शुक्रवार, 14 मई 2021

Amazing fact about bill gates in Hindi | great people thoughts

Amazing fact about bill gates in Hindi | great people thoughts 


अभी हाल ही में कुछ ऐसी बाते पता चली जो सच लगती नहीं लेकिन इधर उधर से रिसर्च करके पता चला की सच है, सब उन लोगो की बाते है जिन्हें हर इंसान फॉलो करता है और सबसे के सब चौकाने वाली बाते है, 

4 amezing story on bill gates in Hindi 

Amazing fact about bill gates in Hindi | great people thoughts


बिल गेट्स की बेटी एक दिन होटल में खाना खाने गई, जब वापस अपने घर जा रही थी तब उसने वैटर को 500 डॉलर टिप दिया जो तक़रीबन 35 हजार के आसपास होता है, एक दिन उसी होटल में बिल गेट्स भी खाना खाने गए लेकिन उन्होंने उस वैटर को 5 डॉलर टिप दिया जो 350 रुपये के बराबर था, 

अब वैटर दोनों बार एक ही क्यों थे वो तो मुझे नहीं पता लेकिन इतना पता है की जब वैटर ने बिल गेट्स से पूछा की आपकी बेटी ने 500 डॉलर टिप दी लेकिन आपने सिर्फ 5 डॉलर क्यों? तब बिल गेट्स ने जो जवाब दिया वो हमारे काम का है, बिल गेट्स ने कहा की मेरी बेटी इस दुनिया के सबसे अमीर इंसान की बेटी है इसलिए उसने 500 डॉलर दिए और में आज भी एक साधारण स्कूल के मास्टर का बेटा हु, 

बिल गेट्स जो 13 साल तब दुनिया का सबसे अमीर आदमी बना रहा उसने कभी अपने आपको दुनिया का सबसे अमीर आदमी नहीं समझा क्योंकि जब बचपन में उनके पास अख़बार खरीदने के पैसे नहीं थे तब अक्सर एक अख़बार वाला उसे मुफ़्त में अख़बार दे दिया करता था।

जब बिल गेट्स दुनिया के सबसे अमीर आदमी बने तब उसे उस अख़बार वाले की याद आई और वह उसके पास गए और कहा की आज में दुनिया का सबसे अमीर आदमी हु बताव में तुम्हारे लिए क्या कर सकता हु तब उस दुकानदार ने कहा की मैंने तुम्हारी तब मदद की थी जब मेरे पास कुछ नहीं था और तुम मेरी तब मदद कर रहे हो जब तुम्हारे पास सब कुछ है इसलिए तुमसे ज्यादा अमीर तो में हु, बस यही बात बिल गेट्स को छु गई और इसका जिक्र उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में भी किया था। 

एक बात तो ऐसी है जो वाकई गजब है जिस पर भरोसा करना नामुमकिन है लेकिन बात सच है, एक बार बिल गेट्स को किसी रिपोर्टर ने पूछा की आप इतने अमीर कैसे बने, आपके पास इतने सारे पैसे है इसकी क्या वजह है, तब बिल गेट्स ने एक चेक लिया उसमें साइन की और रिपोर्टर को कहा की जितनी चाहे उतनी रकम लिख दो,

अब इंटरव्यू लाइव था रिपोर्टर ने चेक लेने से मना कर दिया तब बिल गेट्स ने कहा की मेरी कामयाबी का सबसे पहला कारन यही है की में कभी opportunity को मिस नहीं करता जैसे अभी आपने की है, 

बस यही है मेरी जिंदगी की आज की सीख़...

बुधवार, 12 मई 2021

Mindset is everything | story of 1983 world cup

Mindset is everything | story of 1983 world cup

West indies ने 1974 का वर्ल्ड कप जीता और 1979 का वर्ल्ड कप भी, 1983 में सब टीम को पराजित करते हुए वेस्टइंडीज इंडिया के सामने फाइनल में पहोची। इंडिया ने पहले बैटिंग करते हुए 183 का लक्ष्य वेस्टइंडीज के सामने रखा, अब उन दिनों वेस्टइंडीज महान टीम कहलाती थी क्योंकि दसक से सारे वर्ल्ड कप वही जित रही थी, 

वेस्टइंडीज की पारी शुरू हुई, सबसे पहला बल्लेबाज रिचर्ड आया जो उस वक़्त का खुंखार खेलाडी था उसने देखा की लक्ष्य बहुत छोटा है और टीम भी मामूली इसके सामने क्या वक़्त बर्बाद करना इसलिए आते ही 13 गेंदों में 8 चौके लगाये, उस वक़्त के हमारे कैप्टन कपिल देव को भी नहीं छोड़ा। 

