शनिवार, 28 जुलाई 2018

Island का सफर part 11 Robin thought about farming

Island tour : This is the story of Island tour which started with a little baby boy , And much more learned during this journey , How many troubles did the little child cross this island tour ,  all we have seen through this story , 

 Island का सफर , मोटिवेशनल स्टोरी  part 11

Island का सफर , मोटिवेशनल स्टोरी
Island का सफर  एक बहादुर बच्चे की कहानी 


सब से मिलने के बाद रॉबिंस सीधा अपने घर पर गया और घर पर जाकर वह जोसेफ के साथ बातें करने लगा कि अब आगे हम क्या करें तब जोसेफ ने कहा कि सुबह उठकर हम सब से बात करने गांव में जाएंगे और गांव में जाकर सब से राय लेकर और फिर अपना आगे का काम शुरु करेंगे मा ने भी वही कहा और फिर दोनों खाना खाकर सो गए , सुबह हो गई ,

जोसेफ : रॉबिंस चलो जल्दी हमें बहुत काम है ,

रॉबिंस : लेकिन सबसे पहले हम कहां जाएंगे तुम किस को जानते हो जो मेरी मदद करेगा ,

जोसेफ : हां बहुत सारे लोग हैं जो मेरी मदद करेंगे ,

रॉबिंस : ठीक है फिर चलते है , मै त्यार हो जाता हूं ,

जोसेफ : जल्दी करो , वरना सब लोग काम पर चले जाएंगे ,

मा : दोनों सबसे पहले नाश्ता करलो ,

जोसेफ : मा नाश्ता हम वापस आकर करेंगे ,

रॉबिंस : हा मा , वैसे भी हम अभी आ जाएंगे ,

मा : ठीक है फिर ,

Robin thought about farming


वह दोनों खेत की ओर निकल पड़े रास्ते में गांव वालों से बातें करने रुक गए और कुछ राय गांव वालों से लेने लगे चोला गांव में खेती करते थेबा उनके पास जाकर बहुत कुछ जाना और फिर अपना खेत ठीक करवाने के लिए मशीन को आमंत्रण किया और फिर मशीन के साथ दोनों खेत की ओर चले खेत में जाकर मशीन अपना काम करने लगा और वह दोनों देख रहे थे पूरे दिन हो गया लेकिन अभी तक खेत बिल्कुल ठीक नहीं हुआ था क्योंकि खेत में बहुत खर्चा था ,

वह दोनों काम करते रहे करते रहे हो और साथ में मशीन में काम कर रहा बहुत रात हो गई दोनों अपने घर की ओर निकल पड़े सोचा कि बाकी का काम कल करेंगे और फिर को घर गए घर जाकर बहुत थक गए थे इसलिए सीधा सो गए और फिर सुबह उठकर फिर खेत की ओर चल पड़े फिर काम शुरु हो गया आज दोपहर हुआ तो काम पूरा का पूरा खत्म हो गया और खेत बहुत अच्छा हो गया। ,

अब सवाल था कि खेत में क्या बोल क्योंकि सोशल को भी कोई आईडिया नहीं था कि इस वक्त खेत में क्या हो ना जाए इसलिए वह दोनों अपने आसपास के विस्तार के फार्मर के पास गए और उनसे कुछ राय ली और फिर जो उन्होंने कहा वह लेकर उसने अपने खेत में बो दिया , बहुत दिनों बाद फसल बढ़ने लगी अब फसल बहुत अच्छी हो रही थी ,

जोसेफ : अब सब ठीक है माता की कृपा से सब कुछ ठीक से हो गया ,

रॉबिंस : सही बात है , लेकिन हम इसको यूंही अकेला तो नहीं छोड़ सकते जानवरों का खतरा रहेगा हमें इसकि देखरेख तो करनी पड़ेगी वरना कुछ प्राणी हमारी फसल को ठेस पहुंचेगी इसलिए कुछ ना कुछ तो करना ही पड़े ,

