मंगलवार, 26 मार्च 2019

एक सुंदर प्रेणादायक घटना A beautiful scenic event

एक सुंदर प्रेणादायक घटना A beautiful scenic event


आज एक बहुत ही अच्छी कहानी सुनने मिली, सुनकर बहुत अच्छा लगा इस कहानी में उस लोगों का वर्णन किया हुआ था जो अच्छाई को छोड़कर बुराई की ओर चले जाते हैं और आंतकवादी बन कर तबाही मचाते हैं,

कहानी बिल्कुल छोटी सी है लेकिन समझदार को तो इशारा काफी है फिर छोटी सी कहानी में क्यों समझ में नहीं आएगा,


एक सुंदर प्रेणादायक घटना A beautiful scenic event

एक सुंदर प्रेणादायक घटना A beautiful scenic event
एक सुंदर प्रेणादायक घटना A beautiful scenic event

एक बस माता जी के दर्शन करने के लिए किसी यात्रा धाम की ओर जा रही थी उस बस में हर जाति के लोग बैठे हुए थे, सभी लोग माता जी का नाम पुकारते पुकारते और हंसी मजाक के साथ बस में सफर कर रहे होते हैं,

अचानक उस बस में कुछ आंतकवादी हमला कर देते हैं और सब को एक ही सवाल पूछते हैं उनका सवाल यह होता है कि “क्या उन मुसलमान हो", अगर कोई कहता है कि “हां मैं मुसलमान हूं" तो उसे कुरान का कोई भी आयात बोलने के लिए कहते,

उस बस में बैठे हुए कुछ मुसलमान कुरान की आयात सुना कर बच गए और कुछ अलग जाति के लोग जो कुरान के आयात नहीं सुना पाए उसकी उस आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी,

उसी बस की last chair में एक हिंदू परिवार बैठा हुआ था उस परिवार के एक बुजुर्ग आदमी के सर पर बंदूक रखकर एक आंतकवादी ने कहा कि “तुम मुसलमान हो" तभी उस बुजुर्ग आदमी ने कहा कि “हां मैं मुसलमान हूं" उसके बाद उस आंतकवादी ने उस बुजुर्ग आदमी को कहा कि तो फिर मुझे एक कुरान की आयत सुना कर बताओ, उस बुजुर्ग आदमी ने सुना दी,

आंतकवादी बस में बैठे हुए सारे मुसलमानों को जिंदा छोड़कर वहां से चले गए, तब एक असली मुसलमान ने उस हिंदू परिवार के उस बुजुर्ग आदमी से कहा कि “मैं जानता हूं कि आपने जो आयात  सुनाइ थी वह कुरान की आयत नही थी वह भगवत गीता का एक श्लोक था फिर भी उसने आपको कैसे छोड़ दिया"

उस बुजुर्ग आदमी ने कहा कि “मैं जानता था कि उस आंतकवादी ने कुरान नहीं पढ़ी थी" तब उस मुसलमान ने कहा कि “आपको कैसे पता चला कि उसने कुरान नहीं पढ़ी होगी" तब उस हिंदू बुजुर्ग ने कहा कि “अगर उसने कुरान बड़ी होती तो वह आंतकवादी नहीं होता"

में जानता हूं कि आप आंतकवादी नहीं है आप मतलब आप जो इसे पढ़ रहा है क्योंकि आंतकवादी कभी पढ़ा भी नहीं करते अगर वह पढ़ लेते तो भी शायद आंतकवादी नहीं होते लेकिन हमें इस छोटी सी घटना से क्या सीखने मिलता है उस विषय पर हम बातें करते हैं,

मुझे सिर्फ इस कहानी से यह सीखने मिला कि हमें जिंदगी में एक बार जो हमारे महान ग्रंथ है जैसे कि गीता, कुरान, बाइबिल आदि.., जिसे पढ़कर हजारों लोग अपनी जिंदगी में कामयाब बने हैं वैसे महान ग्रंथों को कम से कम एक बार पढ़ना चाहिए,

शुक्रवार, 22 मार्च 2019

तुम ये नही कर सकते You can not do this

तुम ये नही कर सकते You can not do this

तुम ये नही कर सकते You Can Not Do This
तुम ये नही कर सकते You Can Not Do This

आज मैं जिस कहानी के बारे में आप सब लोगों से बात करने वाला हूं वह कहानी मैंने हमारे देश के 3 मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा दूसरा संदीप महेश्वरी व तीसरा हिमेश मदन में से किसी एक के किसी एक से video में सुनी थी लेकिन किस में सुनी थी वह मुझे याद नहीं है,