कुछ वक़्त बाद मैच पलट गई जब कपिल देव ने रिचर्ड का कैच पकड़ा और वैसे भी मैच तब तक कुछ नहीं कहलाता जब तब पलट नहीं जाता। रिचर्ड की विकेट के बाद पूरी वेस्टइंडीज 139 पर ऑलआउट हो गई और इंडिया वर्ल्ड कप जित गया। अब यहाँ तक तो सबको पता है लेकिन इसके बाद जो हुआ वो सबसे खतरनाक था। 


Mindset is everything | story of 1983 world cup

जैसे ही वेस्टइंडीज जैसी टीम इंडिया के सामने हारी उनकी नींद उड़ गई, उन्हें कुछ समझमे नहीं आ रहा था की हम इंडिया से कैसे हार गए, अब अपनी नींद को वापस लाने के लिए वेस्टइंडीज ने BCCI से कहा की हमारे साथ 5 ODI और 6 टेस्ट खेलोगे और BCCI मना भी कैसे करता क्योंकि अभी अभी इंडिया वर्ल्ड कप जीती थी। 

कुछ वक़्त बाद वेस्टइंडीज के सारे खेलाडी इंडिया में आये और ODI शुरू हुआ, ODI के सारे मैच वेस्टइंडीज जित गई अब 6 टेस्ट की बारी आई, पहला टेस्ट 3 दिन में ख़तम करके वेस्टइंडीज जित गई, अब वेस्टइंडीज ने पूरी दुनिया को बता दिया की चैम्पियन तो वही है और इंडिया तुक्के से वर्ल्ड कप जीत गया, 

अगले टेस्ट से पहले मनोविज्ञान की counseling करवाई गई जिसमे सबसे पहला नंबर सुनील गावस्कर का था, सुनील गावस्कर को पता नहीं उस मनोविज्ञानिक ने क्या कहा लेकिन अगले मैच में पहली ही ओवर में 4 चौके मारे सुनील गावस्कर ने, 

लंच से पहले गावस्कर ने 107 रन बनाये और एक भी विकेट नहीं गई उस वक़्त बस एक चीज़ बदल गया और वो है mindset, उस मैच में ना इंडिया जीती ना वेस्टइंडीज, उसके बाद सिर्फ एक टेस्ट वेस्टइंडीज जीती, 

WEST INDIES IN INDIA ODI SERIES, 1983

Full scorecards https://m.cricbuzz.com/cricket-series/506/west-indies-in-india-odi-series-1983/matches

WEST INDIES IN INDIA TEST SERIES, 1983


उसके वक़्त के बाद इंडिया क्रिकेट पूरी तरह बदल गया और आज इंडिया टीम दुनिया की सबसे ज्यादा शक्तिशाली टीमों में से है, mindset बदलते ही सब कुछ बदल जाता है, 2011 के वर्ल्ड कप को जिताने वाले कप्तान धोनी भी mindset को सबसे ज्यादा महत्व देते है और आज के कप्तान विराट तो कहते है की मैच को जितने के लिए सबसे ज्यादा जरुरी है एक अच्छा mindset और जिस तरह हम अपनी बॉडी को फिट रखते है वैसे ही mindset भी सेट होना चाहिए, 

बस यही है मेरी जिंदगी की आज की सीख...


रविवार, 9 मई 2021

Manushi chhillar speech on mother in miss world 2017

Manushi chhillar speech on mother in miss world 2017

मेरे नसीब में कोई भी दुःख ना होता,
अगर नसीब लिखने का हक़ मेरी माँ के पास होता। 

आख़री बार भारत की मानुषी चिल्लर ने 2017 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीता था और जब उन्हें फाइनल में एक सवाल पूछा गया और आज mother's day के अवसर पर मुझे वही जवाब याद आ रहा है, सवाल ये था कि दुनिया का कौनसा प्रोफेशनल सबसे ज्यादा पैसा डिज़र्व करता है तब उन्होंने कहा था कि दुनिया मे सबसे ज्यादा पैसा माँ डिज़र्व करती है और पैसा तो बहुत छोटी चीज़ है, 

Manushi chhillar speech on mother in miss world 2017

हमारे देश में पूरा दिन घर का काम करने वाली एक हाउसवाइफ के काम की कोई चर्चा ही नही करता है, इतना ही नही उनके काम को कोई काम ही नही कहता, जब हम पर सारा काम आता है तब हमें अहेसास होता है और हर बार की तरह तब देर हो जाती है,

हमारे अडोस पड़ोस में एक ऐसी मा होगी जो अपने बच्चे को पूरा दिन संभालती है अगर हम कुछ दिन उस मा को ऑब्जर्व करने जाए तो हमे पता चलेगा कि उस मा को इस बात की सैलरी मिलनी चाहिए, 

आपको पता है दुनिया में सबसे ज्यादा दर्द किसकी वजह से होता है, तलवार की घाव से, रेल के पटरियों के निचे आने से, फाँसी खाते वक़्त, बिच्छु काटने पर, कुत्ते के काटने पर...

