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शनिवार, 20 अप्रैल 2019

अपने सामर्थ्य का दिखावा मत कीजिए motivational story

अपने सामर्थ्य का दिखावा मत कीजिए motivational story

अपने सामर्थ्य का दिखावा मत कीजिए motivational story
अपने सामर्थ्य का दिखावा मत कीजिए motivational story


एक राज्य में एक बहुत ही विद्वान पंडित रहता था एक दिन उस राज्य के राजा ने उस विद्वान पंडित को अपने यहां खाने पर invitation दिया, पंडित राजा के महल में खाना खाने के लिए गए,

खाना खाने के बाद पूरा दरबार लगा हुआ था उसमें राजा ने पंडित से एक question पूछा कि “पंडित जी आप मुझे यह बताइए कि आप इतने विद्वान है बुद्धिमान है आपके बारे में बातें करते करते लोग थकते नहीं हैं फिर आपका बेटा मूर्ख क्यों है" पूरा राजदरबार इस बात को सुनकर उस पंडित की हंसी उड़ाने लगे,

पंडित ने राजा से question किया “क्यों महाराज आप ऐसा क्यों कह रहे हैं मेरे बेटे से क्या कोई गलती हो गई" तब राजा ने कहा कि रोज में नगर की सैर करने निकलता हु तब आपका बेटा मुझे मिलता है तब मैं उनको यह question पूछता हूं की “यह बताओ कि gold ज्यादा क़ीमती है या silver और daily आपका बेटा यही जवाब देता है कि silver ज्यादा कीमती है,

इतना सब कुछ सुनने के बाद पंडित गुस्से से वहां से निकल जाता है और अपने घर जाता है घर पर जब पंडित पहुंचता है तब उनका बेटा उन्हें एक गिलास पानी देता है तो पंडित अपने बेटे से पूछता है कि “बेटे यह बताओ कि gold ज्यादा कीमती है या silver" तब उसका बेटा उत्तर देता है कि “पापा gold ज्यादा कीमती है" 

यह सुनने के बाद पंडित अपने बेटे से सवाल करता है तो फिर तुम रोज राजा को चांदी क्यों बताते हो, तब बेटे ने कहा कि “पापा जब मैं रोज school के लिए निकलता हूं तब महाराजा अपने दरबार के कुछ लोगों के साथ मिलकर वहां खुले में सभा लगाते हैं और मुझे भी वहां पर बुलाते हैं और पूछते हैं कि मेरे हाथ में एक silver का एक gold का सिक्का है इसमें से तुम्हें जो मूल्यवान लगे उसे उठाकर ले जाओ, मैं रोज एक silver का सिक्का वहां से ले लेता हूं" 

पंडित ने पूछा कि “तुम ऐसा क्यों करते हो" तब बेटे ने कहा कि “आइए पापा मैं आपको दिखाता हूं" उसके बाद बेटा उस पंडित को एक बक्सा दिखाता है जिसमें बहुत सारे silver के सिक्के भरे होते हैं बेटा उस बक्से को दिखाते हुए कहता है कि “अगर मैं राजा को सोना कीमती है ऐसा बोलता और सोना उठाकर ले आता तो आज मेरे पास इतने सारे चांदी के सिक्के नहीं होते,  

अपना जो सामर्थ्य है उस का दिखावा कभी ना करें because वक्त आएगा तब अपनेआप सबके सामने आपकी ताकात और आपका सामर्थ्य आ जाएगा,

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