आज पूरा दिन मैंने बहुत सारा काम किया है इसलिए बहुत थका हुआ भी हूं और वक्त भी नहीं है इसलिए ज्यादा बात नहीं करना चाहता और सीधे कहानी की ओर चलता हूं,

दो बच्चे थे जिसमें से एक बच्चा 7 साल का था और दूसरा बच्चा 15 साल का था, दोनों ही अपने गांव में घूम रहे थे और घूमते घूमते अचानक वह खेतों की ओर चले गए, जहां आसपास कोई भी नहीं दिखाई दे रहा था और तभी अचानक 15 साल का बच्चा एक कुएं में गिर जाता है, 

7 साल का बच्चा यह देखकर बहुत ही डर जाता है और इधर-उधर देखने लगता है और अचानक उसकी नजर एक रस्सी की और पड़ती है वह तुरंत उस रस्सी के पास जाता है और उसे उठा कर उस कुएं में डालता है, 

वह कुवा बहुत गहरा नहीं था सिर्फ 40 फुट का था, एक्चुअली हम हम उसे कुवा भी नहीं कह सकते, उस बच्चे ने रस्सी को कुवे में डाली और अपनी जी जान लगाकर 15 साल के बच्चे को उस कुवे से बाहर निकाला, 

जब घर जाकर उन्होंने बनी इस घटना को अपने माता-पिता और अपने गांव वालों के साथ शेयर की, तब उनमें से कोई भी उसकी बात मानने के लिए राजी नहीं था, क्योंकि उन सबको ऐसा लग रहा था कि यह 7 साल का बच्चा इस 15 साल के बच्चों को कभी नहीं खींस सकता, 

सबको उनकी बात पर भरोसा नहीं था और तभी अचानक उस गाँव के सरपंच ने कहा कि ये दोनों सच बोल रहे है, सब लोगों को आश्चर्य हुआ और सब ने पूछा कि ऐसा कैसे हो सकता है, ये इतना छोटा बच्चा 15 साल के बच्चे को कैसे उठा सकता है, तभी जब उसने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वहां दूर-दूर तक इस 7 साल के बच्चे को ऐसा कहने वाला कोई नहीं था कि तुम ये नहीं कर सकते,

बस ऐसा ही हमारी साथ होता है दोस्तों, जब भी कोई कह देता है कि तुम ये नहीं कर सकते हो, तब चाहे हम जितने भी पॉजिटिव क्यों ना हो हमारे दिमाग कहीं ना कहीं डगमगता है,  

कभी किसी को यह मत कहे की तुम यर नही कर सकते,  और कभी किसी की बात को सुने भी नहीं अगर कोई कहता है कि तुम ये नहीं कर सकते तो उसे इग्नोर करना सीखिए मैं जानता हूं कि यह आसान नहीं होगा लेकिन इसे आसान बनाना आपके हाथ में नहीं है ऐसा बिल्कुल नहीं है ऐसा हो सकता है अगर आप कठोर परिश्रम और अपने दिमाग को नियंत्रण करना सीख लेते हैं तो,

बुधवार, 20 मार्च 2019

Some beautiful and motivational quotes for life in Hindi

Some beautiful and motivational quotes for life in Hindi


Time की कीमत newspaper से पूछो,
जो morning tea के साथ होता है, 
वही night को रद्दी के साथ मिल जाता है,

Morning की नींद इंसान के इरादों को Weak करती हैं, 
इसलिए अपने target को archive करने वाले लोग, 
Morning में देर तक नहीं सोया करते,

Some beautiful and motivational quotes for life in Hindi
Some beautiful and motivational quotes for life in Hindi

affection वह चीज है, 
जो childhood में free में मिलता है, 
youth में कमाना पड़ता है, 
Old age में मांगना पड़ता है,

Motivational and inspiration quotes


till live till then learn 
Because,  Experience is the best teacher of life,

हम looser तब नही कहलाते, 
जब हम गिर जाते है, 
looser तब कहलाते है 
जब हम उठने से इनकार करते है,

Good people की सबसे बड़ी Goodness यह होती है,  
उन्हें memorize रखना नही पड़ता, 
वो memorize हो जाते है,