ऐसी चीज़े जिसमें इंसान को सबसे ज्यादा दर्द होता है उसमे पहले नंबर पर आता है आग में जलने ने और दूसरे नंबर पर आता है उस माँ का नाम जो अपने बच्चे को जनम दे रही होती है, 

शायद इसलिए शैलेश लोढ़ा कहते है की मैंने कभी माँ के ऊपर कविता लिखी ही नहीं क्योंकि दुनिया की किसी भी कलम में इतनी ताकत ही नहीं है की वह माँ पर कुछ लिख सके, 

बस यही है मेरी जिंदगी की आज की सीख...

सोमवार, 5 अप्रैल 2021

Learning बढ़ेगी तो Earning अपने आप बढ़ेगी

Learning बढ़ेगी तो Earning अपने आप बढ़ेगी...

Learning बढ़ेगी तो Earning अपने आप बढ़ेगी


Learning का मतलब ज्ञान और Earning का मतलब पैसा, इन दोनों का आपस में बहुत गहरा रिश्ता है, मैंने आज से लगभग 3 साल पहले कहीं पर quote पड़ा था और मुझे बहुत अच्छा लगा था और तब से मैंने अपना सारा ध्यान लर्निंग पर देना शुरू कर दिया क्योंकि मुझे इस कोट्स पर पूरा भरोसा है क्योंकि जब भी कोई quote लिखा जाता है उसके पीछे बहुत बड़ा कारण होता है, 

जैसे हमारे हिंदी में कहावत होती है जो कहावते हमेशा सच्ची होती है क्योंकि हजारों साल से चलती आ रही होती है इसके पीछे बहुत बड़ा लॉजिक होता है इसलिए मै कभी किसी कोट्स को इग्नोर करने की गलती मैं नहीं करता, ज्यादातर लोग ऐसा करते हैं और मैंने देखा है बहुत बार लेकिन मैं उन लोगों में से नहीं हूं इसलिए मैं इसको सही मानता हूं और मैंने इन दो-तीन साल में इसे अनुभव भी किया है। 

जब तक हमारा ज्ञान नहीं बढ़ता तब तक हमारा धन नहीं बढ़ता आपने बहुत सारे लोगों को देखा होगा जिनके पास ज्ञान कुछ भी नहीं लेकिन धन बहुत सारा है लेकिन आपने जब उसको एनालिसिस किया होगा तो आपको पता चला होगा कि यह सारा धन उसके बाप दादा का कमाया हुआ है और उसके बाप दादा के पास ज्ञान था तो कुल मिलाकर बात यह है कि जब तक हमारे पास ज्ञान नहीं होना तब तक हमारे पास धन नहीं हो सकता।

हमारे आसपास जितने भी अर्बोपति है उनमें से 90% ने अपनी स्कूल कॉलेज नही की लेकिन सीखना नही छोड़ा, बिल गेस्ट आज भी हप्ते में एक बुक पढ़ते है, 

तो बजाय इसके कि हम तन पर फोकस करें हमें अपना पूरा ध्यान ज्ञान पर फोकस करना चाहिए लेकिन ऐसा होता नहीं है क्योंकि सबसे पहला ख्याल सबके दिमाग में यही आता है कि हमें पैसा कमाना है और ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ज्ञान इकट्ठा करने में बहुत वक्त लगता है और ज्ञान की कमाई आने में बहुत वक्त लगता है इसलिए सब लोग धैर्यहीन होकर पैसो के पीछे भागना शुरू कर देते हैं,

इस वक्त मेरे दिमाग में एक बहुत अच्छा कोट्स आ रहा है जो कुछ इस प्रकार था कि “ज्ञान धन से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि धन को हमें संभालना पड़ता है और ज्ञान हमें संभालता है धन से ज्ञान खरीदा नहीं जा सकता लेकिन ज्ञान से बहुत सारा धन खरीदा जा सकता है और इकट्ठा किया जा सकता है"

सुपरस्टार गोविंदा की एक मूवी का एक डायलॉग का जिक्र जरूर करना जाऊंगा, मूवी का नाम है नसीब जिसमें एक बहुत अच्छा डायलॉग है जिसमें गोविंदा कहता है कि इस दुनिया का सबसे आसान काम है दौलत कमा लेना लेकिन सबसे मुश्किल काम है किसी के दिल में जगह बना लेना और किसी के दिल में जगह बनाने के लिए चाहिए ज्ञान, 

