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रविवार, 9 सितंबर 2018

How to improve our personality development #6 Hindi

personality development : this series for improve our personality and develop our style , communication skill , body language , eye contact over self improvement teach now here , 

Personality development
How to improve your personality development


How to improve our personality development


दोस्तों आज का जो हमारा personality development का सेशन है इस पर हम बात करेंगे हमारे ड्रेसिंग सेंस के बारे में क्योंकि बॉडी लैंग्वेज पर्सनालिटी , conversation personality ,  extraordinary communication skill personality , और भी बहुत सारी पर्सनालिटी के बारे में और भी बात करिए लेकिन इन सब का महत्व तभी है जब हमारा ड्रेसिंग सेंस अच्छा हो क्योंकि जब आप किसी के सामने आते हो तो सबसे पहले आपके आइस कांटेक्ट होते हैं जिसमें आपका पूरा बॉडी इंपॉर्टेंट आता है

दोस्तों आप किसी इंटरव्यू के लिए जाते है तब जब आप दरवाजा खोलते हैं तब सबसे पहले आपका पूरा बॉडी सामने वाले के ब्रेन में जाता है और वहीं पर आपकी फर्स्ट इंप्रेशन पड़ जाती है इसलिए फर्स्ट इंप्रेशन के लिए सबसे ज्यादा महत्व है हमारा ड्रेसिंग सेंस कैसा होना चाहिए ड्रेसिंग सेंस और जगह पर अलग-अलग होता है ,

आप कभी भी किसी के शुभ प्रसंग में जा रहे हो और सफेद कपड़े पहन कर जाए तो  अच्छा नहीं लगता यह सब कुछ जो मैं कह रहा हूं यह सब कॉमन है लेकिन फिर भी कुछ मेन टॉपिक तो यहां पर मैं बात करना चाहता हूं हम यहां पर उनके बारे में बात नहीं करेंगे जो आप को पहले से ही पता है मैं यहां पर इन चीजों के बारे में बात कराओ करूंगा जो आपको शायद नहीं पता है और किसे पता  उसके लिए भी कुछ ना कुछ काम की चीज मैं यहां पर जरूर छोड़कर जाऊंगा

smart dressing sense personality


अपने घर पर हम किस तरह के कपड़े पहने किस तरह से बिहेव करें किस तरह से रहे वह सब कुछ मैं यहां पर नहीं बता रहा हूं मैं उनके बारे में बात कर रहा हूं जो आपको अपने समाज को दिखाना है आप अपने समाज को के सामने अपनी छवि किस प्रकार रखना चाहते रख इसके बारे में यहां बात कर रहा हूं , 

दोस्तों जब मैंने personality development के ड्रेसिंग सेंस के बारे में लिखने के बारे में सोचा तो मैंने बहुत सारे लोगों के वीडियोस और आर्टिकल पड़े थे उसमें से मुझे कुछ ऐसी बातें पता चली जो शायद मैं आपको बता दूं क्योंकि वह भी बहुत इंपॉर्टेंट था बाद में मैं अपनी बात भी करूंगा ,

सब के दिमाग में एक बहुत ही बुरी बात छप गई है और वह है कि अगर हम किसी इंटरव्यू के लिए जाते हैं तो हमारे जो कपड़े हैं वह बिल्कुल महंगे होने नहीं चाहिए वह बिल्कुल नॉर्मल होने चाहिए क्योंकि वहां बैठे हुए लोगों को वही लोग पसंद आते हैं एक बात बताइए दोस्तों आपने कभी बहुत अमीर इंसान को गरीब इंसान के साथ देखा है जरूर देखा होगा लेकिन वह सब कुछ पहले होता था लेकिन आज यहां पर गरीबों का कोई भी नहीं है लोग अपने जैसे लोगों को पसंद करते है ,

कहने का मतलब यह है कि जो लोग इंटरव्यू लेने के लिए वहां पर बैठे होगे वह लोग बहुत कह बड़े लोग हो गए फिर सोचे उनका ड्रेसिंग सेंस कैसा होगा सिंपल सी बात है बहुत ही अच्छा होगा फिर उन्हें कैसे लोग पसंद आएगी वह लोग जिनका ड्रेसिंग सेंस अच्छा होगा या फिर वह लोग जिनका ड्रेसिंग सेंस अच्छा नहीं होगा यहां पर भी सिंपल सी बात हे उन्हें वही लोग पसंद आएंगे जिनका ड्रेसिंग अच्छा होगा ,

इसलिए अपना ड्रेसिंग सेंस इंटरव्यू के दौरान भी बहुत वर्क करता इस लेकिन कुछ बातें हैं जो यहां पर ध्यान रखना जरूरी है और वह यह है कि हमारा इंटरव्यू के दौरान बहुत ब्राइट नहीं होना चाहिए यानी कि इतना भी कलरफुल नहीं होना चाहिए कि सामने वाले को हताश कर दे सबसे सिंपल आसान तरीका जो मैंने संदीप महेश्वरी से सीखा है ,