Beautiful and motivational quotes

Some beautiful and motivational quotes for life in Hindi
Some beautiful and motivational quotes for life in Hindi

Human खुदकी नज़र में right होना चाहिए, 
Because दुनिया तो god से भी दुःखी है,

Some beautiful and motivational quotes for life in Hindi
Some beautiful and motivational quotes for life in Hindi

Nature का एक Principle है, 
जो तुम बाँटोगे वही तुम्हारे पास Uncountable होगा, 
चाहे वो Wealth हो, 
दूसरों के लिए Hate हो, 
affection हो या respect हो,

Condemnation से घबराकर अपने goal को ना छोड़े, 
Because goal पर पहुंचने के बाद, 
अक्सर people अपनी opinion बदल देते हैं,

सोमवार, 18 मार्च 2019

परिस्थिति नही अपनी मनःस्थिति को बदले change your mindset not circumstances

परिस्थिति नही अपनी मनःस्थिति को बदले change your mindset not circumstances


आजकल के people की आधी से ज्यादा problem परिस्थितियों को लेकर है, हर बार परिस्थिति को लेकर हम बार-बार excuse दिया करते हैं, कुछ people कहते हैं कि मेरे पास यह नहीं था इसलिए मैं यह नहीं कर पाया, मेरी circumstances अच्छी नहीं थी इसलिए मैं वो नहीं कर पाया, न जाने कैसे-कैसे excuse हम सिर्फ एक परिस्थिति के नाम पर लोगों को दिया करते हैं,

इसका सबसे बड़ा reason यह है कि हम वह देखते हैं जो सामने वाले के पास है हमने कभी मुड़कर अपनी और देखा ही नहीं कि आखिर हमारे पास क्या है, एक बार अगर हमने देख लिया होता तो maybe हम किसी को circumstances के नाम पर excuse कभी नहीं देते,

वैसे यह लोगों की problem है इसलिए मेरी भी problem है because मैं भी लोगों में ही आता हूं, और कल तक ये मेरी भी यही problem थी, आपने अगर गौर से read किया तो मैंने कहा कि कल तक ये मेरी भी यही problem थी “कल तक आज नही"

परिस्थिति नही अपनी मनःस्थिति को बदले change your mindset not circumstances

परिस्थिति नही अपनी मनःस्थिति को बदले change your mindset not circumstances
परिस्थिति नही अपनी मनःस्थिति को बदले change your mindset not circumstances


आज ऐसा क्या हुआ जो मैंने circumstances को लेकर excuse देना छोड़ दिया, maybe आप लोगों ने यह image देख लिया होगा इसलिए आप लोगों को समझ में आ गया होगा कि मैंने क्यों छोड़ दिया,

but मैं फिर भी इस दो lines पर कुछ बातें यहां पर जरूर करना चाहूंगा because मैं चाहता हूं कि मैं इस दो lines को थोड़ा Detailed करके अपने आप को समझाने की कोशिश करू और उन people को समझाने की कोशिश करू, जो maybe इन दो लाइनों को ठीक से समझ ना पाए हो,

मैंने starting में ही बात की थी कि ऐसा बहुत कुछ है हमारे पास, जो दूसरों के पास नहीं है, लेकिन बजाएं हम अपने skills की तारीफ करने से ज्यादा हम दूसरों की निंदा करने में लग जाते हैं, ऐसा क्यों होता है उसका तो कोई scientific reason नहीं है लेकिन यह बहुत गलत होता है, हा में मानता हूं कि हमें दूसरों की तारीफ करनी चाहिए but सिर्फ तारीफ़ करे, हम उनके जैसे क्यों बने अगर हम उसके जैसे बनने लगे तो हमारे अस्तित्व क्या ? कभी सोचा है,

मुझे लगता है कि मैं मुद्दे से थोड़ा भटक चुका हूं हम बात कर रहे हैं circumstances की, मैं कुछ questions पूछना चाहता हूं उन लोगों से जो कहते हैं कि हम circumstances के वजह से आगे नहीं बढ़ पाते हैं और यही सवाल मैंने खुद से भी पूछे थे और मुझे जवाब मिले जो सच में बहुत ही सोचने वाले थे,


