शनिवार, 18 अगस्त 2018

inspirational speech for unemployed / dont crying and dont give up हिंदी

Inspiration speech : This is one of the best inspiration speech for Unemployed , This inspiring speech give a inspired thought for life , I hope all like this inspiration speech , 

 inspirational speech for unemployed

           
 inspirational speech for student
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जैसे कि हम सब जानते है कि आज जिस स्टूडेंट ने अपनी पढ़ाई कंप्लीट कर लिए हैं वह  जॉब ढूंढ रहा है लेकिन बहुत स्ट्रगल के बाद भी उन्हें जॉब नहीं मिल रही है , बहुत सारे कारण होते हैं जिस वजह से हमें जॉब नहीं मिलती है अगर कोई स्टूडेंट बहुत होशियार है जिसने पूरी जिंदगी सिर्फ और सिर्फ पढ़ाई करने में निकाल दी उसके पास  इतना भरपूर मात्रा में ज्ञान है की वह चाहे तो कोई भी एग्जाम क्लियर कर सकता है लेकिन जैसे की आप सब लोग जानते हैं सिर्फ और सिर्फ पढ़ाई में अव्वल आने से हमें जॉब मिल जाएगी यह थोड़ा मुश्किल है, 

मेरा मतलब यह बिल्कुल नहीं है दोस्तों कि उन्हें जॉब नहीं मिलती है उन्हें भी बहुत अच्छी जॉब मिलती है लेकिन कभी-कभी हमें वह जॉब नहीं मिलती जिसकी हमें तलाश होती है जिसके लिए हमने पूरी जिंदगी पढ़ाई करते है क्यों की कभी कभी हमारे बीच में कुछ ऐसी कठिनाइयां सामने आ जाती है जिसे सॉल्व करने के लिए हमारे पास कुछ कम पड़ जाता है , जैसे की आप सब को पता है कि किसी भी इंसान में कोई ना कोई कमी तो ज़रूर होती है , कोई भी इंसान पूरी तरह से स्वस्थ नहीं होता , आज मैं जो बात करने वाला हूं वह बात ना तो मैंने कही सुनी है और नााही कहीं से पढ़ी है ,

Physical test vs exam paper 


मैं बात करना चाहता हूं उन स्टूडेंट के बारे में जो स्टूडेंट एग्जाम क्लियर कर लेते और फिजिकल टेस्ट में फेल हो जाते हैं और कुछ स्टूडेंट फिजिकल टेस्ट क्लियर कर लेते हैं और एग्जाम में फेल हो जाते हैं मैं आज इन दो पहलू को मते रखते हुए बात करना चाहता हूं , कभी-कभी कुछ स्टूडेंट अपनी लाइफ में सिर्फ और सिर्फ किताबों को ही महत्व देते हैं और अपनी बॉडी के बारे में कभी सोचते नहीं है जिस वजह से जब वह किसी एग्जाम को देने जाते हैं तो उनका फिजिकल राउंड क्लियर नहीं कर पाते , और इसी तरह जो स्टूडेंट स्पॉट मेन है वह सिर्फ और सिर्फ सपोर्ट को महत्व देते और पढ़ाई को महत्व नहीं देते , 

आधी जिंदगी गुजर जाती है और जब वक्त आता है कुछ कर दिखाने का तब लॉग इन दो पहलू के बीच में फंस जाते हैं , मैं बात उन स्टूडेंट कि नहीं कर रहा हूं जो स्टूडेंट अपनी लाइफ में कुछ ज्यादा करना चाहते हैं जिसके पास कोई गोल है जिससे मंजिल मिल ही जाएगी मैं बात कर रहा हूं उन स्टूडेंट के बारे में जो अपनी लाइफ सिर्फ और सिर्फ इंजॉयमेंट के साथ जा रहा है और आगे जाकर उन्हें एक जॉब की तलाश है और वह जो बोले आज मिल नहीं रही है क्योंकि उन्होंने भी यही गलतियां की है जो गलती में आज यहां पर दोहराने वाला हूं , मैं एक बहुत ही अच्छा उदाहरण आपके साथ लाया हूं जो मैंने अपने समाज में महसूस किया है ,

