मंगलवार, 12 मार्च 2019

इस युग मे अगर मैं रावण भी बन जाता, तब भी बहुत बड़ी बात थी

इस युग मे अगर मैं रावण भी बन जाता, तब भी बहुत बड़ी बात थी

इस युग मे अगर मैं रावण भी बन जाता, तब भी बहुत बड़ी बात थी
इस युग मे अगर मैं रावण भी बन जाता, तब भी बहुत बड़ी बात थी

Today I know that इस युग में maybe में रावण भी बन जाऊ ना तो भी बहुत बड़ी बात है because रावण में ego था लेकिन पश्चाताप करने की Power भी थी,

अपनी जान देते time उसने राम से कहा था कि है राम ! मेरे पास Strength थी तुमसे ज्यादा, धन था तुमसे ज्यादा, सैना थी तुमसे ज्यादा, skills भी थी तुमसे ज्यादा, but फिर में हार गया, just to कि तुम्हारे साथ तुम्हारा brother खड़ा था और मेरे साथ मेरा brother खड़ा नहीं था,

इस युग मे अगर मैं रावण भी बन जाता, तब भी बहुत बड़ी बात थी


जब लंका के people's को पता चला कि राम के नाम का पत्थर तो समुद्र में तैरता है, तब लंका की सारे people's और Soldier राम से युद्ध करने से डरने लगे, तब रावण ने भी कहा कि “मेरे नाम का पत्थर भी समुंदर में तैरता है और वह सारे people's और Soldier को लेकर Seashore के पास ले गया और अपना name एक पत्थर पर लिखा और समुंदर में डाला और वह पत्थर भी तैर ने लगा"

Night को सोने से पहले मंदोदरी ने रावण से पूछा, “है स्वामी ! I know कि आपके नाम का पत्थर समंदर में नहीं तैर सकता, please आप मुझे बताये कि आपने क्या किया था" Then Ravan had said that “मैंने पत्थर उठाया उसमें अपना name लिखा और उसको कहा कि अगर तू डूब गया तो तुझे तेरे श्री ram की कसम है"

रावण में at least यह skills था कि वह मान ले कि उसमें यह करने की power नहीं है but मैंने तो कभी यह भी नहीं माना ,

रावण की बहुत सारी desire बहुत सारी इच्छा थी but उसके साथ साथ patience भी था , रावण के पास सीता को अपहरण करने की power तो थी but उसके साथ साथ बिना उसकी Permission के ना स्पर्श करने का संकल्प भी था ,

कोई दोहराई नही है इस बात से की सीता जीवित मिली यह राम की Strength थी but  सीता पवित्र मिली वह रावण की मर्यादा थी , 

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