परिस्थिति नही अपनी मनःस्थिति को बदले change your mindset not circumstances


Questions ये  थे कि क्या आप को 2 time का खाना नहीं मिलता, क्या आप के ऊपर रहने के लिए छत नहीं है, क्या आपके पास पहनने के लिए कपड़े नहीं है क्या आपके पास अपना गम बांटने के लिए कुछ friends और कोई family members नहीं है,

अगर इतना कुछ भी नहीं है तो सोचिए कि क्या आपकी सांसे आपके पास नहीं है, क्या आप जिस इस earth में रह रहे उसने घूमना छोड़ दिया है, क्या आप जिस माहौल में रह रहे हैं वहां पर oxygen का आना बंद हो गया है, क्या आपके खुद के हाथ पैर और आपके दिमाग ने काम करना छोड़ दिया है,

I know कि मैंने जिस जिस चीज की बात यहां कही है यहां पर वह सब कुछ आपके पास है, अगर इनमें से एक चीज भी आपके पास नहीं होती तो maybe आप यहां पर इसे read नहीं कर रहे होते, फिर किस circumstances की बात आप यहां पर कर रहे हैं, मै और आप


Because परिस्थिति तो तब गंभीर होती जब इनमें से अगर कुछ भी आपके पास नहीं होता, मैंने सालों पहले इस परिस्थिति को लेकर यह बहुत अच्छा article पढ़ा था but बुरी बात यह है कि मैंने दिमाग से वह निकल गया है, आज मुझे बहुत दुख हो रहा है कि मेरे पास उस article की चंद लाइनें भी नहीं है आप लोगों को बताने के लिए और खुद को भी बताने के लिए, अगर होती तो maybe मैं आपको और खुद को बहुत ही अच्छी तरह से इस topic को समझा सकता था,

कहने की बात यह है कि जब भी कुछ करने की try करें तो यह सोचकर करें कि मेरे पास सब कुछ है, मुझे कुछ भी नहीं चाहिए और फिर बिना किसी फल के आशा के साथ अगर आप कुछ work करते हैं तो फ़ल अपने आप मिलना है,

कुछ लोग सोचेंगे कि अगर हमने ऐसा सोच लिया कि हमारे पास सब कुछ है तो हम कुछ भी क्यों करेंगे, वह इसलिए because हमें सीखना कभी भी बंद नहीं करना चाहिए और यह बात मैं पहले भी बहुत बार कह चुका हूं, और मैं भी यहां पर रोज आकर अपने knowledge इसलिए शेयर करता हूं because मैंने ना ही कल learning बंद की थी और ना ही मैं कल learning बंद करूंगा,


शनिवार, 16 मार्च 2019

Apni knowledge share karni chahiye by my experience

Apni knowledge share karni chahiye

आज भी pinterest पर  post पढ़ते पढ़ते एक बहुत ही interesting post मेरे सामने आया, जिसमें English में 4 लाइने लिखी हुई थी, आज में उसी 4 lines को deply mention करने के लिए और जिंदगी में implement करने के लिए यहाँ आया हु, 

first of all में उस 4 पंक्ति को यहां लिखना चाहता हु, उसके बाद में ख़ुदको और maybe अगर कोई इसे read कर रहा है उसको, यह समझाने की कोशिश करुगा जो मैंने सीखा है, तो lines कुछ इस प्रकार थी......

When you are unsuccessful then......,
People only interesting on your work,
And....
When you are succeed.....,
People just interesting on your thoughts,

Apni knowledge share karni chahiye
Apni knowledge share karni chahiye


इस lines का meaning बताने से पहले, मैं अपनी एक habit के बारे में आप सब friends को बताना चाहता था, मेरी वह habit इस पंक्ति से जुड़ी हुई है maybe आपको समझने में आसानी हो जाएगी,

Habit कुछ इस प्रकार थी मेरी की अगर में दिन में कुछ भी सीखता था उसे मैं रात को सब से share करने की कोशिश करता था, इसलिए में अपने friends को phone कर कर के मैंने जो सीखा होता है वह बताने की कोशिश करता था, because में चाहता था कि जो कुछ भी मुझे आता है  वह सब मेरे friends भी सीख जाए,

इस तरह से knowledge एक दूसरे के साथ share करने से उनकी knowledge में भी बढ़ोतरी हो जाए, but जब मैं अपने friends को अपनी knowledge share करने के लिए कभी कभी वक़्त मिलने पर phone करता हु तब मैंने एक बात notice की, मेरे किसी भी friends को मेरी किसी भी knowledge से कोई मतलब नहीं था,

