बुधवार, 12 सितंबर 2018

How to improve your personality development #7 Hindi

personality development : this series for improve our personality and develop our style , communication skill , body language , eye contact over self improvement teach now here , 


Persnality development
How to improve your personality development


How to improve our personality devlopment


आज तक हमने personality development में हमारे  बाहर की personality  उसके बारे में चर्चा करी है लेकिन आज हम बात करेंगे हमारे अंदर की personality के बारे में सिर्फ हमारा बाहरी दिखावा अच्छा होने से हम अपनी लाइफ में सक्सेसफुल नहीं हो सकते इसलिए पर्सनालिटी के साथ-साथ सक्सेसफुल होना भी बहुत जरूरी है मेरे कहने का मतलब यह है कि हमारी सोच कैसी होनी चाहिए क्योंकि हमारी सोच ही हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं और हमारी सोच ही हमें सक्सेसफुल बनाते हैं इसलिए सोच कैसे अच्छी रखें और हमारी सोच भी एक पर्सनालिटी डेवलपमेंट में बहुत इंपोर्टेंट है , ज्यादा वक्त ना लेते हुए हम बात करेंगे सोच के बारेमें , 

Thinking of personality


दोस्तों यह बात जरूरी नहीं है कि जिसके पास नॉलेज है उसी के पास अच्छी सोच है और वही जिंदगी में कुछ अच्छा कर सकता है यानी कि जिंदगी में सफल इंसान बन सकता है क्योंकि किसी भी कंपनी के ceo ज्यादा इंटेलिजेंट हो यह बहुत जरूरी नहीं है उनके नीचे काम करते हुए एंप्लोयेड उससे ज्यादा इंटेलिजेंट होते हैं और यह बात सही है , दोस्तों नॉलेज और सोच का डायरेक्ट कनेक्शन बिल्कुल नहीं है क्योंकि सोच उनकी भी बड़ी होती है जिनके पास नॉलेज होता है और सोच उनकी भी बड़ी होती है

जिनके पास नॉलेज बिल्कुल भी नहीं होता , अब दूसरी बात की स्वच्छ बड़ी रखने के लिए हमारे पास रिसोर्सेज है या नहीं है इसका कोई मतलब नहीं है अर्थात दोस्तों कुछ भी काम करने से पहले हमारे पास पैसे है या नहीं ह उस पर कभी भी चर्चा ना करें क्योंकि बड़ी-बड़ी कंपनियां जब start होती है ना तब वह  बहुत छोटी होती है लेकिन अर्थात मेहनत और लगन के साथ वह बहुत ऊंचाई को पार करती है ,

example हमारे पास एप्पल के नाम पर है क्योंकि शायद ही कोई इंसान Apple के बारे में जानता ना होगा , और आखिरी बात यह है दोस्तों की अपनी सोच को प्रदर्शित करने की कोई उम्र नहीं होती क्योंकि KFC का जो मालिक है उसने KFC की KFC की जब करी थी तब वह 62 ईयर का था , और जब बिल गेस्ट ने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की शुरुआत करी थी तब वह बिल्कुल यंग था इसलिए अपनी उम्र और हमारे सोच के बीच में कोई भी डायरेक्ट कनेक्शन नहीं है , अब मैं बात करूंगा थिंकिंग ऑफ़ पर्सनालिटी  आखिर हमें अपनी सोच कैसे रखनी चाहिए ,
   

laughter is right direction 


दोस्तों सबसे पहले मैं आपको जो बात बताने वाला हूं उसे सुनकर आप सब लोग बहुत प्रसन्न होगे , दोस्तों आपने बहुत बार देखा होगा कि जब आप कोई बड़ी सोच यह बड़े प्रस्ताव किसी के सामने रखते हैं तो सामने वाले इंसान आपकी बात पर आपकी सोच पर आप पर हंसते हैं और आप अपनी सोच अपने सपने को भूल जाते सोचते हैं कि अगर इतने लोग मुझ पर हंस रहे हैं इसका मतलब यह है कि मैं यह नहीं कर सकता लेकिन मैं आपको यह बताना चाहता हूं दोस्तों कि जब भी आप किसी बात पर किसी सोच पर किसी प्रस्ताव  लोग आपके सामने हंसे इसका मतलब यह है कि आप राइट डायरेक्शन पर जा रहे हो उस वक्त आप अपने डायरेक्शन यानी कि अपना रास्ता अपनी मंजिल को कभी मत चेंज करें ,