एक बहुत ही दुबला पतला इंसान जिसने नेक्स्ट ईयर इंडियन आर्मी में फॉर्म भरा था सब लोग उसे कहते थे कि तुम इस में नहीं आ सकते हो , तू कि सबको लगता था कि वह इंसान बहुत दुबला पतला है लेकिन उसने यह कर दिखाया और वह सिलेक्ट हो गया , जब वह सिलेक्ट हो कर घर पर आया तो गांव के कुछ लड़के उसके पास गए और उन से पूछने लगे कि यह सब कैसे हुआ , तुम तो कभी रनिंग भी नहीं करते थे तुम्हारी तो चेस्ट भी बहुत कम है फिर तुमने एग्जाम कैसे क्लियर किया , फिर वह बोला कि मैंने कुछ दिनों से रनिंग स्टार्ट कर दी थी इसलिए मैंने ग्राउंड पर कर लिया , 

वहां पर खड़ा एक स्टूडेंट बोला कि हम तो बचपन से रनिंग कर रहे लेकिन आज तक हम कभी भी इंडियन आर्मी का ग्राउंड क्लियर नहीं कर पाए और तूने २  महीनों में  ग्राउंड की तैयारी कर ली , लेकिन तुम पढ़ाई में बहुत अच्छे हो इसलिए तुम एग्जाम क्लियर कर पाए तुमने ग्राउंड कैसे किया हमें तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है , यह सब कुछ कुछ देर सुनने के बाद मेरे दिल से एक आवाज आई मैं सब कुछ समझ गया कि आखिरकार हुआ क्या था और मैंने वह बात उन लोगों के सामने तो नहीं रखी लेकिन आज आपके सामने रख रहा हूं , मैंने बहुत ही अच्छी तरह से इस बात को स्टडी किया फिर मैंने उसको संगीत के साथ छोड़ा , उसके बाद जो मैंने शिखा वहीं आपके साथ शेयर करना चाहता हूं ,

Short story about saragam 


सबको गाना सुनना ओर गुनगुनाना अच्छा लगता है सब चाहते है कि वह भी अच्छा नहीं तो कोई बात नहीं लेकिन थोड़ा गाना सीख ले , यही सोच के साथ जब कोई स्टूडेंट संगीत सीखने जाता है तब उसे लगता है कि जब वह संगीत सीखने जाएगा वहां उनके गुरु उनको गाना सिखाएंगे यह सोच के साथ वह संगीत की क्लास जॉइन करता है जब वह पहले दिन क्लास मै जाता है तब उनका गुरु उनसे कहता है ,

यह लो हारमोनियम और इसकि पहले काली की को सा कहते है इसे 10 मिनट सुनो , 10 मिनट गुजर जाते हैं फिर उनका गुरु उनके पास फिर आता है उन्हें कहता है अब इस सा को तुम साथ में बोलो , फिर 10 मिनट गुजर जाते हैं फिर उनका गुरु उनके पास आता है और कहता है कि अब रे को 10 मिनट सुनो फिर 10 मिनट बोलो उसके बाद गा मा पा धा नि सा , 1 क्लास यूं ही खत्म हो जाता है सिर्फ और सिर्फ सारेगमपधनिसा सीखने में वह सोचता है कि आज नहीं तो कोई बात नहीं कल मुझे गुरु गाना सिखाएंगे , 

वह फिर अगले दिन क्लास जाता है तो उनका गुरु उनसे कहता है कि कल जो मैंने तुम्हें सिखाया था सा रे ग म प ध नि सा उनको एक के बाद एक हारमोनियम के साथ बोलो , 10: 00 मिनट हो जाते 20 , 30 मिनट हो जाने के बाद गुरु वापस आता है और कहता है कि अब इनको उल्टा कर कर बोलो यानी कि सा नि ध प म ग रे सा , वह फिर से सा नि ध प म ग रे सा को बोलने  लग जाता है 30 मिनट वापस गुजर जाते हैं और उनका आज का क्लास पर फिनिश्ड हो जाता है , वह घर जाता है उसे लगता है कि आज तो सा रे गा मा पा धा नि सा सीधा और सा नि ध प म ग रे सा उल्टा दोनों कंप्लीट हो गए हैं इसलिए कल तो मुझे गुरूजी गाना  सिखाएंगे , 