Apni knowledge share karni chahiye


childhood से ही hostel में रहकर मैंने चाहे कुछ और ना सीखा हो but हमारे सर हमेशा यह कहा करते थे कि अपनी knowledge दूसरों के साथ share करना कभी नहीं भूलनी चाहिए, एक ही बात 8 सालों में मैंने न जाने कितनी बार सुनी होगी और इसी वजह से मेरे brain में यह बात इस तरह से घुस गई थी कि मुझे जो कुछ भी सीखने मिलता, में उसे अपने आसपास के relative या फिर friends को शेयर करता ही,

Today I came to know that लोगों को हमारी सोच से कोई मतलब नहीं है लोग तो बस वही सीखना, वहीं समझना और वही सोचना चाहते जो उनके लिए सीमित है maybe में ही पागल था जो समझ बैठा की हर कोई मेरी तरह हर time हर moment कुछ न कुछ सीखता चाहता है,

इस पंक्ति के meaning की अगर बात करें तो, यह चार lines यह कहना चाहती हैं कि जब आप successful नहीं हैं तो लोगों को आपकी किसी भी thoughts से कोई मतलब नहीं है, तब आप सिर्फ और सिर्फ अपने work पर ध्यान दें, उस वक्त आप क्या सोचते हैं आप क्या समझते हैं उससे लोगों को कोई फर्क नही पड़ता,

जब आप successful हो जाते है तब लोगों को आप के काम से कोई मतलब नहीं है कोई आपसे पूछेगा नही की आप उसके बाद किछ करते भी है या नही, लोग सिर्फ यही जानना चाहते कि आप सोचते क्या हो, ऐसा आपने क्या सोचा जिसकी वजह से आप successful है सब लोग आपकी हर बातों पर interest लगे,

Maybe यही वजह थी जिसकी वजह से कभी कोई मुझे सुनना नहीं चाहता था और मैंने भी सुनाना छोड़ दिया, आजकल जो कुछ भी सीखता हु उसे यहां पर आकर लिख देता हु, जब मेरे किसी भी blog में एक views आ जाता है तब कम से कम मुझे यह दिलासा मिलता है कि मैंने अपनी knowledge अपने तक सीमित ना रखकर दूसरे के साथ भी share की है,

और भी बहुत सारे meaning इन चार lines के होंगे but मेरे समझ के हिसाब से तो मैं यहां तक कि पहुंच पाया और ना जाने कौन-कौन से तथ्यों और sense होंगे इन 4 lines के शायद , लेकिन हम यहां तक ही रखते है, 

गुरुवार, 14 मार्च 2019

choose only one direction in your life अपने जीवन में केवल एक दिशा चुनें

choose only one direction in your life

choose only one direction in your life
choose only one direction in your life

कुछ time पहले मेरे अंदर एक बहुत ही bed thinking आ गई थी उसे मैं bed  तो नहीं कह सकता but मेरे आनेवाले future के लिए वह बहुत harmful थी, 

Exully हुआ ये था कि मैं अपने friends को देख कर उसके अंदर जो skills है उस skills को भी में सीखने की कोशिश करने लगा, मैं चाहता था कि मुझे सब कुछ आए, मैं वह सब कुछ सीख सकूं जो मेरे सारे friends को आता है मतलब की उसके साथ communicate करते time भी उसके उसके पास जितने knowledge है उतना knowledge मेरे पास हो,

Because मैं डरता था इस बात से कि किसी दिन वह मुझे यह ना कह दे कि क्या तुम्हें इस चीज के बारे में knowledge है, क्या तुम यह कर सकते हो जो मैं कर सकता हूं that's because में अपना direction  मिस करता जा रहा था,

मैं सोच रहा था कि कहीं किसी जगह से मुझे ऐसी knowledge मिल जाए, जिस knowledge की बदौलत में सिर्फ अपनी direction पर work करूं, मैं सिर्फ अपने goal को archive करने की कोशिश करू और जो कुछ भी मुझे नहीं सीखना चाहिए उसे छोड़ दु, फिर चाहे भले मेरा friends या मेरा कोई raletive मुझे आकर कहे कि तेरे पास इस चीज को लेकर knowledge नहीं है,

