शनिवार, 29 सितंबर 2018

एक carpenter की motivational story for all people [ हमेशा सीखने पर जोर डालें ]

Carpenter story : यह एक motivational , inspiration and encouring story है जिसे पढ़ने के बाद आप जरूर motivet होंगे , and I know my all Friend learn something new after the read this story


Carpenter story

Carpenter motivational story

यह कहानी है एक carpenter की जो अपने दैनिक क्रिया में रोज  ₹500 की कमाई करता था वह carpenter चाहे जितनी भी मेहनत कर ले  लेकिन उनकी दिन की कमाई सिर्फ और सिर्फ ₹500 थी कभी उनसे आगे बढ़ी नहीं , वह यह सोच सोच कर बहुत हैरान था कि आखिर मेरी कमाए ₹500 से ज्यादा बढ़ क्यों नहीं रही है ,

वह सुबह जल्दी उठकर भी अपने काम पर लग जाए या फिर रात को देर तक भी काम करें फिर भी उनकी रोज की कमाई सिर्फ ₹500 होती थी , वह इस बात से बहुत परेशान था मगर उसके पास  इस सवाल का जवाब नहीं था , धीरे-धीरे समय गुजरता गया फिर भी उनकी जो रोज की कमाई थी वह सिर्फ ₹500 थी उसे बिल्कुल भी समझ में नहीं आ रहा था ,

लोग किसी एक काम को बहुत दिनों तक करें बहुत सालों तक करें तो उसमें उसे महारत हासिल हुई जाती है फिर मैं इस काम को कितने सालों से कर रहा हूं लेकिन मेरी जो कमाए हैं वह सिर्फ rs.500 क्यों  है ,

अब carpenter शादी हो चुकी थी उसके घर में एक छोटा सा बच्चा भी था अब  उसकी बीवी उससे कहती थी कि तुम थोड़े ज्यादा पैसे कमा कर लाओ क्योंकि अब हम सिर्फ ₹500 में घर नहीं चला सकते अभी हमें अपने बेटे को भी पढ़ाना है और अगर तुम सिर्फ ₹500 लेकर आओगे तो हम अपने बेटे को कैसे पढ़ायेगे ,

carpenter का दिमाग बिल्कुल सुन था उसे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि मैं अपने परिवार के लिए अब क्या करूं मैं उसे क्या जवाब दूं मेरे साथ जो बरसों से हो रहा है उसके बारे में उसे कैसे बतावू , जब बच्चा थोड़ा बड़ा होता गया तब उनकी पढ़ाई के खर्चे भी बढ़ने लगे मगर इतने पैसे उस  carpenter के पास नहीं थे कि अब उस बच्चे को आगे पढ़ा पाये ,

निराश होकर उस carpenter ने अपने बेटे को स्कूल से निकाल दिया और अपने साथ काम करने के लिए कहा सोचा कि शायद अगर हम दोनों काम करेंगे तो हमारी कमाई भी ज्यादा हो , मगर ऐसा नहीं होगा दोनों के साथ काम करने के बावजूद भी उनकी कमाई सिर्फ और सिर्फ रूपीस 500 थी ,

हमेशा सीखने पर जोर डाले


Carpenter story
अब carpenter old हो गया था इसलिए उसने सोचा कि क्यों ना अब मैं अपनी कारीगरी अपने बेटे को सिखा दूँ ताकि वह अपनी जिंदगी अच्छी तरह से गुजार सकें उसने धीरे-धीरे करके अपने बेटे को काम सिखाना शुरू किया , थोड़ा बहुत सीखने के बाद बेटे ने सोचा कि अब से में इसको बेचने जावुगा , एक दिन सुबह बैठा जल्दी उठकर जो कुछ भी उसने बनाया था टेबल और चेयर वह मार्केट में लेकर बेचने के लिए बैठ गया पूरा दिन काम कर कर बेटा जब घर गया तब पापा ने उससे पूछा कि बेटा आज तुमने कितने की कमाई की है तब मायूस चेहरे को लेकर बेटे ने जवाब दिया कि आज मैंने सिर्फ और सिर्फ ₹200 की कमाई की उसके पापा उनसे बहुत खुश हुए मगर बेटा खुश नहीं था ,

पापा ने पूछा क्या हुआ बेटे तुम खुश क्यों नहीं हो तब बेटे ने कहा कि पापा आप रोज़ ₹500 की कमाई करते थे और मैंने सिर्फ और सिर्फ 200 रुपए की कमाई की , तब पापा ने कहा कोई बात नहीं  धीरे-धीरे तुम भी सीख जाओगे , बेटा अगले दिन फिर गया इस बार उसने ₹200 की कमाई की और वापस घर जाकर अपने मायूष चहेरे के साथ पापा से कहा कि पापा ऐसा क्या है जो आपको पता है और मुझे नहीं पता है ,

