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बुधवार, 6 नवंबर 2019

नवंबर 06, 2019

Middle class people मध्यम वर्ग के लोगो की दास्तान


Middle class people मध्यम वर्ग के लोगो की दास्तान 


आज quora में शिवम नाम के लड़के ने मिडिल क्लास लड़के के ऊपर एक बहुत ही अच्छा लेख लिखा, कसम से मुझे बहुत पसंद आया but लेख सिर्फ मिडिल क्लास लड़कों पर था इसलिए मैंने सोचा कि क्यों ना आज बात हमारी करते हैं मतलब की Middle class people की जिंदगी के बारे में कुछ बातें करते हैं,

सबसे पहले बात करते हैं हमारी पढ़ाई की मतलब कि Middle class people  की पढ़ाई कैसी होती है

Middle class people मध्यम वर्ग के लोगो की दास्तान

Middle class people study life


हम पढ़ना कुछ और चाहते हैं, हमें पढ़ाया कुछ और जाता है और हम बन कुछ और जाते हैं 

Lucent इनकी जिंदगी में उस girlfriend की तरह होती है जो साथ तो रहती है but समझ कभी नही आती,

Reasoning के प्रश्न चुटकी में हल कर देने वाले ये middle class people लेकिन खुद की जिंदगी की समस्याओं में उलझे रह जाते हैं,

Maths की तो बात ही ना करू तो अच्छा है....

चीटिंग कभी कर नही पाते हम because मौका ही नही मिलता,


Middle class people daily life


4G mobile लेने में हमें साल भर लगता है, गैस भरवाने की जिम्मेदारी , सुबह दूध और शाम की सब्जी लाने जैसा कठिन और दर्दनाक काम भी हम ही करते हैं,

लोग लाखों के पीछे भागते हैं और हम Middle class people रोटी के पीछे भागते हैं,

सास बहू की serial देख कर ही आंखों में आंसू आ जाते हैं,

Middle class housewife पूरा दिन यह सोचने में निकाल देती है कि रात को खाना क्या बनायेगे,

Birthday  तो कभी किसी का मनाया नहीं जाता इसलिए बच्चे पूरा दिन इंतजार करते हैं कि आज कोई  मेहमान आएगा और हाथ में दो चार रुपए देकर जाएगा,

Middle class people love life


हम Like किसी और को करते हैं, हमें love किसी और का मिलता है और फाइनली marrege किसी और से हो जाती है,

खुद की girlfriend/boyfriend की शादी में 'नागिन डांस' करने का गौरव only इन्हें ही प्राप्त है, icecream की टेस्ट से इन्हें शादी में हुए खर्चों का अंदाजा लग जाता है,

घर और अपनी ‛wife' से किसी काबिल बनने का वादा करके निकलते है हम middle class people, जब तक काबिल हो के घर लौटते हैं तब तक उनकी wife 'दो चार बच्चों' की 'मा' बन चुकी होती है |

जिम्मेदारियां जल्दी निभाना सीख जाते हैं , relative के तमाम अड़ंगों के बावजूद parents का विश्वास कैसे बनाये रखना है इन्हें बखूबी आता है,

Love करने की औकात ही नही है हमारी because रिजेक्शन झेलने की हिम्मत नही, कोई हम पर 'you are cheap' का आरोप नही लगाता,

हमारी marrige अक्सर अरेंज्ड ही होती हैं, 

हमारा love अक्सर अधूरा रह जाता है, हमारा dream, हमारी life सब अधूरी....

पर हम  Middle class people किसी को एहसास तक नही होने देते.

सबको पूरा करने के चक्कर मे अधूरे रह जाते हैं हम Middle class people....

शुक्रवार, 1 नवंबर 2019

नवंबर 01, 2019

सफर खूबसूरत है मंजिल से भी motivational thought


सफर खूबसूरत है मंजिल से भी motivational thought


सफर खूबसूरत है मंजिल से भी, यह एक  गाने की पंक्ति है but एक छोटी सी लाइन बहुत कुछ कह जाती है इस लाइन में इतनी ताकत है कि इस पर बहुत सारी books लिखी जा सकती है but मुझे और आपको कोई किताब नहीं लिखनी है हमें तो बस इस लाइन को समझना है जितना हम और आप समझ सकते हैं, 

