मंगलवार, 26 मार्च 2019

एक सुंदर प्रेणादायक घटना A beautiful scenic event

एक सुंदर प्रेणादायक घटना A beautiful scenic event


आज एक बहुत ही अच्छी कहानी सुनने मिली, सुनकर बहुत अच्छा लगा इस कहानी में उस लोगों का वर्णन किया हुआ था जो अच्छाई को छोड़कर बुराई की ओर चले जाते हैं और आंतकवादी बन कर तबाही मचाते हैं,

कहानी बिल्कुल छोटी सी है लेकिन समझदार को तो इशारा काफी है फिर छोटी सी कहानी में क्यों समझ में नहीं आएगा,


एक सुंदर प्रेणादायक घटना A beautiful scenic event

एक सुंदर प्रेणादायक घटना A beautiful scenic event
एक सुंदर प्रेणादायक घटना A beautiful scenic event

एक बस माता जी के दर्शन करने के लिए किसी यात्रा धाम की ओर जा रही थी उस बस में हर जाति के लोग बैठे हुए थे, सभी लोग माता जी का नाम पुकारते पुकारते और हंसी मजाक के साथ बस में सफर कर रहे होते हैं,

अचानक उस बस में कुछ आंतकवादी हमला कर देते हैं और सब को एक ही सवाल पूछते हैं उनका सवाल यह होता है कि “क्या उन मुसलमान हो", अगर कोई कहता है कि “हां मैं मुसलमान हूं" तो उसे कुरान का कोई भी आयात बोलने के लिए कहते,

उस बस में बैठे हुए कुछ मुसलमान कुरान की आयात सुना कर बच गए और कुछ अलग जाति के लोग जो कुरान के आयात नहीं सुना पाए उसकी उस आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी,

उसी बस की last chair में एक हिंदू परिवार बैठा हुआ था उस परिवार के एक बुजुर्ग आदमी के सर पर बंदूक रखकर एक आंतकवादी ने कहा कि “तुम मुसलमान हो" तभी उस बुजुर्ग आदमी ने कहा कि “हां मैं मुसलमान हूं" उसके बाद उस आंतकवादी ने उस बुजुर्ग आदमी को कहा कि तो फिर मुझे एक कुरान की आयत सुना कर बताओ, उस बुजुर्ग आदमी ने सुना दी,

आंतकवादी बस में बैठे हुए सारे मुसलमानों को जिंदा छोड़कर वहां से चले गए, तब एक असली मुसलमान ने उस हिंदू परिवार के उस बुजुर्ग आदमी से कहा कि “मैं जानता हूं कि आपने जो आयात  सुनाइ थी वह कुरान की आयत नही थी वह भगवत गीता का एक श्लोक था फिर भी उसने आपको कैसे छोड़ दिया"

उस बुजुर्ग आदमी ने कहा कि “मैं जानता था कि उस आंतकवादी ने कुरान नहीं पढ़ी थी" तब उस मुसलमान ने कहा कि “आपको कैसे पता चला कि उसने कुरान नहीं पढ़ी होगी" तब उस हिंदू बुजुर्ग ने कहा कि “अगर उसने कुरान बड़ी होती तो वह आंतकवादी नहीं होता"

में जानता हूं कि आप आंतकवादी नहीं है आप मतलब आप जो इसे पढ़ रहा है क्योंकि आंतकवादी कभी पढ़ा भी नहीं करते अगर वह पढ़ लेते तो भी शायद आंतकवादी नहीं होते लेकिन हमें इस छोटी सी घटना से क्या सीखने मिलता है उस विषय पर हम बातें करते हैं,

मुझे सिर्फ इस कहानी से यह सीखने मिला कि हमें जिंदगी में एक बार जो हमारे महान ग्रंथ है जैसे कि गीता, कुरान, बाइबिल आदि.., जिसे पढ़कर हजारों लोग अपनी जिंदगी में कामयाब बने हैं वैसे महान ग्रंथों को कम से कम एक बार पढ़ना चाहिए,

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