जोसेफ : यहां आस-पास कोई घर भी नहीं है जहां पर हम रह सके और यहां पर भी कुछ नहीं है तो यहां पर हम रहेंगे कहा ,

रॉबिंस : क्यों ना हम दोनों यहां पर एक बड़ासा माचड़ा बनाकर रोज यहां सोने आ जाए ,

जोसेफ : यह तुमने बहुत अच्छा कहा , एक काम करते अभी हम घर जा कर सो जाते हैं और फिर सुबह आकर एक यहां पर बड़ा सा माचड़ा बनाएंगे और फिर कल से यहां पर छोड़ने आ जाएंगे ठीक है ,

रॉबिंस : ठीक है फिर अभी चले वैसे भी मुझे बहुत भूख लग रही है आज सुबह से कुछ भी ठीक से नहीं खाया।

जोसेफ : मुझे भी बहुत जोर की भूख लगी है मैंने भी दोपहर को ठीक से नहीं खाया था लेकिन अब हम पेट भर कर खाना खायेंगे ,

रॉबिंस : चलिए फिर घर चले ,

जोसेफ : चलो ,

      ( घर पहोच कर )

मा : आ गए तुम दोनों क्या हुआ खेत का फसल बो दी ,

जोसेफ : हां मैं बहुत अच्छी तरह से फसल बोते और खेत भी बहुत अच्छा हो गया है ,

मा : अच्छी बात है एक काम करो तुम दोनों हाथ मुंह धो लो मैं खाना लगाती हूं ,

रॉबिंस : हमें जल्दी करो मुझे बहुत भूख लगी है ,

जोसेफ : मुझे भी ,

मा : लगता है आज पूरा दिन बहुत काम किया है तुम दोनों ने ,

जोसेफ : पूछो मत मैं बहुत काम था आज तो ,

मा :  ठीक है बेटे मैं खाना लगा देती हूं ,

             ( खाना खाते वक्त )

जोसेफ : मां हम कल से हम दोनों खेत में सोने जाएगे ,

मा : क्यों ,

रॉबिंस : मां को खेत की रखवाली करनी है इसलिए ,

मा : अच्छा लेकिन तुम दोनों वहां सोओगे कहां ,

जोसेफ : कल हम जा कर एक बड़ासा माचड़ा बना लेने ,

मा : अच्छा ठीक है ,

रोज की तरह जोसेफ ओर रॉबिंस ओर उसकी मां बातें कर रहे थे  बातें करते करते बहुत देर हो गई  , कुछ देर यूं ही बातें चलती रही फिर वह सोने के लिए कमरे में गए और बातें करते-करते दोनों सो गए सुबह उठकर दोनों खेत की ओर निकल पड़े खेत में जाकर  का काम शुरू कर दिया मछला बनाते-बनाते बहुत देर हो गई शाम को 5: 30 बजे माचड़ा बन गया फिर रोज की तरह घर गए खाना खाया ,

फिर कुछ देर तक वहां पर बातें करें और अपनी मां को कहा कि मां चलो अब हम चलते हैं खेत की ओर आज पूरी रात वहां पर ही रुकेंगे सुबह को आएंगे । और फिर अपने खेत की ओर निकल पड़े खेत में जाकर देखा तो एकदम घनघोर अंधेरा था देख कर दोनों डरने लगे पता नहीं आज की रात यहां पर कैसे गुजारेंगे ,

 उन दोनों ने वहां पर रात कैसे गुजरी वह बहुत ही अच्छी और लंबी कहानी है जिसे सुनकर आपको बहुत अच्छा लगेगा तो वह बहुत लंबी है इसलिए आज आपको नहीं कह सकता मैं आपको नेक्स्ट पार्ट में वह स्टोरी कहूंगा , तब तक के लिए गुड बाय एंड टेक केयर ,

  

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