यह पंक्ति तो मैंने बहुत पहले सुनी थी but समझ में आज आई इसलिए लिख आज रहा हु अपने लिए, वैसे भी इंसान वक्त के साथ सीखता है और ऐसा इसलिए होता है because हमारे आस पास कोई भी समझाने वाला नहीं होता है, 

सबसे पहले यह जान लेते हैं कि मंजिल कहते किसे है, मंजिल वह है दोस्तों जो हमें सोने नहीं देती और अगर हमें नींद आ भी जाए तो हमें सुबह उठने की वजह देती है मंजिल वह है जो हमें पूरा दिन जोश के साथ मेहनत करवाती है, मंजिल वह है जिसको पाने के लिए इंसान जिंदगी भर संघर्ष करता ही जाता है, 


मैंने एक IPS लड़की का इंटरव्यू देखा था उसमें उसने कहा था कि मंजिल पर पहुंचने से ज्यादा मजा तो तब आता है जब हम उस मंजिल को पाने का सफर तय कर रहे होते हैं,

उस दौरान हम पर न्यूज़ पेपर से क्लासिस से अपने दोस्तों से हर जगह से knowledge की बरसात होती है but हमें उस वक्त मंजिल की चाहत रहती है but जब मंजिल मिल जाती है तो हम उस सफर को याद करते हैं जैसे आज हम सब लोग अपने बचपन को याद करते हैं कोई भी ऐसा नहीं होगा जो वापस अपने बचपन में नहीं जाना चाहता है,

लोग अक्सर बड़ी बड़ी मंजिल को पाने के लिए अपने सफर को खुशी से नहीं जी पाते, इसलिए यह बात तो बिल्कुल सच है कि सफर खूबसूरत है मंजिल से भी,

सच कहूं तो सफर खूबसूरत होना भी चाहिए because जिंदगी का सफर बहुत बड़ा होता है और मंजिल बहुत ही छोटी होती है इसलिए मंजिल से ज़्यादा अहमियत सफर को देनी चाहिए और खुशी भी सफर में मिलनी चाहिए because जो इंसान अपने सफर को खुशी से नहीं जीता वह कभी मंजिल तक पहुंच नहीं सकता, 

मंगलवार, 15 अक्तूबर 2019

अक्तूबर 15, 2019

मेरे सिंगल होने की कहानी why I am still single


मेरे सिंगल होने की कहानी why I am still single 


एक सवाल है जो लोग हमेशा मुझे पूछा करते हैं कि तुमने कभी कोई girlfriend क्यों नहीं बनाई, सवाल बहुत ही खूबसूरत है but इसका जवाब बहुत ही मजेदार है इसलिए  सोचा कि क्यों ना इस सवाल का जवाब आप सब लोगों के साथ शेयर करू,

पहली क्लास से लेकर दसवीं क्लास तक तो मैं बॉयज hostel में पढ़ा, जहां पर लड़कियों का नामोनिशान नहीं था, 11वीं और 12वीं कक्षा की एक छोटी सी story थी जो बन नही पाई, उसे मैंने बहुत पहले आप सब लोगों को शेयर किया है maybe आप लोगों ने उसे पढ़ा होगा but आज मैं जो मजेदार बात करने वाला हूं वह बात जुड़ी है college के उन दिनों से जो हर इंसान की जिंदगी के सबसे खूबसूरत दिन होते हैं,

12वीं के results आने के बाद जब वक्त आया college में जाने का तब मैंने यह सोच लिया था कि college में जाने से पहले मैं अपने आप को बिल्कुल बदल दूंगा और college के पहले ही 6 माह में कोई ना कोई girlfriend जरूर बनाऊँगा but हमेशा की तरह किस्मत को कुछ और ही मंजूर था,

मुझे किसी ने कहा था कि शादी के बाद जब लड़का और लड़की अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करते हैं तो सबसे पहले अपने बीते हुए कल के बारे में बातें करते हैं जिसमें वह एक दूसरे को यह बताते हैं कि उसकी पिछली जिंदगी कैसी थी उस जिंदगी में कितने लोग आए और कितने लोग गए,

अब सवाल यह था कि अगर मेरी होने वाली पत्नी शादी के बाद मुझे अपने बॉयफ्रेंड गिनाती तो मैं उसे क्या कहता, बस इसी नादानी की वजह से मैंने सोच लिया था कि मुझे एक girlfriend चाहिए ही चाहिए, अब वक्त आया college जाने का,

Why i am single ? 

