शनिवार, 2 मार्च 2019

Law of probability इतिहास के वह सच्चे किस्से जो सोचने पर मजबूर करदे !

Law of probability इतिहास के वह सच्चे किस्से जो सोचने पर मजबूर करदे ! 


आज मैं जिन तीन घटनाओं के बारे में बात करने वाला हु उसे पढ़ने के बाद आप 110% believe नहीं करेंगे क्योंकि मैंने भी जब पहली बार यह incidence के बारेमें सुना था तब मैंने भी believe नहीं किया था लेकिन believe नहीं करने से क्या होता है सच्चाई तो आखिर सच्चाई होती है ,

इन 3 incidence के ऊपर मैंने 3 हप्ते तक Search किया , बहुत सारे videos और बहुत सारे articles पढ़ने के बाद आज मुझे मानना पड़ रहा है कि यह सारी घटनाएं सच्ची है , ज्यादा वक्त ना लेते हुए उस incidence के बारे में बातें करते हैं , 

The story of titanic by Morgan robertson

Law of probability इतिहास के वह सच्चे किस्से जो सोचने पर मजबूर करदे !
Law of probability इतिहास के वह सच्चे किस्से जो सोचने पर मजबूर करदे ! 

morgan robertson जो बड़ी से बड़ी film को भी टक्कर देने वाली एक story लिखते हैं, उसने वह story  कब लिखी उसकी date  मैं आपको बादमे बताऊंगा लेकिन उस story में क्या लिखा था वह मैं आपको अभी बताता हूं , वह story एक बहुत ही विशाल जहाज के ऊपर थी और जहाज बनाने वाले engineer का यह मानना था कि यह जहाज कभी भी डूब नहीं सकता , वह जहाज April के महीने में अपनी पहली सफर England से America की ओर करता है ,

जहाज बहुत ही महंगा था इसलिए उस जहाज में बैठने वाले ज्यादातर people England  के Rich थे , लेकिन होता यह है कि यह जहाज अमेरिका पहुंचने से पहले ही बीच में एक हिमशिला से टकराता है और Atlantic ocean में उस की जल समाधि हो जाती है ,

दोस्तों अभी जो मैंने कहा वह Titanic फिल्म की story नहीं है और ना ही रियल में डूबे हुए Titanic की बात कर रहा हूं ,मैंने तो आपको वह story बताई जो morgan robertson ने सन 1898 में लिखी थी, और जो रियल Titanic था वह डूबा था उसके सिर्फ 14 साल बाद यानी कि 1912 में ,

लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि Titanic बनाने वालों ने भी यही दावा किया था कि जहाज Unshowable है कभी भी डूबने वाला नहीं है और Titanic भी april के महीने में England से america की ओर सफर कर रहा था और  Atlantic ocean में उसकी समाधि हो गई ,

दोस्तों यह कोई बनी बनाई बात नहीं है क्योंकि आप जानते हैं कि मैं यहां पर वह सब लिखता हूं जो मैं सीखना चाहता हूं और आप ही सोचें मैं ऐसा यहां पर क्यों लिखगा जिससे मेरी नॉलेज में नुकसान हो क्योंकि मेरा पहला हेतू है की में  कुछ सीखूं उसके बाद अगर कोई सीखता है मुझमें से तो ठीक है वरना बहुत ठीक है,

तो ऐसा क्यों हुआ इसके पीछे Law of Probability का सिद्धांत है अगर किसी लेखक को समुद्री होनारत को दिखाना है  तो जाहिर सी बात है वह दुनिया का सबसे विशाल जहाज के बारे में बात करेगा और उस वक्त england से america के बीच मे आदानप्रदान बहुत अच्छे थे इसलिए सफर भी यही तय किया होगा , और रही बात समाधि की तो बीच में तो Atlantic ocean  ही आता है ,

अब्राहम लिंकन और जॉन फ़ केनेडी Low of probability

Law of probability इतिहास के वह सच्चे किस्से जो सोचने पर मजबूर करदे !
John Kennedy and abraham lincoln   

इस से भी खतरनाक और शॉकिंग इत्तेफाक है इत्तेफाक नंबर 2, अब में बात करने वाला हु अब्राहम लिंकन और John F. Kennedy की , इन दोनों के बीच में जितनी समानता है उतनी maybe किसी दो लोगों के बीच में होगी , अब्राहम लिंकन अमेरिका के प्रेसिडेंट बने 1861 में और उसके सिर्फ 100 साल बाद ही जॉन केनेडी अमेरिका के प्रेसिडेंट बने 1961 में , इन दोनों ने ही अपने बेटे को अकाल गवा दिया था , 

दोनों ही प्रेसिडेंट की हत्या Friday के दिन हुई थी , हत्या के दरमियान उन दोनों की पत्नी उसके साथ थी और उसके साथ दोनों ही प्रेसिडेंट के सिर में गोली मारी गई थी , लिंकन की हत्या फोर्ड थियटर में हुई थी और जब John F. Kennedy को मारा गया तब वह फोर्ड कंपनी ने बनाई हुई एक converting खुली कार में बैठे हुए थे और इतना ही नहीं उस फोर्ड कंपनी की कार के सीरीज का नाम लिंकन था , 