आज जब मैंने mahabharat का एक बहुत ही अच्छा किस्सा सुना, जो मैने पहले भी कई बार सुना था but उस वक़्त शायद में इतना mature नही था इस लिए में समझने में सक्षम नही था लेकिन आज जब मैंने वह किस्सा सुना तब सारे doubt clear हो गए,

बात उस time की है जब द्रोणाचार्य ने पांडवों और कौरवों को शिक्षा देने की शुरुआत की थी, सबसे पहले उसने यह खोजने की कोशिस की इनमें से कौन ऐसा है जो धनुर्विद्या में सक्षम है, इसलिए वह सा छात्रों को एक पेड़ के नीचे ले गए और सब से कहा कि सामने जो पेड़ है उसमें एक चिड़िया है आप सब लोगों को उस चिड़िया की आंख पर निशान लगाना है,

सबसे पहले द्रोणाचार्य ने दुर्योधन को अपने पास बुलाया, और कहा...

द्रोणाचार्य :- देखो उस पेड़ की ओर और बताओ मुझे कि तुम्हें क्या दिख रहा है, 

दुर्योधन :- गुरु जी मुझे पेड़ दिख रहा है और चिड़िया देख रही है आकाश भी दिख रहा है,

द्रोणाचार्य :-  और तुम्हें क्या दिख रहा है, 

दुर्योधन :- और मुझे वृक्ष की पत्तियां दिखाई दे रही है,

द्रोणाचार्य :- बहुत अच्छा...! वहाँ पर खड़े हो जाओ,

फिर द्रोणाचार्य ने युधिष्ठिर को बुलाया,

द्रोणाचार्य :- उठाव धनुष और बनाव युधिष्ठिर तुम्हें क्या दिखाई दे रहा है,

युधिष्ठिर :- गुरु जी मुझे चिड़िया दिखाई दे रही है उसके पंख दिखाई दे रहे है उसकी आंखें दिखाई दे रही हैं,

द्रोणाचार्य :- और क्या दिखाई दे रहा है, 

युधिष्ठिर :- मुझे पेड़ भी दिखाई दे रहा है गुरुजी,

द्रोणाचार्य :- बहुत बढ़िया....! वहाँ पर खड़े हो जाओ,

उसके बाद नकुल और सहदेव आये और लास्ट में कौन आया.............? कौन आया........Last में............? मैं आप सबसे पूछ रहा हु जो यह पढ़ रहे है, अब maybe अपने सोच लिया होगा औऱ आपका answer होगा......अर्जुन, but sorry friend's उसके बाद आया भीम, 

द्रोणाचार्य :-  बोलों भीम तुम्हें क्या दिखाई दे रहा है,

भीम :-  गुरुजी मुझे आम दिखाई दे रहे है,

द्रोणाचार्य :- और क्या दिखाई दे रहा है भीम,

भीम :-  मुझे बहुत सारे आम दिखाई दे रहे हैं गुरुजी, 

द्रोणाचार्य :- क्या तुम्हें चिड़िया की आंख नहीं दिखाई दे रही है भीम,

भीम :-  माफ कीजिए गुरु जी मुझे तो चिड़िया ही नहीं दिखाई दे रही हैं,

और finally अब last में आया अर्जुन, 

द्रोणाचार्य :- अर्जुन तुम्हें क्या दिखाई दे रहा है,  

अर्जुन :- गुरुजी मुझे चिड़िया की आंख दिखाई दे रही है, 

द्रोणाचार्य :- और........, 

अर्जुन :- मुझे चिड़िया की आँख दिखाई दे रही है,  

द्रोणाचार्य :- मैं तुम्हारा गुरु, क्या तुम्हें मैं नहीं दिखाई दे रहा हूं,

अर्जुन :- क्षमा कीजिए गुरुजी लेकिन मुझे चिड़िया की आंख के अलावा और कुछ नहीं दिखाई दे रहा है,

finally अब मैंने सिर्फ अपने डायरेक्शन पर जाने का सोच लिया है और मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कुछ ऐसी चीज है जो मेरे दोस्तों को आती है और मुझे नहीं आती मेरे रिलेटिव को पता है और मुझे नहीं पता और मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई मेरे सामने ऐसे सब्जेक्ट को लेकर मुझ से बातें करें जो मुझे नहीं पता और मैं मुस्कुरा कर उनसे कहूंगा आप के एम सॉरी आई डोंट नो,