Why I am still single
Why I am still single

college के पहले दिन हम सबको एक movie दिखाई गए जिसका नाम था lucy, यह मूवी के जरिए हमारे सर हमें यह बताना चाहते थे कि इंसान का दिमाग क्या क्या कर सकता है but कोई भी इस movie को नहीं समझा क्योंकि इस movie के शुरुआत में कुछ ऐसा है जिसे देखने के बाद आपका दिमाग काम करना बंध कर देगा, आप खुद ही देख लेना, हम फिलहाल अपनी बात पर आते है,

कुछ दिनों बाद मुझे एक लड़की पसंद आई, लड़की अच्छी सी दिखने में but प्रॉब्लम यह हुआ कि कुछ दिनों बाद हमारे क्लास के चार टुकड़े कर दिए गए, जिसमें से में B ग्रुप में था और वह लड़की C ग्रुप में थी, मैंने C ग्रुप के एक लड़के से अपनी जान पहचान बनाए और एक दिन मौका देख कर उसे कह दिया कि मैं तुम्हारे ग्रुप की लड़की को like करता हूँ, मैंने उसे वह लड़की दिखाई,

अब मेरी किस्मत इतनी फूटी हुई थी कि मैंने उस लड़के को दोस्त बनाया जो खुद उस लड़की की फील्डिंग में लगा था, वह लड़का मुझे थोड़ी देर देखने लगा उसके बाद उसने मुझे कहा कि “तुम उसे भूल जाओ" मैंने कहा “क्यों" तो उसने कहा “तुम्हारा नाम क्या है" मैंने कहा “परमार शैलेश" वह लड़का मुझे कहने लगा “बस इसीलिए तुम उस लड़की को भूल जाओ" मैं कुछ देर सोचने लगा फिर मैंने उसे पूछा “क्यों मेरे नाम में कोई खराबी है" उसने मुझे कहा कि “नाम में कोई खराबी नहीं है तुम्हारी सरनेम में खराबी है क्योंकि जिस लड़की को तुमने पसंद किया है उसकी सरनेम और तुम्हारी सरनेम सेम है"😢😢😢😢😢😢

यह सब सुनकर मेरे तो तोते उड़ गए because मुझे नहीं पता था कि वह लड़का मुझे टालने के लिए झूठ बोल रहा था, मेरे दिमाग में एक belief बन गया कि उस लड़की की सरनेम और मेरी सरनेम same है जिसे निकालना अब आसान नहीं था,

उस लड़के के एक छोटे से झूठ की वजह से मुझे हर तरफ अपने ही सरनेम वाली लड़कीया दिखने लगी और मैंने यह सोच लिया कि अब मुझे कोई girlfriend नहीं बनानी है थोड़े महीनों के बाद मुझे पता भी चल गया कि उस लडकी की सरनेम परमार नहीं थी but मेरा बिलीफ सिस्टम इतना स्ट्रांग बन गया था कि अब उसे मिटाना बहुत ही कठिन था,

आज भी शादी के दिनों में मेरे सारे friends पूरी रात लड़कियों को देखते हैं और मैं 10:00 बजे अपने रूम में जाकर सो जाता हु,  मैंने भी अब यह सोच लिया है कि अब girlfriend भी उसे ही बनाऊँगा जिससे शादी होगी, ऐसा करूंगा कि सगाई से लेकर शादी तक अपनी होने वाली पत्नी को girlfriend बना कर रखूंगा और शादी के बाद पत्नी बनाकर रखूंगा,

ठीक है फिर किसी और दिन ऐसी ही मजेदार बातें आप लोगों के साथ शेयर करने आता रहूंगा, तब तक लिए आप लोग सोचिए कि क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है, 

शुक्रवार, 6 सितंबर 2019

सितंबर 06, 2019

आज की बारिश और आज का मेरा दिन enjoy with rain

आज की बारिश और आज का मेरा दिन 

आज बारिश की वजह से मोहल्ले में पानी भर गया तब उस पानी की धारा को देखकर बचपन के वह लम्हे याद या गए, जब इन्ही धारा में हम कागज की नाव बनाकर छोड़ा करते थे, हर घर से कम से 10 से 20 नाव छोड़ी जाती थी और जहां पर पानी रुकता था वहां पर कागज की ढेर हो जाती थी,



आज वही मोहल्ला वही बारिश वही पानी की धारा थी but नाव एक भी नही, इस घटना को देखकर बरसो पहले सुनी एक poem की दो आधी अधूरी पंक्ति याद गई कि.....