सबको पता है कि कोई अमर नहीं हो सकता लेकिन ज्ञान अमर हो सकता है अगर आपके पास कोई ऐसा ज्ञान है जो आप दुनिया को बांटते हैं तो आपके मरने के बाद भी वही ज्ञान आप को जिंदा रखता है, जैसे कि किसी भी महान इंसान को आप याद कीजिए जो मर चुका है आप उसे याद करेंगे उनके कामों को लेकर आप कभी यह नहीं सोचा कि उनके पास कितने पैसे थे तो इस हिसाब से भी ज्ञान ज्यादा इंपॉर्टेंट रखता है। 

शॉर्ट में कहा जाए तो ज्ञान और धन का कोई कंपैरिजन नहीं है क्योंकि ज्ञान हर मुकाबले धन से बहुत बड़ा है तो कुछ इकट्ठा करना ही है इस जिंदगी में तो ज्ञान कीजिए हम तो अपने आप हो जाएगा। 

बस यही है मेरी जिंदगी की आज की सीख...

गुरुवार, 25 मार्च 2021

What is the meaning of skill in hindi

 What is the meaning of skill in hindi 

Skill का मतलब क्या है क्योंकि कुछ भी करने के लिए skill सबसे ज्यादा जरुरी है, पढ़ी हुई चीजें मार्केट में ज्यादा काम नहीं आती, वह सिर्फ हमारे दिमाग के विकास के लिए जरूरी होती है अगर अपने आपको दूसरों के सामने अलग साबित करना है तो उसके लिए skill ही सबसे ज्यादा काम आती है, सबसे पहले skill का मतलब क्या है,

Defination of skill

हर वह काम जो हर कोई नहीं कर सकता उसे skill कहते है

अगर हम पढाई लिखाई को ध्यान में रख कर बात करे तो mathematics, English और science हर कोई नहीं सीख सकता इसलिए ये सब सब्जेक्ट होते हुए भी स्किल में आते है, इंग्लिश एक भाषा है लेकिन फिर भी आप अगर इंग्लिश बोलना जानते हो तो आपके पास एक स्किल है लेकिन हमारे भारत में,

कहीं पर भी हम जॉब के लिए अप्लाई करने जाते हैं तो वहां पर हमारी स्किल देखी जाती है, डिग्री को देखकर जो कंपनियां जॉब देती है वह कंपनियां अगले पांच साल बाद दिखने बंद हो जाती है और जो कंपनियां स्किल को महत्व देकर अपने एंप्लोई को पसंद करती है वह कंपनियां हमेशा गूगल और माइक्रोसॉफ्ट की तरह नंबर वन बन जाती है,

Benefits of skills in hindi

What is the meaning of skill in hindi

अभी कुछ सालों बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जमाना आने वाला है अभी जो जमाना चल रहा है जिसमें आप मशीन देखते हैं वह सारी मशीन रिपीटेड वर्क को कर सकती है लेकिन  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बाद मशीन बहुत ज्यादा ताकतवर हो जायेगी और एक ही झटके के में करोडो लोगो की नोकरी खा जायेगी।

अगर हमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ज़माने में भी बेरोजगार नहीं होना है तो हमें कुछ ऐसी स्किल सीखनी चाहिए जिसमे ह्यूमन ब्रेन का इस्तेमाल करना पड़ता हो क्योंकि इंसान चाहे जितनी मेहनत करले ह्यूमन ब्रेन से ज़्यादा ताकतवर चीज़ कभी नहीं बना सकता, 

यही है मेरी जिंदगी की आज की सीख...


सोमवार, 15 मार्च 2021

What is gaming disorder in hindi

What is gaming disorder in hindi


What is gaming disorder in hindi

अभी कुछ दिन पहले मेरा एक दोस्त मुझसे पूछ रहा था कि मेरे साथ एक बार  फ्री फायर खेलोगे क्योंकि पब्जी तो बंद हो चुका है आपको भी पता लेकिन मैं उस पर ज्यादा बात नहीं करना चाहता हूं, 

उसने मुझसे पूछा कि चलो हम दोनों मिलकर फ्री फायर खेलते हैं, मैंने कहा कि तुम्हें क्या लगता है कि मैं फ्री फायर खेलता होगा, उसने कहा कि हा शायद, मैंने कहा कि मेरे पास सब कुछ है लेकिन इतना फालतू वक़्त नहीं है, उसने मुझसे कहा कि आपको क्या लगता है कि फ्री फायर खेलने वाले लोग फालतू होते है, मैंने कहा कि हां, 

