शनिवार, 6 अक्तूबर 2018

Island की सफ़र पार्ट 15 रॉबिन्स और मूरत का मिलन

Island tour : This is the story of Island tour which started with a little baby boy , And much more learned during this journey , How many troubles did the little child cross this island tour ,  all we have seen through this story , 

Island की सफ़र मोटिवेशनल स्टोरी


जोसेफ : अच्छा बताओ रोबिन हमें कहां पर जाना है अभी घूमने ,

रॉबिन्स : तुम बताओ मैं तो यहां पर नया हूं मुझे तो कुछ पता नहीं होगा कहां पर क्या घूमने लायक है , 

जोसेफ : अगर सच कहूं ना तो यहां पर घूमने लायक कोई चीज नहीं है , 

रॉबिन्स : ऐसा थोड़ी ना होता है कुछ ना कुछ तो जरूर होगा , सोच के देखो 

जोसेफ : सोच रहा हूं मगर कुछ याद नहीं आ रहा है ,

रॉबिन्स : अच्छा एक बात बताओ तुम्हें अपने गांव में सबसे ज्यादा कौन सी जगह पर पसंद है , 

जोसेफ : यहां पर एक मंदिर है जहां पर जाकर मुझे बहुत अच्छा लगता है ,

रॉबिन्स : मंदिर में जाकर तो सबको अच्छा लगता है क्योंकि वहां का माहौल ही ऐसा होता  मगर हमें कहीं और जाना चाहिए मंदिर फिर कभी चलेंगे , 

जोसेफ : तुम ही सोच कर बताओ ना हमें कहां जाना चाहिए ।

रॉबिन्स : ह्म्म्म्म , एक काम करते हैं हम दोनों वहां जाते हैं जहां पर मैं पहले काम करता था , 

जोसेफ : यह बहुत अच्छा सोचा तुमने वैसे भी कितने दिनों से तुम अपने दोस्त से भी नहीं मिले हो , और समंदर किनारे घूमना भी हो जायेगा क्यों ,

रॉबिन्स : जले पर नमक मत सिडको ,

जोसेफ : क्या ? मतलब 

रॉबिन्स : हमारे इंडिया में कहावत है इसका मतलब है की किसीकी दुखती नस पर वार नहीं करना चाहिए , 

जोसेफ : मैंने ऐसा क्या बोल दिया ,

रॉबिन्स : समुद्र किनारा बोल कर मुझे डरा रहे हो ना , क्यों की तुम्हे लगता है की में समंदर का नाम सुन कर डर जावुगा , 

जोसेफ : क्या तुम भी , मेरे दिमाग में वेसा कुछ नहीं था , चलो अब चलते है समंदर 😊 किनारे 

रॉबिन्स : फिर से 😢

जोसफ : ठीक माफ़ करदो  , चले अब

रॉबिन्स : ठीक है चलो ,

जोसेफ : माँ ...........

माँ : हां बोलो बेटा ,

जोसेफ : हम बहार घूमकर आते है शाम तक लौट आयेगे ,

माँ : ठीक है जाव जल्दी आ जाना ,

जोसेफ : हां , 

रॉबिन्स : चले अब 

जोसेफ : चलो ,

रॉबिन्स और मूरत का मिलन

समंदर किनारा वहां से बहुत दूर था बातें करते-करते दोनों कब वहां पर पहुंच गए उन्हें भी पता नहीं चला रास्ते में रॉबिंस मुरत की बातें कर रहा था , क्योंकि भले ही उसने वहां पर कुछ दिन तक काम किया था मगर उसी दिन उसकी और मुरत की बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी सोचने लगा कि जब मुरत उसको देखेगा तब उसे कैसा लगेगा यूं ही सोचते सोचते सो जो सबके साथ बातें करते-करते रास्ता भी कट गया और समुद्र किनारा भी आ गया , वह दोनों सीधे उस जगह पर गए जहां पर बहुत पहले काम करता वहां उसने कामदारो को देखा तो उसकी और जाने लगा , धीरे-धीरे सब की नजर उस पर पड़ी , 

रॉबिन्स : कैसे हो आप सब लोग और कैसा चल रहा है काम आपका , 

एक कामदार : हम सब बिल्कुल ठीक है और हमारा काम पर बहुत अच्छा चल रहा है तुम बताओ तुम कैसे हो , 

रॉबिन्स : मैं भी बिल्कुल ठीक हूं कहां है मूरत और उसके मम्मी पापा , 

एक कामदार  : वह दोनों शिप के अंदर है जाव जाके मिल लो , बहुद दिनों से मूरत भी याद कर रहा था , 

रॉबिन्स : अच्छा फिर तो जल्दी मिलना पड़ेगा , 

( दोनों शिप के अंदर जाते है )

रॉबिन्स : ( मूरत को देखकर ) कैसे हो मूरत 💐 

मूरत : 😊 रॉबिन्स : तुम यहाँ 

( दोनों गले मिलते है उसके बाद रॉबिन्स मूरत के मम्मी पापा से मिलता है )

मूरत की मम्मी : मूरत तुम तो कह रहे थे की रॉबिन्स भूल गया है तुम्हे ह्म्म्म ,

रॉबिन्स : एशा कह रहा था मूरत ,

मूरत के पापा : हां बेटा , यहाँ से जाने के बाद तुम कभी मिलने आये नहीं इसलिए ,

जोसेफ : एक दिन एशा नहीं होगा जिस दिन रॉबिन्स आप सबको और खास करके मूरत तुम्हे याद ना करता हो , 

मूरत : में भी यहाँ रोज तुम्हे याद करता हु ,

मूरत के पापा : बेटा तुम्हारा काम कैसे चल रहा है ,

रॉबिन्स : बहुत बढ़िया मौसी ,

मूरत : कभी कभो मिलने आया करो मुझसे ,

रॉबिन्स : बिलकुल ।

जोसेफ : तुम भी कभी घर पर आया करो , 

मूरत  : ठीक है , 

यूं ही कुछ देख बात करके दोनों घर की और बढे रात बहुत हो गई थी घर जाकर खाना खाकर उन्हें , वापस खेत में सोने जाना था , 
              

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