इतना ही नहीं उन दोनों के वाइस प्रेसिडेंट का नाम जॉनसन था , और भी बहुत सारे इत्तेफाक है इन दोनों के बीच में लेकिन मुझे belive नहीं हो रहा था इसलिए मैंने यहां पर नहीं लिखे क्योंकि मैं वह लिखना नहीं चाहता जो मैं खुद जानकर पढ़कर भी belive नहीं कर सकता हु ,

अगर और बात करें तो लिंकन के निजी सलाहकार का नाम जॉन था और जॉन के निजी सलाहकार का नाम लिंकन था , दोस्तों मैं चाहता हूं कि आप एक बार गूगल में या फिर यूट्यूब में सर्च करके जरूर देखें कि इन दोनों के बीच में और क्या क्या समानता थी क्योंकि मुझे तो पता है लेकिन मैं वह यहां पर लिखना नहीं चाहता और आप मेरे सामने भी नहीं है जो मैं आपको बोल कर सुनाउ , लेकिन आप जरूर पढ़ना बहुत ही इंटरेस्टिंग है आपको यकीन नहीं होगा लेकिन maybe that's true ,

आखरी इत्तेफाक जो मैं आपको बताने वाला हूं उसे सुनने के बाद मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे, मैं जहां पर खड़ा होकर ये पढ़ रहा था उस वक्त मेरे दिमाग में इस तरह की तमतम हुई थी जैसे मेरा पूरा शरीर कांप रहा हो और मैं इतना डर गया था जो आप सोच भी नहीं सकते , 

लेकिन चलो ये तो मेरी बात थी अब आपको यह बात कहां तक सच लगती है वे आपके ऊपर है लेकिन मैंने इस last इत्फ़ाक पर बहुत ज्यादा पढ़ाई की थी मैं डर रहा था फिर भी मैंने बहुत कुछ जानने की कोशिश की और इतना पता चला की यह बात सच है ,


Sea hero boat की अनकही घटना


यह घटना है सन 1882 की ,एक Brazilian boat के कप्तान को समुद्र के तट पर एक बोतल मिली जिसके अंदर एक चिट्ठी लगी हुई थी जिसमें लिखा हुआ था कि 

“मैं sea hero नाम की boat का co-captain हु और हमारे boat में किसी हमलावरों ने हमला किया है और मेरे सारे साथियों को मार दिया है और मुझे सिर्फ इसलिए जिंदा रखा है ताकि मैं बोट चला पाऊ , हम Amazon नदी की ओर 28 latitude or 22 longitude की और हर घंटे 5 किलोमीटर की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है मुझे तत्काल मदद की जरूरत है "


Law of probability इतिहास के वह सच्चे किस्से जो सोचने पर मजबूर करदे !
Sea hero {Low of probability}


उसमें तारीख नहीं लिखी हुई थी फिर भी ब्राजील के कप्तान उस दिशा की ओर जाने लगे जिस दिशा के बारेमें उस latter में लिखा हुआ था , जब वे उस दिशा की ओर आगे बढ़ रहे थे तब उसे सचमुच sea hero नाम का एक boat दिखाई दिया ,sea hero नाम की उस boat में से गोलियां चली और जवाब में उस कप्तान ने भी गोलियां चलाई और कुछ ही देर में उस boat में कब्जा हासिल कर लिया , 

See hero के co-captain वहां पर मौजूद थे और उसने यह सब कुछ देखा और बहुत खुश हुए लेकिन ताज्जुब की बात तो दोस्तों यह है कि जब Inquiry हुई तब पता चला कि वह latter उस कैप्टन ने नहीं लिखा था , जब उसके साथ पूछताछ करने में आई तो उसने सबसे साफ साफ कह दिया कि मैंने किसी बोतल में कोई चिट्ठी लिखकर कहीं भी नहीं भेजी है , लेकिन फिर भी उस चिट्ठी में लिखे एक-एक शब्द सच थे और फाइनली यह बात कोर्ट मार्शल की अदालत में पहुची , 

ब्राजील के उस कप्तान वह चिठी अदालत में पेश की ओर see hero के उस कप्तान ने साफ साफ मना कर दिया कि वह चिट्ठी मैंने नहीं लिखी है , लेकिन जब इस तथ्य की पड़ताल हुई और सचाई पर से पर्दा उठा, तब जो सच सामने आया उसने सबके होश ठिकाने लगाकर रख दिये लेकिन उस सच को कोई भी मानने को तैयार नहीं था , 

क्योंकि 16 साल पहले किसी जॉन पर्मिट ने अपने एक नवलकथा में इस sea hero नाम के जहाज  काल्पनिक रूप से वर्णन किया था और यह कहानी इससे बिल्कुल मिलती-जुलती थी और उस नोबेल को प्रकाशन करने वाले व्यक्ति ने बहुत सारी बोतल में वह सब लिखकर समुद्र में डाल दिया था और इसी वजह से उन सब बोतल में से किसी एक बोतल उस ब्राजील कप्तान को मिली , 

अगर सच कहूं तो मुझे यह last इत्फ़ाक बिल्कुल सच्चा नहीं लग रहा है क्योंकि मैंने जब जॉन परमिट का नाम गूगल में सर्च किया तब कुछ भी मुझे नहीं मिला लेकिन फिर भी मैंने यहां पर इसलिए लिखा है, मैं इस पर थोड़ा था बिलीव इसलिए करता हूं क्योंकि यह बात एक बहुत बड़े साइंटिस्ट ने कही थी जिसे में ingore नही करना चाहता , 

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