस्सा आया होता है उस situation को मैं एक पन्ने पर लिखता हु और तब तक लिखता रहता हूं जब तक मेरा गुस्सा शांत नहीं हो जाता,

Modi's interview with Akshay Kumar 


उसके बाद दूसरी बात मैंने अक्षय कुमार से सिखी, अक्षय कुमार नरेंद्र मोदी जी से कह रहे थे कि मेरे जीवन का एक मंत्र है और वह यह है 7 12 5 40,

इसका मतलब है कि अक्षय कुमार 7:00 बजे अपना Breakfast करते हैं 12:00 बजे अपना Lunch करते हैं और 5:00 बजे अपना Dinner कर लेते हैं और जो 40 लिखा है उसका meaning है कि वह एक निवाले को 40 बार Chew करते है, इस बात को सुनकर बहुत सारे लोगो का सवाल होगा कि रोज 5 बजे dinner क्यों करे, अगर कोई जानना चाहता है तो personally contect करे मुझे, 

कुछ लोग सोचेंगे की एक निवाले को तो 32 बार Chew करना चाहिए और जो कोई भी ऐसा सोच रहा है वह बिल्कुल सही सोच रहा है इसमें कोई गलत बात नहीं है, but  कहने का मतलब यह है कि 32 से कम बार एक निवाले को नही चबाना है, 

एक बहुत अच्छी बात याद आ रही है इस topic से related है बहुत ही मजेदार है इसलिए share करना चाहता हूं, 

जब मैं 12 science में था तब एक दिन मेरे Biology के teacher ने कहा कि एक निवाले को 32 बार चबाना चाहिए, तब पीछे से किसी लड़के ने आवाज लगा कर कहा कि सर हम चिंगम को भी 32 बार नहीं चबाते, इस बात को सुनकर हम कुछ दोस्त हंसने लगे थे और हम सबको एक-एक लाठी और कमरे से बाहर निकाल दिया था, बस यही दो बातें थी जो मैं चाहता था कि इसे यहां पर Impliment करू,

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