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शुक्रवार, 22 मार्च 2019

तुम ये नही कर सकते You can not do this

तुम ये नही कर सकते You can not do this

तुम ये नही कर सकते You Can Not Do This
तुम ये नही कर सकते You Can Not Do This

आज मैं जिस कहानी के बारे में आप सब लोगों से बात करने वाला हूं वह कहानी मैंने हमारे देश के 3 मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा दूसरा संदीप महेश्वरी व तीसरा हिमेश मदन में से किसी एक के किसी एक से video में सुनी थी लेकिन किस में सुनी थी वह मुझे याद नहीं है,

आज पूरा दिन मैंने बहुत सारा काम किया है इसलिए बहुत थका हुआ भी हूं और वक्त भी नहीं है इसलिए ज्यादा बात नहीं करना चाहता और सीधे कहानी की ओर चलता हूं,

दो बच्चे थे जिसमें से एक बच्चा 7 साल का था और दूसरा बच्चा 15 साल का था, दोनों ही अपने गांव में घूम रहे थे और घूमते घूमते अचानक वह खेतों की ओर चले गए, जहां आसपास कोई भी नहीं दिखाई दे रहा था और तभी अचानक 15 साल का बच्चा एक कुएं में गिर जाता है, 

7 साल का बच्चा यह देखकर बहुत ही डर जाता है और इधर-उधर देखने लगता है और अचानक उसकी नजर एक रस्सी की और पड़ती है वह तुरंत उस रस्सी के पास जाता है और उसे उठा कर उस कुएं में डालता है, 

वह कुवा बहुत गहरा नहीं था सिर्फ 40 फुट का था, एक्चुअली हम हम उसे कुवा भी नहीं कह सकते, उस बच्चे ने रस्सी को कुवे में डाली और अपनी जी जान लगाकर 15 साल के बच्चे को उस कुवे से बाहर निकाला, 

जब घर जाकर उन्होंने बनी इस घटना को अपने माता-पिता और अपने गांव वालों के साथ शेयर की, तब उनमें से कोई भी उसकी बात मानने के लिए राजी नहीं था, क्योंकि उन सबको ऐसा लग रहा था कि यह 7 साल का बच्चा इस 15 साल के बच्चों को कभी नहीं खींस सकता, 

सबको उनकी बात पर भरोसा नहीं था और तभी अचानक उस गाँव के सरपंच ने कहा कि ये दोनों सच बोल रहे है, सब लोगों को आश्चर्य हुआ और सब ने पूछा कि ऐसा कैसे हो सकता है, ये इतना छोटा बच्चा 15 साल के बच्चे को कैसे उठा सकता है, तभी जब उसने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वहां दूर-दूर तक इस 7 साल के बच्चे को ऐसा कहने वाला कोई नहीं था कि तुम ये नहीं कर सकते,

बस ऐसा ही हमारी साथ होता है दोस्तों, जब भी कोई कह देता है कि तुम ये नहीं कर सकते हो, तब चाहे हम जितने भी पॉजिटिव क्यों ना हो हमारे दिमाग कहीं ना कहीं डगमगता है,  

कभी किसी को यह मत कहे की तुम यर नही कर सकते,  और कभी किसी की बात को सुने भी नहीं अगर कोई कहता है कि तुम ये नहीं कर सकते तो उसे इग्नोर करना सीखिए मैं जानता हूं कि यह आसान नहीं होगा लेकिन इसे आसान बनाना आपके हाथ में नहीं है ऐसा बिल्कुल नहीं है ऐसा हो सकता है अगर आप कठोर परिश्रम और अपने दिमाग को नियंत्रण करना सीख लेते हैं तो,

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