उसने कहा कि तुम्हें पता है कि फ्री फायर से हजारों लोग पैसा कमा रहा है और गेम खेलने में क्या बुराई है सबकी अपनी अपनी पसंद होती है, मैंने उससे कहा कि 14 सितंबर 2018 को वर्ल्ड हैल्थ ऑर्गेनाज़शन ने अपनी बीमारी की सूची में गेमिंग को भी रखा था और लिखा था की गेमिंग एक बीमारी है, वह मुझे कहने लगा कि शायद वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन को कोई गलतफहमी हो गई होगी क्योंकि वह भी तो हमारी तरह इंसान ही है, 

मैंने उससे कहा कि वह लोग बहुत सारे रिसर्च के बाद किसी रोग को आईडेंटिफाइड करते हैं और उसे लोगों के सामने रखते हैं,  यह डिस्कशन तो बहुत देर चली थी लेकिन मैं इस पर बात करने नहीं आया हूं मुझे गेमिंग डिसऑर्डर के बारे में थोड़ी बहुत बातें करनी है,

आज की तारीख में सबसे बड़ा एडिक्शन सबको पता है कि यह स्मार्टफोन है लेकिन देखा जाए तो स्मार्टफोन कोई एडिक्शन नहीं है एडिक्शन वह सारी क्रियाएं है जो हम स्मार्ट फोन पर करते हैं अगर हम स्मार्टफोन का इस्तेमाल अच्छी चीजों के लिए करते हैं तो कोई प्रॉब्लम नहीं है लेकिन अगर हम इसका इस्तेमाल गेमिंग जैसी चीजों के लिए करते हैं तो इसका बहुत बुरा प्रभाव हमारी जिंदगी में पड़ता है। 

मेरे फैमिली का एक लड़का था उसका दिमाग अचानक खराब हो गया उसे बड़े-बड़े स्ट्रोक आने लगे, वह 24 अवर्स गेम खेलता था अब आप में से बहुत सारे लोग सोचेगे की इतना घंटा कोई कैसे खेल सकता है क्योंकि कभी ना कभी तो वह सोता ही होगा लेकिन जब भी वह सोता था तो उसमें भी वह गुनगुनाता रहता था मतलब उसके परिवार आ रहे हैं उससे परेशान हो गए थे,

जब उन लोगों को पता चला कि यह सब कुछ गेम की वजह से हो रहा है तब डॉक्टर ने उससे कहा कि आपको इसे मोबाइल से बिल्कुल दूर रखना पड़ेगा लेकिन कुछ लोग कुछ महान आत्मा ऐसी भी थी जो उनके घर पर आते थे और कहते थे कि गेम तो मेरा बेटा भी खेलता है उसे तो कुछ नहीं हुआ, गेम तो आज पूरी दुनिया खेलता है उनको तो कभी कुछ नहीं होता, 

ये डॉक्टर सब गलत बोलते हैं गेम से कुछ नहीं होता तो मैंने उससे कहा कि दुनिया में शराब और सिगरेट करोड़ों लोग पीते हैं लेकिन उनमें से कैंसर सिर्फ 1% को होता है तो इसका मतलब यह थोड़ी ना है कि हम शराब और सिगरेट पीना शुरू कर दे, बस यही बात गेमिंग में लागु होती है,

गेमिंग से कितनी बीमारियां होती है वह तो आपको माइंड हॉस्पिटल में जाकर ही पता चलेगा, मैंने हमारे गुजरात की जामनगर की हॉस्पिटल देखी है और बहुत कुछ सीखने मिला, 

Benefits of gaming 

देखिए गेमिंग तब तक अच्छी है जब तक हम उसे दिन में कम से कम आधे से एक घंटे तक खेलते हैं क्योंकि बहुत सारी यह स्टडी अभी हुई है कि अगर हम दिन में कुछ देर अगर गेम खेलते हैं तो हमारा डिसीजन मेकिंग और हमारा कंसंट्रेशन बढ़ता है लेकिन प्रॉब्लम यह है कि आजकल की गेमिंग में ऐसे एल्गोरिदम आ गए हैं जिसकी वजह से इंसान गेम शुरू तो अपनी मर्जी से करता है लेकिन बंद उस गेम की मर्जी से करता है और यही गेम की सबसे बुराई है,

मेरी नजर में अगर आपको एकाग्रता और डिसीजन मेकिंग पावर बढ़ाना है तो कुछ और कर लीजिए इसके लिए गेम खेलने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन एक और बात भी है की अगर आप दिन में 1 या 2 घंटा योगा और कसरत करते हो तो आप जितना जाहे उतना गेम खेलों,

