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बुधवार, 6 मार्च 2019

एक question जो आज मैंने ख़ुदसे पूछा who am i ?

एक question जो आज मैंने ख़ुदसे पूछा  who am i ?

एक question जो आज मैंने ख़ुदसे पूछा  who am i ?
एक question जो आज मैंने ख़ुदसे पूछा  who am i ?

एक question है जो मैं अपने आप से पूछना चाहता हूं एक ऐसा question है जो मैं चाहता हूं कि मैं everyday अपने आप से पूछा करू की “Who am I ?" वह जिसे everyday दुनिया देखती है या फिर वह जैसा मैं चाहता हूं कि people's मुझे देखें, वह जो मैं सबके सामने हु या फिर वह जो सिर्फ में अपने सामने हु, “Who am I ?"

में जानता हूं कि यह KBC नही है औऱ इस सवाल के जवाब को ढूंढने के लिए मेरे पास सारी जिंदगी पड़ी है, सच कहूं तो मैं खुद भी इस सवाल का जवाब देने से डरता हूं, although अब मैं खुद को समझने लगा हूं but एक वक्त था जब मैं अपने आप को दुनिया की नजर से देखता था,


Who am I


एक time था जब people मेरे बारे में क्या सोचते हैं वह मेरे लिए अपनी Thought से ज्यादा important था, childhood में हमें अच्छी habit, अच्छी तरह से बोलचाल, अच्छी तरह से रहन-सहन करना सिखाया जाता है कभी सोचा नहीं why ? 

Maybe इसीलिए कि हम  सारे people's के सामने उसकी जैसे उसकी तरह Confertable के साथ बातें कर सके और उनसे अलग ना दिखे, maybe  इसीलिए मैं उन विशेषताओं को अपने अंदर नहीं ढूंढ पाया जो Specialty सिर्फ मुझे दी गई थी, 

जब तक मे 12th क्लास मैं था तब तक मैं सिर्फ पढ़ता लिखता था, किसी से बातें तक नही करता था और हफ्ते में दो-तीन मेरे झगड़े होते ही थे, झगड़े इस वजह से होते थे कि मेरा nuture सबसे  different था, मुझे बात बात पर गुस्सा आ जाता था, मैं सबसे अलग था इसीलिए शायद लोग मुझसे बातें नहीं करना चाहते थे और और festival पर हर celebration के दिन पर मैं अकेला एक कोने पर खड़ा होता हूं,

एक stage आया जब मुझे एहसास हुआ कि हर किसी को जिंदगी के हर एक पल में किसी ना किसी का साथ आवश्यकता है इसलिए मुझे दूसरों को नहीं खुद को बदलने की जरूरत है लेकिन मेरी image इतनी खराब थी  relative के सामने और बीते उन सारे friends के सामने, so किस तरह से अपने आप को एक नए इंसान के रूप में peoples के सामने रखु ,  

लेकिन जब मैं college में आया तब मैंने सोचा कि नए लोग हैं नया Atmosphere है इसलिए उस तरह से दिखने की कोशिश करूं जिस तरह का में आज से पहले कभी नहीं था, मैं वह सब करने लगा जो मैं कभी करता ही नहीं था, जो मैं कभी था ही नहीं जो मुझे कभी पसंद था ही नहीं, मैं लोगों की हर बात पर agree होने लगा,  


Who am I ?


मैं उन लोगों में से था जो हर हफ्ते दो या तीन books पढ़ने की कसम खाया करता था लेकिन मैंने वह सब छोड़ दिया, आज मैं एक महीने में भी एक book नहीं पढ़ सकता, अगर book छोटी से छोटी भी हो तो भी मेरे लिए Impossible सी लगती हैं, 

कभी-कभी सोचता हूं कि में वह लड़का ही था जिसने एक हफ्ते में five बुक्स डेढ़ सौ पेजेस की पढ़ी थी वह भी 5th class में , वह बात अलंग है कि उसमे से दो story book's थी और 3 Spiritual बुक्स थी, लेकिन आज के जमाने मे सबसे dirty से dirty movie भी कुछ सीखकर कर जाती है तो फिर वे सब तो किताबें थी और आज भी उन किताबों में लिखी हर lines मेरे कानों में गूँजती है,

ये सब इसलिए कि दुनिया मुझे outside न करदे, अब ये सब सही था या नही वे तो तब मुझे पता नही था, because कहते है न कि जिंदगी सब कुछ वक्त पर सिखाती है इसलिए सायद वे वक़्त सही न था और में आगे बढ़ता रहा,

मैं जानता था कि दूसरों के करीब आने के लिए मैं खुद से बहुत दूर जा रहा था, एक दिन अचानक कुछ ऐसा हुआ कि मेरी आंखें नम हो गई, अपनी पुरानी book's देखते देखते मुझे 10 साल पुराना id card मिल गया जो मेरा primary school का id card था,  दोस्तों तस्वीरों की एक ताक़त होती है, वे उस एक वक्त के लिए हमारा वजूद और हमारा अस्तित्व कैद कर लेती है,


Who are you?


जब मैंने उस id card को देखा तो मैं कुछ देर के लिए पहचान नहीं पाया maybe इसीलिए कि मैं खुद से बहुत दूर चला गया था, बार बार उस id card में लगी अपनी तस्वीर को देखकर मैं यही सोच रहा था कि Who am I ? और मेरा सवाल उस तस्वीर से भी था कि आखिर Who are you?

आज maybe जानता हूं कि Who am I ? और इसी लिए में अपनी मंजिल को खोज में निकला हु एक बार फिर वही time है मेरी life का, जब मेरे पास कोई नही है मैंने एक बार फिर सबसे relationship तौड़ा नही है but सिर्फ कुछ time के लिए छोड़ा है, 

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