आज कल उदास फिरता है
बारिश में मोहल्ले का पानी,
क्योंकि नाव बनाने वाले...
हाथों ने मोबाइल से रिश्ता जोड़ लिया,


आज जब बारिश की बूंदे खड़की के काँच से छू रही थी तो ऐसा लगा कि बारिश मुझे भीगने बुला रही हो, मैंने अपने पड़ोस के एक बच्चे को आवाज लगाई जो दुसरो के मोबाइल में कुछ देख रहा था मैंने उससे कहा कि चलो बारिश में भीगते है but उसने आने से मना कर दिया, फिर मेरी नज़र उस खिड़की पर गई...

वह बूंदे काँच की खटपटा रही थी...
मैं उनके संग खेलता था कभी...
लेकिन तब मैं छोटा था
औऱ..यह बातें भी छोटी थी
तब घर जल्दी जाने की...किसको पड़ी थी,


बचपन मे जिस पानी मे छपाके लगाते थे...उसमे अब किटाणु दिखने लगे...आज जब बारिश से भरे हुए खड़े देखता हूं तो अपने आपसे सवाल पूछता हूं कि क्या बचपन में मैं ही इन गड्ढों में छलांग लगा लगा कर भीगता था, बचपन में सारे student का एक ही सपना होता है कि यह बारिश जम के बरसे और मुझे छुट्टी मिल जाए but आज बारीश जरा ज्यादा बरसे तो कहर हो जाता है, 


बुधवार, 4 सितंबर 2019

सितंबर 04, 2019

Best motivational and inspiring poem 【क्या सही हु मैं】



Best motivational and inspiring poem 

क्या सही हु मै

आज एक बहुत अच्छी poem लिखना चाहता हूं poem बेशक मैंने नहीं लिखी है लेकिन बहुत काम की poem है मेरे और आपके, आज मैं भी कुछ सीख लेता हूं इस poem से और हो सके तो आप भी बहुत कुछ सीख लेना इस poem से, ज्यादा वक्त ना लेते हुए सबसे पहले कविता सुनते हैं और उसके बाद उस पर थोड़ी सी चर्चा करते हैं,

Motivational poem क्या सही हु मैं


Best motivational and inspiring poem
Best motivational and inspiring poem 

यू ढूंड खुद को खुद में क्या यही है तू, 
यू ढूंड खुद को खुद में क्या यही है तू, 
खुद को पूछ यह बात बार-बार 
क्या सही है तू ? 

क्या कमी है...
सब तो यही है...
फिर क्यों दुखी है तू, 
तुझे दुनिया से क्या..
तेरी दुनिया तो खुद ही है तू,

लड़ना भी है तो खुदसे लड़,
क्योंकि खुदको हराता और जीतता..
खुद ही है तू,
खुद को पूछ यह बात बार-बार 
क्या सही है तू ?

तुझे आंकना है खुद को, तुझे मापना है खुद को, 
तुझे आंकना है खुद को, तुझे मापना है खुद को,
फिर जीत कर दिखाना है तुझको और कहना है सबको की...
हा यही हु मैं, 
लेकिन फिर भी खुदको पूछता रहना है तुझको 


बस यह छोटी सी poem थी जो लिखी थी किसी ने अपने आप के लिए but मैंने इस poem को इस तरह से लिखा जैसे यह poem हमसे कुछ कह रही हो, मैं हर बात को इस तरह से लिखने की कोशिश करता हूं जैसे वह लिखावट हमसे बातें कर रही हो और तब जाकर उसके एक-एक शब्द हमारे दिल को छूते हैं,