दोस्तों मेरा मानना है कि संसार में असंभव नाम की कोई सीज अवेलेबल ही नहीं है हम जो सोचते हैं वह सब कुछ हो सकता है और किसी महान पुरुष ने कहा है कि संसार किसी ने भी नहीं देखा है और संसार कितना बड़ा है और संसार में क्या क्या कुछ हो रहा है उसके बारे में कोई नहीं जानता है ,

कहने का मतलब यह है दोस्तों कि जो हम सोचते हैं वह हम कर भी सकते हैं बस हमें एक गलत निर्णय और  कौशल की आवश्यकता है , दोस्तों जॉब्स थॉमस ने बल्ब के बारे में सोचा होगा तब लोग उन पर हंसे होगे , जब ग्रैहम ने टेलीफोन के बारे में सोचा होगा तब लोग उन पर हँसे होंगे ,


Personality development


जब राइट ब्रदर्स ने विमान के बारे में सोचा होगा तब लोग उन पर हंसें होगे , जब किसी सामान्य इंसान ने एक गरीब घर के बच्चे ने यह सोचा होगा कि उसे एक बड़ा एक्टर बनना है सिंगर बनना है या किसी पॉलिटिशियन बनना यह तो फिर लोग उन पर हंसे होंगे परंतु जो इंसान कभी रुका नहीं वह कभी झुका नहीं है , अब इस पूरे पैराग्राफ का क्षार में आप सब को बताना चाहता हूं मेरा कहने का मतलब यह है दोस्तों कि आप जो सोच रहे हैं वह बिल्कुल हो सकता है इसलिए सोच को बड़ी रखें ,

दोस्तों हमारा जो दिमाग है वह वही देखता है जो हम उसे दिखाना चाहते हैं अगर हम नेगेटिव लिए सोचेंगे तो हमारा दिमाग में वही सोचेगा लेकिन हम opportunity  के बारे में सोचेंगे तो हमारा दिमाग डिफिकल्टी को भूल जाएगा  कि हमारा दिमाग निगेटिविटी डिफिकल्टी को भूल जाये , दोस्तों हमारी सोच तभी बड़ी बन सकती है जब हम उस चीज़ पर वर्क करें जो हमारी पसंद है क्योंकि वही काम हम पूरे दिल और मन से कर सकते हैं जो कि हमें पसंद है जिस पर हम पूरी जिंदगी लगा कर भी अपने आप अप थका हुआ महसूस नहीं करेंगे तभी जाकर आपकी सोच बड़ी होगी और आपकी पर्सनालिटी अच्छी होगी ,

और ऐसा नहीं है कि आप बड़े हो गए इसलिए बच्चों के जैसी सोच रखना अच्छी बात नहीं है सच कहो ना दोस्तों तो बच्चे की सोच ही एक ऐसी सोच है जिस में कभी भी हम विफल नहीं होते आपको शायद नहीं पता होगा लेकिन मैं आपको बता दूं कि एक बच्चा कभी भी नेगेटिव नहीं सोचना उसके सामने कभी भी किसी भी चीज को करने के लिए डिफिकल्टी नाम की चीज और शब्द नहीं होते हैं वह किसी भी काम को पूरी ईमानदारी और लगन के साथ पूर्ण कर सकता है इसलिए मेरा मानना है कि अपने दिमाग को थोड़ा सा बच्चे जैसा भी रखो क्योंकि दिल तो बच्चा है और अगर दिमाग भी बच्चा हो जाएगा तो लाइफ कुछ हद तक अच्छी हो जायेगी , 

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