अभी बहुत सारे लोगों का यह सवाल होगा कि उसमें जो लोग कमाते हैं उसका क्या क्योंकि उसकी तो रोजी-रोटी चली जाएगी। उन लोगों के लिए मै इतना बताना चाहता हूं कि अगर आप गेमिंग खेलकर अगर करोड़ों रुपए कमा लेते हैं और आपका दिमाग ही काम नहीं कर रहा है तो उस पैसों का क्या करोगे। 

एक बात शायद आपको भी पता है और मुझे भी पता है लेकिन फिर भी मैं यहां पर लिखना चाहता हूं कि आपकी बॉडी में से गर्दन के नीचे का अगर कोई भी पार्ट बिगड़ गया तो वह रिपेयर हो सकता है लेकिन अगर गर्दन के ऊपर के पार्ट को कुछ भी हुआ तो आप दुनिया के 90% काम नहीं कर सकते, 

उस में से सबसे अगर इंपोर्टेंट है तो वो है हमारा दिमाग क्योंकि दिमाग से ही सब कुछ होता है और अगर हम अपने दिमाग के लिए अगर इतना नहीं कर सकते तो मुझे नहीं लगता कि हम अपनी जिंदगी में कुछ भी कर सकते हैं।

बहुत सारे लोग ऐसे भी होंगे अभी सोच रहे होगे कि हम तो बहुत वक्त से गेम खेल रहे हैं लेकिन हमें तो कुछ नहीं हुआ है लेकिन मैं बस उन लोगों को इतना कहना चाहता हूं कि यह आपकी सिर्फ गलतफहमी है आप ऑलरेडी इसके काबू  में आ चुके हैं अगर आपको भरोसा नहीं है तो कम से कम 7 दिन के लिए गेम को छोड़ कर देख लीजिए।

सबसे ज्यादा अगर कोई कीमती है तो वह है वक्त और वक्त के पास इतना वक्त नहीं कि वह वापस से आपको वही वक़्त दे सके इसलिए कम से कम अपने वक्त को ऐसी चीजों में नहीं बिताना चाहिए। 

बस यही है मेरी जिंदगी की आज की सीख...

सोमवार, 8 मार्च 2021

5 mother teresa quotes in hindi on peace

 

5 mother teresa quotes in hindi on peace

बिता हुआ कल बीत गया।
आनेवाला कल अभी तक नहीं आया।
हमारे पास सिर्फ आज है तो इस पर ध्यान केंद्रित करें,

हम सब कुछ बड़ा नहीं कर सकते,
लेकिन हम खुशी के साथ 
छोटी छोटी चीज़े कर सकते है।

हम विश्व में शांति फैलाने के लिया क्या कर सकते है,
बस घर जाइए और अपने परिवार में शांति रखें।

मैं चाहती हु की आप अपने पड़ोसी के लिए चिंतित रहे,
क्या आप अपने पड़ोसी को जानते है।

शांति की शुरुआत एक मुस्कुराहट से होती है,

5 mother teresa quotes in hindi


मैं ख़ुद तो नहीं बदल सकती दुनिया को लेकिन
एक पथ्थर ऐसा जरूर फेक सकती हु जिससे लहरें उठे और
वो लहरें पूरी दुनिया को बदल दे,

अकेला इंसान सब कुछ बदल तो नहीं सकता लेकिन बदलाव की शुरूआत कर सकता है और यही मानना था मदर टेरेसा का जिसे दुनिया के महान देशों के सबसे महान अवार्ड से सम्मानित किया गया है तकरीबन बहुत सारे देशों की नागरिकता मिली हुई है जिसके नाम से आज अवार्ड मिलते हैं,

इसमें से सबसे कॉमेडी बात पता है क्या है अमेरिका और रशिया जैसे बड़े देशों ने शांति में योगदान देने के लिए मदर टेरेसा को अपने देश बुलाया और उसको अपने देश का सबसे उच्च यानि की सबसे बड़ा अवार्ड दिया लेकिन मदर टेरेसा से कुछ सीखा नहीं। विश्वास नहीं हो रहा है तो आज का ही अखवार उठा लो।

बदलाव होने में बहुत वक्त लगता है लेकिन जिन्होंने बदलाव की चिंगारी लगाए होती है उसको वह बदलाव दिखने नहीं मिलता जैसे कि भारत को आजाद कराने की चिंगारी मंगल पांडे, भगत सिंह, सुखदेव और नेताजी जैसे महान लोगों ने लगाई थी लेकिन आजाद भारत को देख नहीं पाए।

एक बहुत अच्छा सवाल सबके दिमाग में होता है कि अगर हम आज कुछ अच्छा करते हैं तो हमारे आने वाली पीढ़ी भी हमें देख कर अच्छा करेगी और ऐसे ही कड़ी बनती जाएगी और एक दिन पूरी दुनिया अच्छी हो जाएगी लेकिन जिस अच्छाई की शुरुआत हम करते है उसको हम देख नहीं पाते तो उसका फायदा क्या है और शायद इसी लिए हम अच्छी चीजों को करना नहीं चाहते।

हम जब भी कुछ अच्छा करते हैं तो हमें अच्छा लगने लगता है और फिलहाल अभी के लिए हमारा फायदा यही है,  शुरुआत करते हैं क्या पता बदलाव अचानक हो जाए जिसका फायदा हमें भी होने लगे।

बस यही है मेरी जिंदगी की आज की सीख...