जिसकी वजह से में आपकी जितनी कमाई नहीं कर सकता रहा हूं तो पापा ने कहा कि तुम लगन के साथ जैसे मैं सिखाता हूं वैसे सिखते जाओ एक दिन तुम भी मेरी जितनी कमाई करते हो जाओगे , बेटा अगले दिन वापस गया इस दिन उसने ₹300 की कमाई की ,

      Inspiring story


बेटा वापस अपने घर जा कर पापा से पूछने लगा कि पापा ऐसा क्या है जो आप जानते हैं और मैं नहीं जानता जिस वजह से मैं आपकी जितनी कमाई नहीं कर पा रहा हूं तब पापा ने उससे कहा कि तुम इन सब में ध्यान मत दो और सिर्फ और सिर्फ अपने काम पर ध्यान दो जैसा मैं सिखाता हूं वैसा करते जाओ एक दिन तुम्हारी कमाए ₹500 हो जायेगी ,

बहुत दिन मेहनत करने के बाद भी बेटे की कमाई ₹500 नहीं हो रही थी मगर एक दिन अचानक जब बेटा घर आया तो उसके चेहरे पर हंसी थी और पापा ने उससे जब पूछा कि क्या हुआ आज तुम इतने खुश क्यों हो तब बेटे ने कहा पापा आज मैंने ₹700 की कमाई की है तब पापा उससे बहुत खुश हुए और उससे कहा कि चलो आज मैं फिर तुम्हें कुछ नया सिखाता हूं जिसकी वजह से तुम हजार रुपए तक की कमाई कर सको तो बेटे ने कहा कि पापा आप पूरी जिंदगी भर सीखते रहे फिर भी 500 से ज्यादा कमाई नहीं कर पाए फिर आप मुझे क्या सिखाएगी की मैं हजार रुपए तक की कमाई कर सकूं , 

जब carpenter ने उस सिचुएशन और परिस्थिति के बारे में अभ्यास किया तब उसे ज्ञात हुआ कि कुछ साल पहले मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ था जिसकी वजह से में कभी ₹500 से ज्यादा की कमाई नहीं कर सका और यही नॉलेज वह अपने बेटे को बांटना चाहता था ,

उसने अपने बेटे से कहा कि जब मैं छोटा था तब मेरे पापा मुझे यह सब कुछ सिखा रहे थे तब मेरे पापा रोज दिन के ₹200 की कमाई करते थे और जब मैंने कमाना शुरू किया था तब मैं रोज दिन के ₹50 की कमाई करता और रोज धीरे धीरे कर कर मैंने ₹500 तक की कमाई थी और जिस वक्त मेरे पापा ने मुझसे कहा कि चलो आज कुछ नया सिखाता हूं ,

तब मैंने उससे कहा कि पापा आप तो सिर्फ रोज के ₹200 की कमाई करते हैं आप मुझे क्या नया सिखाएंगे बस यही वो वक्त था जब मैंने नया सीखना बंद कर दिया और मेरी कमाई आज से पहले कभी भी ₹500 से ज्यादा नहीं हुई और आज वही गलती तुम कर रहे हो इस वजह से तुम्हारी कमाई कभी भी ₹700 से ज्यादा नहीं होगी ,

दोस्तों इस कहानी के जरिए में आप सबको बस इतना बताना चाहता था की कभी भी यह ना सोचे कि आप को सब कुछ ज्ञात हो चुका है किसी भी एक इंसान के पास संपूर्ण नॉलेज नहीं होता है मगर सब के पास कुछ ना कुछ नॉलेज होता है और उसी नॉलेज को एक दूसरे के साथ शेयर करने से हमारा नॉलेज इंक्रीज होता है और हमें अपने नॉलेज को इसी तरह इंक्रीज करते ही रहना है ना कि कुछ लोगों से अपना नॉलेज ज्यादा होने से अपने नॉलेज को वहीं रोक कर रख देना है और सोचना है कि हां अब हमें सब कुछ पता चल गया है जिंदगी के किसी भी मोड़ पर अपने आप को यह मत कहना कि मुझे सब कुछ आता है क्योंकि कोई भी इंसान संपूर्ण ज्ञानी नहीं होता है मगर सब के पास कुछ ना कुछ तो होता है बस उसी कुछ ना कुछ को थोड़ा थोड़ा कर कर अपने संपूर्ण जीवनकाल दरम्यान उसका ग्रहण करना है तभी जाकर आप एक अच्छे इंसान बन पायेगे , " इसलिए हमेशा सीखने पर जोर डाले "

         

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