सोमवार, 2 सितंबर 2019

सितंबर 02, 2019

भगवान होते हैं या नही does God really exist in Hindi

भगवान होते हैं या नही does God really exist in Hindi

आज मुझे उस सवाल का जवाब मिला जिस सवाल का जवाब करोड़ों लोग ढूंढ रहे हैं, न जाने कितनी बार मैंने यह सवाल पूछते हुए लोगों को देखा है और कहीं ना कहीं मेरे दिमाग में भी यही सवाल घूमता रहता था, मैं भी उन लोगों में था जो अक्सर लोगों से सवाल पूछा करता था कि भगवान होता है या नहीं अगर होता है तो किसने देखा, हमारी जो महान ग्रंथभगवत गीता, रामायण ग्रंथ यह सब किसने लिखे किसने ढूंढे क्या इसमें लिखी हुई बात सच है, 

ऐसे तो न जाने कितने सवाल हर इंसान के मन में होते हैं और शायद इसीलिए मेरे मन में भी कभी ना कभी यह सवाल आते रहते थे but सवाल थे इसलिए जवाब को ढूंढना जरूरी था और मुझे सवालों के जवाब ढूंढना कितना पसंद है वह तो आप पिछले 1 साल से जानते ही है,

भगवान होते हैं या नही does God really exist in Hindi

भगवान होते हैं या नही does God really exist in Hindi
भगवान होते हैं या नही does God really exist in Hindi

इस सवाल को ढूंढने के लिए मैंने न जाने कितनी बातें कितने वीडियोस और कितने अर्टिकल्स पढ़े है but मुझे कभी भी उनमें संतोष नहीं हुआ because मेरा मानना है कि कोई भी जानकारी complite नहीं होती, 

हम सब सोचते है कि जैसा हम सोच रहे हैं वह सब सच है but दुनिया की कोई भी जानकारी complite नहीं होती और शायद इसीलिए मुझे कभी भी किसी की भी बात सच नहीं लगी और न ही जुठ लगी, but आज किसी तरह से मुझे जवाब मिल गया लेकिन जवाब देने से पहले मैं कुछ सवाल आप लोगों से पूछना चाहता हूं because यही सवाल आपको भी जवाब देंगे कि भगवान होते हैं या नहीं,

आप सब ने cricket खेला होगा अगर खेला नहीं है तो देखा तो जरूर होगा, क्या cricket खेलते या देखते वक्त कभी आपके दिमाग में यह सवाल उठा कि क्रिकेट में 3 स्टंप ही क्यों होता है,  क्या आपने कभी अपने कैप्टन को या फिर अंपायर से यह सवाल पूछा है की cricket में 3 स्टंप पर क्यों होते हैं,

मैं जानता हूं कि कभी आपने यह सवाल पूछा नहीं होगा और पूछना भी मत because आपको भी पता है और मुझे भी पता है ऐसे सवाल पूछने से मैदान में क्या हालत होती है चलिए यह सब तो ठीक है but सवाल यह है कि भगवान होते हैं या नही,

अगर जिंदगी में किसी भी क्षेत्र में कार्य करना हो और उसका आनंद लेना हो तो कभी भी सिद्धांत पर सवाल मत उठाना, मतलब कि कभी भी अपने fundamental पर सवाल नहीं करना, हमेशा उसे स्वीकार लेना,गर कभी भी आप सिद्धांत (fundamental) पर सोचने लगे तो समझ लीजिए कि आप अपना वक्त बर्बाद कर रहे हैं, 

सोचिए कि आप एक स्टॉल पर आइसक्रीम खरीदने गए और आपने वहां पर सवाल किया कि यह आइसक्रीम किसके दूध से बनी हुई है इसमें क्या क्या डाला हुआ है यह किस कंपनी में बनी है इसे बनाने वाला कौन है इसका आविष्कार किसने किया था तो क्या आप उस आइसक्रीम का मजा ले पाएंगे, 

दूसरी बात यह है कि हमारे जो महान ग्रंथ है उसको किसने लिखा था उसमें लिखित बात सच है या नहीं इस पर सोचने से अच्छा आप उसके रास्ते पर चलना शुरू कर दीजिए, आपको अपने आप पता चल जाएगा कि वह सारी बातें सच है या झूठ, सब मिलाकर एक ही बात कहना चाहता हूं कि कभी भी सिद्धांत (fundamental) के ऊपर सवाल नहीं उठने चाहिए,

अब शायद आपको यह जवाब मिल गया होगा कि भगवान होते हैं या नहीं, अगर नहीं मिला है तो कोई बात नहीं मुझे तो मिल गया, आप चाहे तो इस video को देख सकते है जहाँ से मुझे इस बात का ज्ञान हुआ है