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बुधवार, 5 दिसंबर 2018

सच सच बताना यार मिस करते हो कि नही ~ superhit motivational poetry

motivational poetry : this is one of the best motivational poetry by shailesh lodha , This motivational poetry will remind you of what you miss in today's world , Its name is सच सच बताना यार मिस करते हो कि नही , 

superhit motivational poetry by shailesh lodha 


बहुत कुछ पाने की दौड़ मैं हमने जो गुमा दिया है उसका हमे एहसास नही है मगर आज कुछ लब्ज , एहसास , और कुछ लम्हे में आपके लिए लाया हूं जो मसहूर कवि shailesh lodha ने लिखे है , 

कुछ लोगों ने यह कविता सुनी होगी लेकिन सबने यह नहीं सुनी होगी इसी प्रयोजन के साथ मैं आपके लिए यह कविता लेकर आया , जिसने सुनी है वह बिना पढ़े मत जाना क्यों कि यहां पर आपको जरूर कुछ नया शिखने मिलेगा और हा सच सच बताना आप भी मिस करते हो कि नही , 


सच बताना यार मिस करते हो कि नही ? Motivational poetry 


Superhit motivational poetry by shailesh lodha
सच सच बताना यार मिस करते हो कि नही ~ superhit motivational poetry



Whatsapp पर फ़ोटो डाऊनलोड करदी , mail भेज दिया , facebook पर SMS डाल दिया , twitter पर twit कर दिया , यह बात सच है कि आज उंगलियों पे सारा जहा है , मगर सच सच बताना यार इसमे हाथ से लिखे खत की आत्मा कहा है , भूल गए वो दिन जब चिट्ठियों पर बसी गंध महीनों तक नाक में रहती थी और डाकिये को देखकर चहरे पे हँसी हुआ करती थी , 


जवानी में प्रेमिका को ना लिखे होते खत तो करने को कुछ था ही नही , जिस किताब में प्रेमिका का खत रखा हो उसका पन्ना मौडा जाता था ,  घर से भागना भी था तो खत छोड़ा जाता था , वह सारी चिठिया क्या थी  बगावत , मोहबत , प्यार , स्नेह , निमंत्रण और माफी था मां की चिट्ठी आई है रुलाने के लिए एक वाक्य ही काफी था , इन दिनों किसी पुराने संदूक में कोई पुराना खत मिल जाए तो उसे चुप चुप कर किस करते हो की नहीं  सच सच बताना यार मिस करते हो कि नही ,

मर्सिडीज ले ली है बड़ा मजा आता है बेटा BMW चलाता है बेटी को ऑडी दिला दी है , हौंडासिटी बेच दी बहुत चलादी है , आज महंगी से महंगी कार में पास में बीवी बैठ जाए   ना तो लगता है कि इसी दिन के लिए तो परिश्रम के चक्कर लगाता था मगर जब वह स्कूटर में बैठकर कमर पकड़ती थी ना दिल मचल मचल जाता था , 


यार बोलने सुनने में क्या अच्छा लगता है भूल गए वह दिन जब पेट्रोल का दाम बढ़ने से घबराते थे ,चला लो महंगी से महंगी कार मगर वह सुख कहा से लेकर आओगे जब किराए पर एक घंटा साइकिल लेकर जाया करते थे , फिर से वह सायकल और स्कूटर के दिन लौट आए यह ख्वाइस रखते हो कि नही  सच सच बताना यार मिस करते हो कि नही , 


बचपन में जब बिजली चली जाती थी तब हम सब लोग हो... हो... हो.... करके बाहर निकलते थे और जब बिजली वापस आती थी तब हो..... हो...... हो.... करके अंदर जाते थे , एक ही बिजली हमें दो दो बार खुशियां दे जाती थी यह सौदर्य था जिंदगी का ,  आज के जमाने के बच्चों को बिजली के जाने की खुशी का एहसास ही नहीं है लेकिन आप  सच सच बताना यार मिस करते हो कि नही 



Best inspiring poetry


बैंक खड़ी है दरवाजे पर जितना चाहिए उतना मिलता है लोन देने वालों का चेहरा तुम्हें देखकर खिलता है , आज पैसे के दम पर तुम हर बिजनेस खिला लोगे लेकिन क्या वह दोस्त से लिए हुए 100रुपये उधार  भुला लोगे ,  आज चला लो अरबो का व्यापार  पर वह पहला पहला उधार सच सच बताना यार मिस करते हो कि नहीं ,

चाइनीस से लेकर इटालियन  तक चटकारे  ले ले कर खाते हो , शादियों में डेढ़ डेढ़ सौ आइटम के स्टोल लगाते हो , आज तुम लड़ते हो की बिल में चुका ऊगा ,  भूल गए वो दिन जब कहते थे कि कल मैंने पिलाई थी आज तू पिला , आज पैसे हैं इसलिए जितना खाना चाहते हो इतना खाओ हर जगह की हर नई नई वैरायटी को खाओ लेकिन सब कुछ खाने के बाद दावा है मेरा मा के हाथ की रोटी का स्वाद कहा से लावोगे , सच सच बताना यार मिस करते हो कि नही , सच ही बताना यार मिस करते हो कि नही












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