गुरुवार, 14 फ़रवरी 2019

Online study karte waqt मोबाइल se कैसे bachaye अपनी आंखें

Online study karte waqt मोबाइल se कैसे bachaye अपनी आंखें

Online study karte waqt मोबाइल se कैसे bachaye अपनी आंखें
Online study karte waqt मोबाइल se कैसे bachaye अपनी आंखें

में हर रोज तकरीबन 10 या 12 घंटे मोबाइल और कंप्यूटर के साथ चिपका रहता हूं because मेरा काम ही यहां पर होता है , 4/5 घंटे ब्लॉग लिखने के लिए ऑनलाइन होना पड़ता है औऱ बाकी का वक़्त study करने के लिए ,

में जानता हूं कि में अपनी study बुक्स के साथ भी कर सकता हु लेकिन मेरी एक आदत है पता नही उसे हम bad habbit कहेगे या good habbit , और वह आदत यह है कि मुझे knowledge की भूख है लेकिन मुझे book's पढ़ना अच्छा नही लगता क्यों कि उसमें में वह सब नही सिख सकता जो में सीखना चाहता हु ,

Internet से हम जो चाहे वह अपने मुड़ के हिसाब से सिख सकते है और इसलिए में अपनी पूरी study मोबाइल से करता हु लेकिन इसका मतलब यह नही है की आपको अगर बुक्स पढ़ने की आदत है तो उसे छोड़कर मोबाइल को अपनाए , मोबाइल हमारी body को बहुत नुकसान करता है और वह तो आप जानते ही होंगे ,


How to protect eyes from mobile 


मैं आज आपके साथ Mobile से जुड़ी एक बात share करने आया हूं , जैसे कि हम सब जानते हैं कि mobile हमारी body को बहुत नुकसान करता है लेकिन हमारी बॉडी का एक अंग जो मोबाइल की वजह से डैमेज होता जा रहा है , उसे हम कुछ हद तक काबू में कर सकते हैं और उनका नाम है हमारी आंखें ,

मैं बहुत दिनों से सोच रहा था कि अपनी आंखों को कैसे मोबाइल से बचाऊ और इसके लिए मैं डॉक्टर के पास गया , यह पूछने की क्या आपके पास कोई ऐसा नुस्खा है जिससे में मोबाइल उस करते वक्त अपनी आंखों की रक्षा कर सकू और उसने मुझे एक गॉगल्स दिए , लेकिन मुझे वह पसंद नहीं आया इसलिए मैंने वह पहनना छोड़ दिया ,

बहुत दिनों की खोज के बाद finally मुझे एक बहुत important बात पता चली जो शायद सब जानते ही होंगे लेकिन दो वजह से में वह बात यहां share रहा हु ,

पहली वजह यह कि मेरे इस ब्लॉग का title यही है कि जो में सीखता हु उसे हमेशा के लिए save रख सकू और आज मैंने यही topic सीखा है , second think यह है कि भले ही मैंने पहले लिखा है कि इस बात को सब जानते होंगे लेकिन फिर भी बहुत सारे ऐसे peipeo भी जरूर होंगे जिसे यह बात नही पता होगी ,

में जब nights में phone use करता था तब मुझे ऐसा लगता था कि मुझे काम की वजह से नींद नही आ रही है लेकिन बात तो कुछ और थी ,

थोड़ी रिसर्स के बाद पता चला कि हमारे दिमाग ने दिन और रात को पहचानने के लिए भी code फिक्स किये है यानी कि सुबह जब सूरज निकलता है तब blue रंग की किरणें हमारी आँखों मे पड़ती है जिससे हमारे दिमाग को पता चलता है कि दिन हुआ है और जैसे ही शाम होने लगती है वैसे आकाश में blue किरणे कम होने की वजह से हमारी body में  melatonin  नाम का हॉर्मोन उत्पन्न होता है जो हमे संकेत देता है कि रात हो गई 

लेकिन रात को जब हम देर रात तक phone use करते है तब mobile में से निकलती blue लाइट की वजह से हमारे दिमाग़ को लगता है कि रात है इसलिए मुझे रात को नींद नही आती थी और में समझता था कि मुझपे काम का बुखार है , अब इनके solution की बात करे तो simple है ,

आज कल जो new mobile और लैपटॉप कंप्यूटर है उसमें तो blue फ़िल्टर का बटन आता है लेकिन जिसमे नही आता है वह सब मेरी तरह playstore में से blue फ़िल्टर app डाऊनलोड करले , इतनी बड़ी problem का यही एक छोटा सा हल है , जो लोग रात को देर रात तक mobile में work करते है वह जरूर इसे आजमाए , 


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