गुरुवार, 4 मार्च 2021

कर्म का चक्र क्या है | law of karma in hindi

today we will talk about law of karma meaning is hiindi and what is law of karma, law of karma story in hindi, 

कर्म का चक्र क्या है | law of karma in hindi 

एक लड़का रास्ते से यूं ही जा रहा था, अचानक उसकी आंखों ने बगीचे के पेड़ पर लटके हुए आम को देखा तो उसकी जीभ में पानी आ गया और उसके पैर उस आम की तरफ बढ़ने लगे, कुछ वक्त बाद वह उस आम के पेड़ के पास पहुंच गया और उसने अपने हाथों से उस आम को तोडा और अपने मुँह से खा लिया। अचानक वहां पर उस बगीचे का मालिक आया और उसने डंडा उस लड़के के पीठ में मार, 

आम को देखा आँख ने, लालच आई जीभ में, आम के पास गए पैर, आम को तोड़ा हाथों ने, आम को खाया मुँह ने लेकिन डंडा पड़ा पीठ में फिर भी आंसू निकले आँख से क्योंकि आम को देखा आँख ने था, कर्म चक्र घूम कर वापस जरूर आता है। 

law of karma story in hindi


कर्म का चक्र क्या है | law of karma in hindi

एक बार एक बॉस बहुत गुस्से में था इसलिए उसने अपने मैनेजर को चांटा मार दिया अब मैनेजर अपने बॉस से कुछ कह तो नहीं सकता इसलिए उसने वह गुस्सा अपने घर जाकर अपनी बीवी पर उतारा और उसे एक चांटा मार दिया, अब उसकी बीवी को भी गुस्सा आया इसलिए उसने अपने बड़े बेटे को चांटा मार दिया, बड़े बेटे को गुस्सा आया तो उसने अपने छोटे भाई को चांटा मार दिया,

छोटा भाई बिचारा गुस्से के साथ घर से बहार निकला और उसने अपना गुस्सा एक कुत्ते के ऊपर निकाला और उसे लात मार दी, कुत्ता गुस्से के साथ इधर उधर दौड़ने लगा और उसने रस्ते पर चलते एक आदमी को काट लिया और वह आदमी वही बॉस था जिसनें अपना गुस्सा किसी और पर निकाला था। 

ये तो सिर्फ दो उदाहरण थे इसके ढेरो उदहारण हमें अपने आसपास देखने मिलते है और अपनी ख़ुद की जिंदगी में भी देखने मिलते है बस हम उसे देख नहीं पाते और अगर दिख जाये तो अनदेखा कर देते है क्योंकि हमें ऐसा लगने लगा है की ये कलयुग है इसमें बुरे काम करने वाले ही अच्छी जिंदगी जीते है, 

बात सही है की बुरे काम करने वाले अच्छी जिंदगी जीते है लेकिन सुकून की जिंदगी नहीं जीते, फर्क सिर्फ इतना है की सुकून की जिंदगी जीने वाले रात को बिस्तर में गिरते है एक घोर निंद्रा में चले जाते है और अच्छी जिंदगी जीने वाले अच्छी अच्छी महेंगी वाली दवाइया खा कर सोते है।

मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021

What is global warming in Hindi

What is global warming in Hindi 


What is global warming in Hindi


कुछ ऐसे टॉपिक है जिसके ऊपर मैंने बहुत स्टडी की है और मुझे ऐसा लगता है की उन टॉपिक को अपने तक नहीं रखना चाहिए उनमे से एक है global warming,

वैसे तो global warming की 100 से भी ज्यादा परिभाषा है लेकिन मै आपको अब तक की सबसे आसान परिभाषा को आसान भाषा में बताने की कोशिश करूँगा ताकि आपको ऐसा ना लगे की आप स्टूडेंट और में टीचर हु। 

ग्लोब यानि हमारी पृथ्वी जिसका तापमान दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है उसी बढ़ते हुए तापमान को global warming कहते है लेकिन सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण सवाल आपके दिमाग में ये उत्पन्न हुआ होगा की तापमान बढ़ने से क्या प्रॉब्लम है क्योंकि आफ्रिका जैसे देश में तो बहुत तापमान है फिर भी लोग वहा पर रहते है।