वह तीसरे दिन वापस क्लास में जाता है क्लास में जाकर गुरु के पास बैठता है तब गुरु उनसे कहता है कि अब एक नोट को दो बार बोलो यानी कि सा सा रे रे गा गा मा मा मा पा धा धा नि नि सा सा , वह वापस काम पर लग जाता है अभी 30 मिनट के बाद गुरु उनके पास वापस आते हैं उनसे कहते हैं कि अब इनको उल्टा करके बोलो यानी कि सा सा नि नि धा धा धा पा मा मा ग ग रे रे सा सा , इसी के साथ अगले 30 मिनट भी गुजर जाती है और आज का दिन भी पूरा , चौथे दिन एक नोट को तीन बार पांचवें दिन एक नोट को चार बार गुरुजी उनको बुलवाते हैं , इसी तरह रोज के रोज नए अलंकार के साथ गुरुजी उनका परिचय करवाते हैं , 

just for example १) सा रे रे गा गा मा मा पा पा धा धा नि नि सा , २) सा रे गा रे गा मा गा मा पा मा पा धा पा धा नि धा नि सा , ३) सा रे गा मा रे गा मा पा गा मा पा धा मा पा धा नि पा धा नि सा , ४) सा , सा रे सा सा , रे ग रे सा सा ,  रे ग म ग रे सा  ,सा रे ग म प म ग रे सा , सा रे गा मा पा धा नि सा नि धा पा मा गा रे सा , ऐसे तो अनंत अलंकार है जिसका रियाज़ रोज गुरुजी उसको बुलवाते है यूहीं रोज दिन गुजर जाते है उसके बाद महीने गुजर जाते है अब वह लड़का थक जाता है इन सबसे , वह सोचता है कि वह क्या सीखने आया था और वह क्या सीख रहा है , ३ महीने गुजर जाते है लेकिन गुरुजी उसको कभी गाना नहीं सिखाते . बहुत सोचने के बाद वह सोचता है कि अब मुझे गाना सीखना ही नहीं है कल से क्लास पर जाना बंद ,

एक दिन जब वह रास्ते से जा रहा होता है उनका मन गुनगुनाने को करता है वह कोई गाना गुनगुनाता है और अचानक वह गाना सरगम के साथ कनेक्ट हो जाता है  , उनकी आवाज मैं एक लय आ जाती है उसका दिमाग सुन्न हो जाता है वह सोचने लगता है कि मेरे आवाज में इतनी लव ओर रिथम केसे आ गई जबकि मैंने तो अभी तक कोई गाना सीखा भी नहीं है , वह सीधा अपने गुरु जी के पास जाता है और उनसे कहता है कि गुरु जी ऐसा कैसे हुआ मेरे साथ , 

तब गुरु जी ने कहा कि जैसे किसी भी भाषा को समझने के लिए उनके व्याकरण का नॉलेज होना जरूरी है इसी प्रकार संगीत को सीखने के लिए उनके व्याकरण को समझना भी जरूरी और आज तक मैं तुम्हें जो सिखा रहा था वह संगीत का व्याकरण था , गाना सीखने का मतलब यह नहीं है कि हम किसी गाने को गाना सीख ले ,

अगर किसी एक गाने कोई सीखना है तो तुम उसकी नोटेशन रट कर कुछ गाने को आराम से सीख सकते हो और गुनगुना सकते हो लेकिन अगर तुम्हें संगीत के नॉलेज चाहिए तुम खुद के गाने बनाना चाहते हो तुम खुद किसी भी गाने को गाना चाहते हो तो तुम्हें संगीत के व्याकरण को समझना पड़ेगा , आज की तारीख में जब गुरुजी उस बच्चे को गाने गाना सिखाना चाहते हैं तब वह कहता है कि गुरुजी मुझे कोई नया सा अलंकार दीजिए मैं उनका रियाज़ करूंगा ,

सॉरी दोस्तों शब्दों की शख्या बढ़ गई इसलिए इसके आगे इस ब्लॉग में नहीं लिख सकता i hope you understand me लेकिन कल मै आपके लिए दूसरा पार्ट लेकर आवुगा , तब तक के लिए गुड बाय एंड टेक केयर , 

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