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शनिवार, 16 फ़रवरी 2019

Do not think that I know all || ऐसा मत सोचो कि मैं सब जानता हूं!

Do not think that I know all || ऐसा मत सोचो कि मैं सब जानता हूं !

Do not think that I know all
Do not think that I know all


सब लोग कहते हैं कि जो लोग law की पढ़ाई करते हैं उसे बहुत ज्यादा पढ़ना पड़ता है शायद इसीलिए हमारे जो महान व्यक्ति  Dr br ambedkar वह 16 ,16 घंटे तक पढ़ाई करते थे लेकिन बात यह है कि लोग यह क्यों नहीं कहते कि जो लोग law की पढ़ाई करते है वह इतनी देर तक पढ़ते क्यों है ,

उसकी study कभी भी complite क्यों नहीं होती , चाहे वह student हो या फिर बहुत बड़ी कंपनी में जॉब कर रहे हो , फिर भी उसे पढ़ना तो पड़ता ही है , यह question मुझे बार-बार परेशान करता था इसलिए मैंने सोचा कि क्यों ना इसके ऊपर थोड़ा सा रिसर्च करू और जो मुझसे बन पड़ता है उतना नॉलेज इकट्ठा करने की कोशिश करू , 

इसका जवाब मुझे तब मिला जब मैंने एक गुजराती movie देखी जिसका नाम है चलो थोड़ा सा जी लेते हैं , नाम मैंने यहां पर हिंदी में लिखा है लेकिन गुजराती में इसका अर्थ कुछ और ही होता है और वह सिर्फ गुजराती लोग ही समझ सकते हैं इसलिए मैंने उस title को हिंदी में लिखकर यहां पर आपके सामने रखा ,

Do not think that I know all 


उस movie में एक dialogue था कि “हर गुजराती के पास सब सवाल के जवाब होते हैं सारी परेशानियों का हल होता है लेकिन शर्त सिर्फ इतनी होनी जाएगी की वह सारी परेशानियां वह सारे सवाल दूसरों के होने चाहिए "मतलब कि लोग खुद के सवाल और खुद की परेशानियों का हल खोजें बिना दूसरों की परेशानियों में घुस जाते हैं ,

और इसके पीछे का एक ही reason है और वह reason मेरे इस ब्लॉग का टाइटल   है यानी की हम यह सोचने लग जाते हैं कि “हमें सब पता है"  This is the reason for which we can never learn new

दोस्तों दूसरों की बात नहीं करते हैं मैं खुद की और आपकी बात करता हूं कि जब भी कोई इंसान मेरे पास आकर मुझसे कुछ कहता है या फिर कोई छोटी सी knowledge share  करना चाहता है तो मैं उसका मुंह सटाक से बंद कर दूंगा और उसे कहूंगा कि मुझे यह बताने की जरूरत नहीं है “मुझे सब पता है" 

जैसे कि Everyone knows कि मैं यहां पर अपनी बातें शेयर करता हूं जो मेरी सोच है वह आपके सामने रखता हूं इसलिए आज मेरी सोच में थोड़ा सा बदला हुआ और मैंने सोचा कि क्यों ना कुछ सालों के लिए यह सोच कर चले कि मुझे कुछ पता नहीं है और इसके फायदे क्या है वह सोच कर ही मेरे दिमाग को इतना सुकून मिला , 

Benifit of this thinking


Just for example की आपने किसी पर्टिकुलर topic को study किया उसके बाद उसे छोड़ दिया beacase आपके ज़हन में आया कि अब आपको उस topic में सब कुछ पता है यानी कि आपकी पकड़ अब उस topic को लेकर storng है , इसी वजह से कोई इंसान आपको उस topic को दुबारा पढ़ाने की कोशिश करेगा या फिर आपके सामने उसके realate कोई knowledge share करना चाहेगा तो आप सटाक से कहेंगे कि मुझे पता है ,

लेकिन उस वक्त कुछ देर के लिए आप यह सोचे कि आप को उस topic के ऊपर कुछ भी पता नहीं और जो कुछ भी वह इंसान बोलना चाहता है उसे visualization और mind के साथ इस तरह से सुने जैसे कि आपको वह सब पहली बार सुनने मिल रहा है और सुनने के बाद कहीं सुनसान जगह पर या फिर रात को सोने से पहले उस बात को anyalisis करें कि क्या उस बात को सुनकर आपको कुछ नया सीखने नहीं मिला, 

after the doing all this यहां पर कोई शख्स ऐसा नहीं होगा जो मुझे यह कह सके कि , नहीं मुझे उसमें से कुछ सीखने नहीं मिला क्योंकि मेरा 500% believe है कि इससे आपको कुछ ना कुछ नया सीखने positively मिला होगा, 

जो people law की study करते हैं उसके दिमाग में भी यही घुस गया है की उसे कुछ पता नही है उसने अगर कोई Case खुदकी बदौलत भी solve किया है फिर भी वह उस case के related बहुत सारी book's पढ़ते रहते हैं क्योंकि उसके दिमाग में घुस गया है कि उसे इस case पर कुछ नहीं पता तभी जाकर वह उस case की study बार-बार करते हैं और बार बार कुछ नया सीखने का अनुभव करते है इसी वजह से उसकी स्टडी और उसकी पढ़ाई लिखाई कभी खत्म नहीं होती , 

आज से नही लेकिन अभी से यह सोचना शुरू कर दीजिए की आपको कुछ पता नहीं है और तब तक यह सोचना शुरू रखे जब तक आपको ऐसा नहीं लगता कि जब आप लोगों के सामने आपकी बाते रखेगे तब सच में आपको सब पता होगा , लेकिन हां तब भी आप यह मत सोचना कि आप को सब पता है लोग भले ही यह सोचने लगे ,कि आप को सब पता है ,  बस यही बात आज मुझे अपने आप से और मेरे सारे दोस्तों के साथ शेयर करनी थी और Especially  तो मुझे अपने आप से share करनी थी ,

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