मैं अपने को भी बताना चाहता हूं कि जब भी आप किसी इंटरव्यू के लिए जाए तो आप किसी बड़े शॉपिंग मॉल के दर्शन करें वहां पर जाकर देखें कि आखिर ब्रांडेड चीजें होती कैसी है आपको वहां पर जाकर सिर्फ देखना है आपके दिमाग में सारी की सारी चीजों के पैटर्न लॉक जाए तब वही पैटर्न को लेकर आप किसी सस्ती दुकान पर जाएं और उस पैटर्न के हिसाब से कपड़े खरीदे जिस वजह से आपका ज्यादा खर्चा भी नहीं होगा और आपके पास एक ब्रांडेड कपडा भी आ जाएगा ,

Personality development
How to improve your personality development

Smart personality sense


अब मैं अपनी कुछ बातें करना चाहता हूं कि जब आप किसी इंटरव्यू के लिए जाएं तब ऐसे कपड़े पहने जो एकदम प्लेन हो सबसे अच्छा ड्रेसिंग सेंस यही है दोस्तों , जब किसी इंटरव्यू के लिए जाए तब आपके कपड़े प्लेन होने चाहिए और मैं आपको भी recommended करूंगा कि आपका जो शर्ट हो वह वाइट या फिर ब्लू होना चाहिए और ब्लू भी बिल्कुल ऐसा होना चाहिए जो ज्यादा bright ना हो , 

अब हम रूटिंग लाइफ के बारे में बात करेंगे , दोस्तों ऐसा बिल्कुल नहीं है कि जैसे जैसे जमाना बदल रहा है हमें भी अपनी ड्रेसिंग सेंस जमाने के साथ बदलनी पड़ेगी इस तरह का ख्याल अपने दिमाग में कभी मत लाइए क्योंकि जैसा हमें पसंद है वैसे कपड़े पहनना चाहिए लेकिन कभी कबार ऐसा हो जाता है कि प्लेस बदलने के कारण हमें अपने आप को भी बदलना पड़ता है और यह करना जरूरी है

क्योंकि परिवर्तन ही संसार का नियम है और जहां पर परिवर्तन नहीं हुआ वहां पर आप अपने आप को अकेला महसूस करेंगे ऐसा बहुत बार हो चुका है मेरे साथ और आप में से भी बहुत सारे लोगों के साथ हुआ होगा , मैं अपनी बात करूं तो बचपन में मैं सोचता था कि कभी जीन्स नहीं पहनूंगा और मैं अपने पिताजी के हिसाब से चलता था मेरे पिताजी बिल्कुल साधारण कपड़े पहनते हैं और मैं भी उनकी तरह साधारण कपड़े पहनता था लेकिन जैसे जैसे जमाना आगे बढ़ा वैसे वैसे मुझे पता चला कि अपने पिताजी के जैसा बनना तो सही है लेकिन इस वजह से तुम अपने जनरेशन को मिस कर रहे हो ,

दोस्तों ऐसा कभी भी नहीं सोचना चाहिए कि मेरे पापा ने ऐसे कपड़े पहने हैं तो मैं भी यही कपड़े पहन लूंगा क्योंकि जैसे कपड़े आपके पापा ने पहने होगे जैसे कपड़े आपके दादा जी ने पहने होगे तो जब आपके पापा अपने दादा जी के जैसे कपड़े नहीं पहनते फिर आप अपने पापा जी से जैसे कपड़े क्यों पहने , कहने का मतलब यह है कि और इंसान अपनी जनरेशन के हिसाब से चलता है तो आपको भी अपनी जनरेशन के हिसाब से चलने में कोई भी हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए

 always smart generation personality 


स्मार्ट ड्रेसिंग सेंस के बारे में अगर रोज की तरह सिंपल वे में में अगर बात करने जाऊं तो वह यह है कि ड्रेसिंग सेंस ऐसा होना चाहिए जो अपनी जनरेशन से मैच करे ,  हर जगह हर वक्त हर प्रसंग का अपना-अपना ड्रेसिंग सेंस होता है उस हिसाब से आप ड्रेसिंग सेंस फॉलो करें कभी भी जनरेशन के खिलाफ जाने की कोशिश ना करे यहां पर में लड़कियों को यह नहीं कह रहा हूं कि आप छोटे छोटे कपड़े पहनो क्योंकि कुछ लोग ऐसा कर रहे हैं लेकिन जो ऐसा कर रहे हैं वह भी गलत नहीं है

क्योंकि सबकी अपनी अपनी पसंद और हर जगह का अपना अपना एक ड्रेसिंग सेंस होता है उस हिसाब से चलने में उसे बिल्कुल भी संकोच नहीं होना चाहिए लेकिन अगर आपके वहां आपके जनरेशन की आपके सलवार कमीज पहनती है तो आप अगर वहां पर यह जिद करेगी कि मुझे भी जापान की लड़कियों के जैसे कपड़े पहने हैं तो यह अलग बात हो गई वहां पर आपने अपनी जनरेशन को भुला दिया और किसी और जगह की जनरेशन को अपनाना चाहते कि जनरेशन को अपनाना है  हमारा देश इतना विभिन्न है कि 20 गांव के बाद भाषा बदल जाती है 50 गांव के बाद रहन-सहन बदल जाता है इसलिए वही करें जो आपके वहां चल रहा है वह बिल्कुल न करें कहीं और चल रहा है ,  

          

           

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