बुधवार, 20 फ़रवरी 2019

हमारी किंमत हमेशा बदलती रहती है Our price always changes

हमारी किंमत हमेशा बदलती रहती है Our price always changes


मैं अपने सारे friends के साथ every Sunday घूमने जाता हूं और sunday इसलिए घूमने जाता हूं because उस दिन हमारे यहां एक बहुत बड़ा कपड़ों का fair लगता है Which we call something else, 

मैं उस कपड़ों के fair में अपने दोस्तों के साथ निकलता हूं तब आते-आते अपने लिए कुछ ना कुछ Fruit खाने के लिए जरूर लाता हूं और मैं ही नहीं मेरे सारे friends भी अपने अपने लिए कुछ ना कुछ लाते ही है ,

वैसे भी सब के पास time सिर्फ sunday को होता है इसके अलावा तो now-a-days का हर इंसान busy रहता है और आज कल का तो atmosphere ऐसा है कि अगर कोई भी किसी से कुछ भी पूछता है ना तो सामने वाले से भी यही reply आता है कि I'm busy now

one time मैंने किसी से पूछा कि यार लोग हमेशा ऐसा क्यों कहते हैं कि मैं busy हूं , तो पता है सामने वाले ने मुझे क्या जवाब दिया , उसने कहा कि अभी मैं busy हूं बाद में बताता हूं मतलब यहां पर भी लोग बिजी ही है , 

always care your price 

हमारी किंमत हमेशा बदलती रहती है Our price always changes
हमारी किंमत हमेशा बदलती रहती है Our price always changes



वैसे हमारा मुद्दा कुछ और है मैं बात करना चाहता हूं एक वक्त कि जब हम लोग ऐसे ही एक sunday bazaar में घूमने निकले और bazaar में घूमने के बाद हम लोग Fruit की दुकान पर गए और सब लोगों ने अपने लिए कुछ ना कुछ Fruit लिए और मैंने अपने लिए grape यानी की अंगुर लेने का सोचा , 

जब मैं अंगूर लेने के लिए एक shop पर गया और मैंने अंगूर का भाव Shopkeeper से पूछा तो उसने मुझे दो तरह के अंगूर बताएं . एक वो अंगूर जो चिपके हुए थे जिसे हम लूम कहते हैं मतलब कि वह सारे अंगूर लूम में थे और दूसरे वह grape दिखाए जो अंगूर एक दूसरे से अलग हो चुके थे और बिखरे हुए थे ,

उसमें से जो लूम में लगे हुए थे उस अंगूर की कीमत ₹30 किलो और दूसरे अंगूर जो बिखरे हुए थे उसकी कीमत ₹15 किलो क़ीमत मुझे उस Shopkeeper ने बताई , When i heard this, i drowned in a deep thought thinking “How"

हमेशा अपनी कीमत का ख्याल रखें

आज कल मुझे हर सवाल के जवाब खोजने की Habit हो गई है इसलिए इस सवाल का जवाब ढूंढे बिना मुझे चैन तो मिलने वाला नहीं था इसलिए मैंने सोचा कि खुद से सोचने से अच्छा है कि इस Shopkeeper से ही पूछ लेता हूं कि But why so ,

मेरा जो यह सवाल पूछने का way था वह एकदम मजेदार था और उससे भी ज्यादा मजेदार था उस Shopkeeper का two words का वह जवाब , मेरे two line के सवाल और Shopkeeper के  two words के जवाब में मुझे और मेरे दोस्तों को सोचने पर मजबूर कर दिया ,

मैंने दुकानदार से कहा कि ऐसी क्या गलती हो गई इस बिखरे हुए अंगूर की जिसकी वजह से इसका दाम अपने बिरादरी के बाकी अंगूर से आधा हो गया , तब Shopkeeper ने कहा इनसे बस यही mistake हो गई कि यह उन सब से बिछड़ गए

इस बात को सुनकर आप लोगों को यह सीखने मिला होगा कि अपनों से बिछड़ने के बाद हमारी जो Value है वह आधी हो जाती है और आपकी यह सोच बिल्कुल सही है लेकिन मैं तो यहां अपनी सोच की बात लेकर बैठा हूं और इसीलिए मैं यहां पर अपनी सोच आपके सामने रखना चाहता हूं इस Incidence को लेकर ,

मेरा मानना है कि अपनों से बिछड़ने के बाद हमारी कीमत आधी नहीं बल्कि less मात्र हो जाती है मतलब कि हमारी कीमत रहती ही नहीं है और यह मेरा मानना है , क्या लगता है आपको सही है ना , 

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