Search here

शुक्रवार, 4 जनवरी 2019

Learn how to forgive माफ करना सीखिए ?


Learn how to forgive माफ करना सीखिए ?

आज बहुत एक छोटी सी कहानी लेकर आपके पास आया हूं जिसका शीर्षक है लोगों को माफ करना सीखिए इस कहानी  से मैं शायद आपको माफ करना सिखा सकूं इसी प्रयोजन के साथ में या कहानी आपके लिए लेकर आया हूं , 

ऐसे तो बहुत सारी कहानियां आपको इंटरनेट पर यूट्यूब पर मिल जाएगी उन्हीं में से एक है जो मैं आपके लिए लेकर आया हूं शायद आप लोगों ने सुनी होगी लेकिन जैसे कि मैं हर बात आप सबको बताता हूं कि जो चीज हमने सीख ली है य से वापस जब हम सीखते हैं तब हमें कुछ ना कुछ नया सीखने मिलता है

अगर आपने यह कहानी पहले भी पढ़ ली है या फिर किसी से सुन ली है फिर भी आपको यहां से जरूर कुछ नया सीखने मिलेगा और हम लोग नया सीखने के लिए ही यहां पर इकट्ठा हुए हैं कहानी शुरू करते हैं

एक राज्य में एक व्यापारी रहता था , एक दिन उस व्यापारी से एक बहुत बड़ी गलती हो गई जिस वजह से उस राज्य के राजा ने उस पर ₹1 लाख रुपये देने का दंड दिया , उस व्यापारी के पास इतने सारे पैसे नहीं थे इसलिए वह राजा से मिलने उसके दरबार गया ,

वहां जाकर उसने राजा से विनम्रता पूर्वक माफी मांगी और कहां " महाराज मेरे पास इतने सारे पैसे नहीं है मुझ पर दया कीजिए और मुझे माफ कर दीजिए "  राजा को उस पर दया आई और राजा ने उसे माफ कर दिया और उसके ऊपर लगा ₹100000 का दंड भी माफ कर दिया , 

व्यापारी बहुत खुश हुआ हुआ और अपने घर वापस चला गया बहुत वक्त गुजर गया था इस बात को तभी एक दिन उसके नौकर से एक गलती हो गई और उस व्यापारी ने अपने नौकर को ₹100 देने का दंड दिया , 

वह नौकर बहुत ही गरीब था उसके पास सो रुपए जितनी बड़ी रकम नहीं थी उसने व्यापारी से माफी मांगी लेकिन व्यापारी ने उसे माफ नहीं किया यह सोचकर वह नौकर महाराज के पास गया और उससे मदद मांगी महाराज ने उसकी सारी बात सुनी और व्यापारी को महल में बुलाया , 

राजा ने व्यापारी को समझाया कि तुम्हारा ₹100000 जितना दंड मैंने माफ कर दिया और तुम अपने नौकर के सो रुपए नहीं माफ कर रहे हो यह सुनकर व्यापारी ने उस नौकर को माफ कर दिया ,

दोस्तों पूरे राज्य को संभालने वाले राजा माफ करते है लेकिन उसके राज्य के लोग एक दूसरे माफ करते नही है इसी प्रकार हमारा राजा यानी कि जो पूरी दुनिया को संभालकर बैठे है वह हमें बार बार माफ कर देते है फिर हम तो उसके राज्य के छोटे से इंसान होकर भी माफ करने से हिचकते है

क्यों ? 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Share your experience with me