Global warming effects in hindi 


देखिए तापमान बढ़ने से ज्यादा प्रॉब्लम नहीं है लेकिन उस तापमान की वजह से उतरी ध्रुव पर जो बर्फ जमा है वह बहुत तेजी से पिघलना शुरू हो जाएगा, हमारे भारत में जो हिमालय है वह पिघलना शुरू हो जाएगा और अगर ऐसा हुआ तो नंदियों में पानी बहुत ज्यादा आएगा और नदियों का पानी समुद्र में मिल जाएगा और अगर समुद्र में पानी की सतह बढ़ जाएगी। 

वैज्ञानिकों का मानना है की अगर ये तापमान ऐसे ही बढ़ता रहा और समुद्र की सतह अगर 5 से 6 इंच भी बढ़ी तो दुनिया के बहुत सारे देश उसमे दुब जाएंगे, मैंने और आपने बहुत बार सुना होगा की समुद्र कितना भी पानी हो उसे अपने अंदर समा लेता है लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि अगर ऐसा होता तो कभी सुनामी नहीं आती। 

तापमान के बढ़ने से और भी बहुत सारी परिसानी हो सकती है जैसे की हमारा जीवनचक्र बदल जाता है क्योंकि तापमान का सीधा प्रभाव हमारी कृषि क्षेत्र में पड़ता है और ऐसे कही अनगिनत प्रॉब्लम है जिस पर एक किताब लिखी जा सकती है और पहले से ही उपस्थित है। 

Global warming causes in hindi 


विश्व स्तर पर एक संधि हुई है जिसका नाम है क्योटो प्रोटोकॉल जिसका मुख्य काम यही है की उस सौर्च का पता लगाया जाए जिसकी वजह से ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है और बहुत सारी रिसर्च के बाद कुछ कारण दुनिया के सामने आये है। 

जिसमें से 25% गर्मी मांसाहारी उत्पादन और उसके उदभोग के कारण, 18% बिन जरुरी वाहन के परिवहन के कारण और बाकी की गर्मी उद्योगो, प्रदूषण और कुछ हिस्सा उसमें से खेती और जानवर को द्वारा, इन सब में से सिर्फ एक ही कारण है जिसमें हम योगदान देकर global warming को रोकने में सहायक बन सकते है और वह है मांसाहारी का त्याग करना। 

अब आपके दिमाग में ये सवाल हुआ होगा की मांसाहार और global warming का क्या लेना देना, इसको अगर विस्तार से लिखे तो शब्द कम पड़ जायेगे लेकिन शार्ट में कहु तो प्रकृति के बनाये हुए किसी भी चक्र के साथ अगर हम छेड़छाड़ करेंगे तो उसका सीधा असर प्रकृति के वातावरण में दिखाई देगा।

मैं आपको थोड़ा बहुत समझाने की कोशिश करता हूं मांस को रखने के लिए एयर कंडीशनर की जरूरत पड़ती है और एयर कंडीशनर में क्लोरोफ्लोरोकार्बन होता है जो ग्लोबल वार्मिंग का सबसे बड़ा कारक है और उसी मास को एक जगह से दूसरी जगह लाने के लिए बहुत सारा वाहनों का परिवहन होता है उस वाहनो की वजह से ग्लोबल वार्निंग होता है ये सब एक दूसरे के साथ जुड़े हुए है मतलब अगर आप सिर्फ मांसाहार बन जाते है तो 25%+18% यानि 48% ग्लोबल वार्मिंग को खत्म कर सकते है। 

ग्लोबल वॉर्मिंग मेरी नजर में कोई टॉपिक नहीं है ग्लोबल वार्मिंग एक पूरा सब्जेक्ट है जिसके विषय में सब को सोचना चाहिए और सबको इसे गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि मैंने देखा है बड़े-बड़े उद्योगपति को यह कहते हुए कि ग्लोबल वॉर्मिंग नाम की कोई चीज नहीं होती है ये तो सिर्फ हमारा भ्रम है। 

ग्लोबल वार्मिंग के बहुत सारे पहलू में से मैंने आज एक एक पहलू को अपने शब्दों में लिखने की कोशिश की है मैं आशा करता हूं कि आपको मेरे प्रयास अच्छा लगा होगा और मेरी यह जानकारी अच्छी लगी होगी अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी है तो हमें जरूर बताएं क्योंकि सबको सब नहीं आता लेकिन सबको कुछ ना कुछ जरूर आता है और उस कुछ को दूसरे के साथ शेयर करने को ही जिंदगी कहते हैं।